• WASHINGTON D.C.
03 Jun 2025, (अपडेटेड 03 Jun 2025, 12:11 PM IST)
अमेरिका सबसे बड़े हथियार निर्यातकों में से एक है। स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट के आंकड़ों के मुताबिक अमेरिकी अर्थव्यवस्था में हथियार बाजार का योगदान 27 लाख करोड़ से ज्यादा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, व्लादीमीर पुतिन और डोनाल्ड ट्रम्प की AI जनरेटेड तस्वीर। (Photo Credit: ChatGPT)
पूरी दुनिया में अपनी मनमानी व्यापार नीतियों की वजह से आलोचना का शिकार हो रहे डोनाल्ड ट्रम्प चाहते हैं कि भारत, रूस की जगह अमेरिका से ही हथियार खरीदे। उन्हें भारत और रूस का व्यापार समझौता इस हद तक बुरा लगता है कि उनके कॉमर्स सिक्रेट्री हॉवर्ड लुटनिक यह तक कह देते हैं कि भारत, रूस से हथियार खरीदता है, जिसकी वजह से अमेरिका को परेशानी होती है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अगर आप रूस से हथियार खरीदने जा रहे हैं तो यह अमेरिका को परेशान करने का एक तरीका है।
अमेरिका के कॉमर्स सिक्रेट्री हॉवर्ड लुटनिक ने कहा, 'भारत सरकार ने कुछ ऐसी चीजें कीं जो आम तौर पर संयुक्त राज्य अमेरिका को बुरी तरह से प्रभावित करती थीं। आप आम तौर पर रूस से हथियार खरीदते हैं। अगर आप रूस से अपने हथियार खरीदने जा रहे हैं तो यह अमेरिका को परेशान करने का एक तरीका है।'
दुनियाभर के हर युद्ध में मध्यस्थ बनने को बेताब अमेरिकी नीति रही है कि युद्धग्रस्त देशों में सुरक्षा के नाम पर अपना हथियार बेचे। अमेरिका सऊदी अरब से लेकर इजरायल तक को हथियार बेचता है। स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट के आकंड़े बताते हैं कि अमेरिका हथियार बेचकर करीब 318.7 अरब डॉलर कमाता है। भारतीय रुपये में यह संख्या 2,661.55 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा है।
#WATCH | Washington DC | US Secretary of Commerce Howard Lutnick says, "...There were certain things that the Indian government did that generally rubbed the United States the wrong way. For instance, you generally buy your military gear from Russia. That's a way to kind of get… pic.twitter.com/CxoqRZQLJ2
भारत अमेरिकी कार्गो विमानों का बड़ा खरीदार है। (Photo Credit: US Army)
साल 2023 में अमेरिका का हथियार सौदा कितना रहा?
यूक्रेन: 1,729 मिलियन डॉलर
जापान: 1,063 मिलियन डॉलर
सऊदी अरब: 942 मिलियन डॉलर
कतर: 887 मिलियन डॉलर
पोलैंड: 634 मिलियन डॉलर
संयुक्त अरब अमीरात: 498 मिलियन डॉलर
यूनाइटेड किंगडम: 494 मिलियन डॉलर
इटली: 468 मिलियन डॉलर
इज़राइल: 453 मिलियन डॉलर
नीदरलैंड्स: 393 मिलियन डॉलर
न्यूज़ीलैंड: 391 मिलियन डॉलर
बहरीन: 332 मिलियन डॉलर
मोरक्को: 324 मिलियन डॉलर सोर्स: अमेरिकी वित्त विभाग और Statista।
भारत और अमेरिका का हथियार सौदा कितना मजबूत? साल 1950-2020 तक, अमेरिका ने भारत को 12.8 अरब डॉलर के हथियार बेचे हैं। भारत अपने 60 फीसदी से ज्यादा हथियार रूस से खरीदता है। साल 2020 में भारत ने करीब 3.4 अरब डॉलर के हथियार खरीदे थे। साल 2024 में भारत ने 4 अरब डॉलर में अमेरिका के साथ MQ-9B प्रिडेटर ड्रोन खरीदने की पहल की है।
भारत हथियारों के मामले में अभी पूरी तरह से आत्मनिर्भर नहीं हो पाया है। (Photo Credit: PTI)
भारत अमेरिका से कौन से हथियार खरीदता है?
सी-17 ग्लोबमास्टर III: 10 कार्गो विमान डील कितने में हुई: 18,000 करोड़ रुपये।
सी-130J सुपर हरक्यूलिस: 12 विमान डील कितने में हुई: 2803.593 करोड़ रुपये।
P-8I पोसाइडन: 12 समुद्री गश्ती विमान डील कितने में हुई: 20685 करोड़ रुपये।
चिनूक हेलीकॉप्टर: 15 हेलीकॉप्टर, 1.1 अरब डॉलर। डील कितने में हुई: 9402 करोड़ रुपये