पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने अपनी बहन उजमा खान को बताया कि जेल में उनके साथ क्रूरता की गई। मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। अखबार और टीवी की सुविधा सिर्फ दो दिन मिली। उसके बाद छीन ली गई। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर इमरान खान को हेल्थ चेकअप के लिए अस्पताल लाया गया। इस दौरान उनके साथ बहन उजमा खान भी मौजूद थीं।
इस्लामाबाद में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उजमा खान ने बताया कि गुरुवार की रात जब मैं पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज अस्पताल पहुंची तो वहां चारों तरफ अंधेरा था। एक शख्स मोबाइल की टॉर्च की रोशनी से मुझे एक कमरे में ले गया। थोड़ी देर बैठने के बाद मुझे ऊपर ले जाया गया। जहां इमरान खान बैठे थे। उजमा ने बताया कि इमरान सदमे में था। वहां मौजूद डॉक्टरों को इमरान ने बहुत याद करते हुए बताया कि यह मेरी बहन है। हम दोनों 10 महीने बाद मिल रहे हैं।
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शिफा का नाम सुनकर खुश हो गए थे इमरान
उजमा ने आगे बताया कि इसके बाद इमरान खान को आंखें की जांच के लिए ले जाया गया। उसने (इमरान) मुझसे पूछा कि क्या हो रहा है? मैंने बताया कि आपको शिफा इंटरनेशनल अस्पताल ले जाया जाएगा। जरूरत पड़ने पर इलाज भी होगा। वह इससे खुश हो गया।
'जेल में मुझे प्रताड़ित किया जा रहा'
उजमा ने यह भी कहा कि इमरान खान बार-बार इतना ही कह रहे थे कि उनकी साथ क्रूरता की गई। उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है। जेल में डॉक्टरों से खराब तबीयत की शिकायत करने पर किसी ने कोई सुनवाई नहीं की।
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मुर्सी को भी ऐसे ही मार डाला गया था: इमरान
अपनी खराब सेहत के बारे में इमरान ने कहा कि मिस्र के राष्ट्रपति मोहम्मद मुर्सी को भी ऐसे ही एकांत कारावास में रखकर और तनाव देकर मार डाला गया था। इमरान ने अपनी पत्नी बुशरा बीबी का भी जिक्र किया और कहा उसे भी एकांत कारावास में रखा गया है। बहन ने बताया कि इमरान खान बार-बार कह रहे थे कि उनके साथ क्रूरता की जा रही है।