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'मैंने उस्मान हादी को 5 लाख का चंदा दिया', हत्या के आरोपी ने क्या-क्या बताया?

बांग्लादेश में छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की हत्या का आरोपी फैसल करीम मसूद ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वह दुबई में है। साथ ही उसने यह भी दावा किया कि उसने हादी को चंदा दिया था।

Usman Hadi & Faisal Karim

उस्मान हादी और फैसल करीम, Photo Credit- Social Media

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बांग्लादेश की राजधानी ढाका में छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना के बाद अंतरिम सरकार पर दबाव बढ़ गया कि हत्यारों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए। सरकार ने आरोप लगाया कि हत्या के आरोपियों में शामिल फैसल करीम मसूद उर्फ दाउद भारत भाग गया है और वहीं छिपा हुआ है। इन आरोपों के बीच दाउद का एक बयान सामने आया है जिसमें उसने इन सभी दावों को खारिज किया। दाउद ने कहा कि वह भारत में नहीं बल्कि दुबई में है। उसने यह भी दावा किया कि उसने उस्मान हादी को 5 लाख रुपये का चंदा दिया था।

 

मुख्य आरोपी बताए जा रहे दाउद ने हत्या में किसी भी तरह की अपनी भूमिका से साफ इनकार किया है। बता दें कि उस्मान हादी को गोली लगने के छह दिन बाद, 18 दिसंबर को ढाका के एक अस्पताल में मौत हो गई थी।

 

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'नौकरी के लिए दिए 5 लाख रुपये'

हत्या के आरोपी दाउद ने अपने वीडियो मैसेज में बताया कि वह गोलीबारी से पहले उस्मान के ऑफिस गया था लेकिन उसने इस बात पर जोर दिया कि इंकलाब मंच के नेता के साथ उसका रिश्ता पूरी तरह से बिजनेस से जुड़ा था। उसने कहा, 'मेरे परिवार को इस मामले में झूठा फंसाया जा रहा है। उन्हें पूरी तरह से निर्दोष होने के बावजूद गंभीर रूप से परेशान और प्रताड़ित किया जा रहा है।'

 

आगे उसने कहा कि उस्मान की हत्या जमाती तत्वों ने की है। उस्मान खुद जमात का आदमी था। उसने कहा, 'मैं हादी के ऑफिस गया था। मैं एक बिजनेसमैन हूं। मेरी एक आईटी फर्म है और मैं पहले वित्त मंत्रालय में काम करता था। मैं नौकरी के लिए हादी से मिलने गया था। उसने नौकरी दिलाने का वादा किया और इसके लिए एडवांस पेमेंट मांगा।' आगे कहा, 'इसके लिए मैंने उसे 5 लाख टका दिए। उन्होंने मुझसे अपने अलग-अलग प्रोग्राम के लिए डोनेट करने को भी कहा और जब भी उन्होंने रिक्वेस्ट किया मैंने फंड दिया।'


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बांग्लादेश सरकार पर दबाव

यह वीडियो मैसेज ऐसे समय आया है जब यूनुस के नेतृत्व वाली सरकार इंकलाब मंच के 30 दिन के अल्टीमेटम का सामना कर रही है। यह अल्टीमेटम हादी की मौत के अगले दिन से शुरू हुआ था। इसमें हत्यारों के खिलाफ मुकदमा चलाने की मांग की गई है। साथ ही अलग-अलग जगहों से आरोप लग रहे हैं कि हादी की हत्या सरकार के भीतर के एक गुट ने फरवरी में होने वाले राष्ट्रीय चुनाव को प्रभावित करने के लिए करवाई थी। हादी की मौत के बाद हुई हिंसा को भी इसी साजिश से जोड़कर देखा जा रहा है।

 

वहीं, ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस के एडिशनल पुलिस कमिश्नर (क्राइम एंड ऑपरेशंस) एस.एन. मोहम्मद नजरुल इस्लाम ने दावा किया था कि मसूद भारत भाग गया है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने अभी तक मामले में चार्जशीट दाखिल नहीं की है। 

भारत का जवाब

28 दिसंबर को बांग्लादेश की सरकार ने यह दावा किया था कि हादी मामले के दो मुख्य आरोपी मसूद और आलमगीर शेख, बांग्लादेश से भाग गए और अपने स्थानीय साथियों की मदद से भारत के राज्य मेघालय में घुस गए हैं। इसके बाद भारत की तरफ से कहा गया कि यह बयान मनगढ़ंत और दुर्भावनापूर्ण है। दूसरी ओर, मेघालय के डीजीपी इदाशिशा नोंगरांग ने इस दावे को बेबुनियाद बताया। भारत की सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने भी कहा है कि न तो उसने ऐसी कोई घटना देखी है और न ही उसे इस तरह की कोई सूचना मिली है।


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