ईरान और अमेरिका के बीच दो हफ्ते के लिए हुए युद्धविराम के बीच इजरायल अभी भी लेबनान पर ताबड़तोड़ हमले करके लोगों की जान ले रहा है। इजराल ने लेबनान में हमला करके एक दिन में 303 लोगों को मौत के घाट उतार दिया है। इस बीच भारत ने शुक्रवार को लेबनान में बड़ी संख्या में आम लोगों के मारे जाने पर गहरी चिंता जताई है। भारत ने आम लोगों की सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय कानून और देशों की संप्रभुता का सम्मान करने की जरूरत पर जोर दिया।
इजरायल 2 मार्च से बी लेबनान पर बमबारी कर रहा है। ऐसे में इजरायल 2 मार्च से लगातार लेबनान में हमले कर रहा है। इन हमलों में अबतक 1,800 लोग मारे गए हैं और 5,873 घायल हुए हैं। अकेले बुधवार को एक जानलेवा बमबारी में 303 लोग मारे गए। दरअसल, हिज़्बुल्लाह के 2 मार्च को इजरायल पर रॉकेट दागे थे, जिसके बाद इजरायली हमले कर रहा है।
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विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक मीडिया ब्रीफिंग में कहा, 'हम लेबनान में बड़ी संख्या में आम लोगों के मारे जाने की खबरों से बहुत चिंतित हैं। लेबनान की शांति और सुरक्षा में लगे लेबनान में संयुक्त राष्ट्र अंतरिम बल में सेना भेजने वाले देश के तौर पर, घटनाओं की दिशा बहुत परेशान करने वाली है।'
हालांकि विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में इजरायल का जिक्र नहीं किया। जायसवाल ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करना और देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि भारत ने हमेशा आम लोगों की सुरक्षा को सबसे पहली प्राथमिकता दी है।
उन्होंने कहा कि लेबनान की राजधानी बेरूत में भारतीय दूतावास में लगभग 1,000 लोगों की भारतीय समुदाय की सुरक्षा पक्का करने के लिए उनके साथ करीब से संपर्क में है।
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लेबनान में क्या हुआ?
इजरायली सेना ने बुधवार को 10 मिनट के अंदर लेबनान में 100 से ज्यादा ठिकानों पर बमबारी की। ध्यान देने वाली बाच ये है कि ईरान-अमेरिका के बीच हुए सीजफायर समझौते में लेबनान भी शामिल है, इसके बावजूद इजरायल उसपर हमले कर रहा है। लेबनान सरकार ने एक बयान में कहा है कि देश में 303 लोगों की मौत और 1,150 लोगों के घायल की यह घटना 1990 में देश के सिविल वॉर के खत्म होने के बाद से लेबनान में सबसे बुरी सामूहिक हत्या है।