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तस्करी के 3 साल बाद स्टारलिंक डिवाइस ने कैसे ईरान की नींद उड़ाई?

ईरान में इंटरनेट बंद होने के बावजूद प्रदर्शनकारी ऑनलाइन एक्टिव थे। यह सब संभव हुआ था स्टारलिंक के उपकरणों से। इन उपकरणों को तीन साल पहले तस्करी करके लाया गया था।

Iran protests

ईरान प्रदर्शन। ( Photo Credit: Social Media/@elonmusk)

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पिछले साल 28 दिसंबर को ईरान में महंगाई के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू हुआ। बाद में यह सत्ता विरोधी लहर में बदल गया। हजारों लोगों की मौत के बाद अमेरिका ने सैन्य कार्रवाई की धमकी दी। बढ़ते विरोध प्रदर्शन के बीच 8 जनवरी को ईरान ने पूरे देश में इंटरनेट ब्लैकआउट कर दिया। सरकार के इस कदम के बाद ईरान से प्रदर्शन के फोटो और वीडियो आने थम गए। इंटरनेट बंद होने के बाद सरकार ने शक्ति के दम पर विरोध प्रदर्शनों को रोका। घर-घर तलाशी ली। ईरानी सुरक्षा बलों को एलन मस्क की कंपनी स्टारलिंक के उपकरण की तलाश थी।

 

इंटरनेट बंद होने से ईरान आज पूरी दुनिया से कट चुका है। वहां क्या हो रहा है, किसी को कुछ नहीं पता है। हजारों ईरानी एलन मस्क के स्टारलिंक के माध्यम से दुनियाभर में विरोध प्रदर्शन के फोटो और वीडियो भेजते थे। मगर अब काफी हद तक देश में शांति लौट आई है। बताया जा रहा है कि स्टारलिंक ने प्रदर्शनकारियों को न केवल एकजुट किया, बल्कि तेहरान में फैले अशांति की सूचना दुनिया तक पहुंचाई।

 

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स्टारलिंक के सैटेलाइट इंटरनेट सिस्टम को तस्करी करके ईरान पहुंचाया गया था। तस्करी के करीब 3 साल बाद इन उपकरणों ने ईरानी सरकार के खिलाफ लोगों के गुस्से को बढ़ाने में मदद की। न्यूयॉर्क टाइम्स ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि कैसे स्टारलिंक ने ईरान के कम्युनिकेशन ब्लैकआउट को तोड़ा। नेटब्लॉक्स के मुताबिक 8 जनवरी को ईरान में देशव्यापी इंटरनेट बंद होने के बाद इंटरनेट ट्रैफिक में करीब 99 फीसद की कमी आई। ईरान के लोग वीपीएन से एक्स और इंस्टाग्राम जैसे एप्स का इस्तेमाल कर रहे थे। मगर यह भी बंद हो गए। 

 

साल 2022 में ईरान में बड़े पैमाने पर हिंसक विरोध प्रदर्शन हो चुके हैं। उस वक्त इंटरनेट बंद होने के बाद ईरान के लोगों ने आसपास के देशों से स्टारलिंक सिस्टम तस्करी करके लाए थे। इसमें अमेरिकी विदेश विभाग का भी हाथ था। उसने एलन मस्क की कंपनी के स्पेसएक्स के साथ काम किया और नागरिक समूह को यह प्रशिक्षण दिया कि कैसे नई उपकरणों को सरकारी की नजरों से बचाया जा सके।

 

2022 में अमेरिकी विदेश सचिव एंटनी ब्लिंकन ने लिखा था, 'हमने आज ईरानी लोगों के लिए इंटरनेट की आजादी और जानकारी के फ्री फ्लो को बढ़ावा देने के लिए कार्रवाई की। ईरानी सरकार की सेंसरशिप का मुकाबला करने के लिए उन्हें डिजिटल कम्युनिकेशन तक अधिक एक्सेस देने के लिए एक जनरल लाइसेंस जारी किया है।' ब्लिंकन के पोस्ट पर एलन मस्क ने कमेंट किया था, 'स्टारलिंक को सक्रिय कर रहा हूं।'

 

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स्टारलिंक यूनिट्स की तस्करी में शामिल अहमद अहमदीन ने बताया कि टेलीग्राम चैनलों और अन्य ऑनलाइन माध्यम से स्टारलिंक की यूनिटों को बेचा गया। यूएई, इराकी कुर्दिस्तान, आर्मेनिया और अफगानिस्तान के रास्ते इन्हें ईरान पहुंचाया गया और तस्करी से वहां एक नेटवर्क स्थापित किया गया है। उनके मुताबिक ईरान में इंस्टाग्राम और यूट्यूब देखने वालों ने इन उपकरणों को खरीदा। एक स्टारलिंक टर्मिनल की तस्करी में 700 से 800 डॉलर का खर्च आता था। 

 

 

 

 

रिपोर्ट के मुताबिक ईरान में करीब 50,000 स्टारलिंक टर्मिनल को छतों और अन्य स्थानों पर छिपाया गया था। ईरान सरकार ने इसकी जानकारी थी। कुछ स्थानों पर इलेक्ट्रॉनिक जैमिंग से रोकने की कोशिश की। कुछ सफलता मिली, लेकिन बड़ा नेटवर्क होने के कारण इंटरनेट पूरी तरह से बंद नहीं हो सका। रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरानी सरकार ने विश्वविद्यालयों के आसपास स्टारलिंक के नेटवर्क को खत्म किया। सोशल मीडिया पर कई वीडियो वायरल हैं। जिसमें ईरानी सुरक्षा बल घरों से स्टारलिंक यूनिटों को बरामद करते दिखाई पड़ रहे हैं। 


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