अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार यह दावा करते रहे हैं कि भारत ने अमेरिका के दबाव में रूस से तेज खरीदना कम कर दिया है। भारत अमेरिका के इस दावे का खंडन करता रहा है और अब रूस ने भी अमेरिका के इस दावे को खारिज कर दिया है। रूस ने उन दावों पर जवाब दिया जिसमें अमेरिका कह रहा था कि भारत ने रूस से कच्चे तेल की खरीद बंद करने पर सहमति जताई है। रूस ने साफ कहा कि ऐसा कोई कारण नजर नहीं आता कि भारत ने तेल आयात को लेकर अपना मन बदला हो।
रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने अपनी साप्ताहिक ब्रीफिंग में कहा, 'हमारे पास यह मानने का कोई कारण नहीं है कि भारत ने रूसी हाइड्रोकार्बन खरीदने पर अपना रुख बदल दिया है। भारत जब रूस से हाइड्रोकार्बन की खरीद करता है तो इससे दोनों देशों को लाभ पहुंचाता है और इससे इंटरनेशनल ऊर्जा बाजार में स्थिरता बनाए रखने में मदद मिलती है।'
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अमेरिका पर क्या बोला रूस?
अमेरिका लगातार भारत और रूस के बीच तेल खरीद को लेकर दावे करता रहा है। अमेरिका कई देशों पर रूस से तेल ना खरीदने के लिए दबाव बना रहा है। अमेरिका से जुड़े सवाल का जवाब देते हुए मारिया जखारोवा ने ट्रंप और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के दावों पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा, 'अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के दावों में कुछ भी नया नहीं है। इन्होंने स्वतंत्र देशों को आदेश देने का अधिकार खुद ही हथिया लिया है।'
पीएम मोदी-ट्रंप के बीच बातचीत
हाल ही में पीएम मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच फोन पर बातचीत हुई है। इसमें दोनों ने भारतीय वस्तुओं पर अमेरिकी टैरिफ को 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करने की घोषणा की थी। इसमें वह 25 प्रतिशत एक्स्ट्रा टैरिफ भी हटाया गया, जो पिछले साल अगस्त में रूसी तेल खरीदने के कारण लगाया गया था।
भारत का स्टैंड
पिछले सप्ताह, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा था कि भारत ने रूसी कच्चे तेल की खरीद रोकने के लिए प्रतिबद्धता जताई है। यह दावा ऐसे समय में किया गया जब भारत ने दोहराया था कि ऊर्जा खरीद के निर्णयों में राष्ट्रीय हित ही मार्गदर्शक बना रहेगा। भारत ने अमेरिका के इस दावे की आधिकारिक तौर पर न तो पुष्टि की है और न ही खंडन किया है कि उसने रूसी तेल का आयात बंद करने की प्रतिबद्धता जताई है।
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यूरोप से भी नाराज रूस
रूस ने अमेरिका पर आरोप लगाया कि वह भारत और अन्य देशों को रूसी तेल खरीदने से रोकने के लिए टैरिफ, प्रतिबंध और अन्य दबाव बना रहा है। रूस का कहना है कि अमेरिका स्वतंत्र देशों पर अपना अधिकार जमा रहा है और दबाव बनाकर रूस को कमजोर करने की कोशिश कर रहा है। रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने बुधवार को यूरोपीय देशों की भी आलोचना की और कहा कि वे शांति की दिशा में कोई प्रयास नहीं कर रहे हैं। रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने एक अहम बयान दिया था। उन्होंने कहा था, 'अमेरिका भारत जैसे हमारे कुछ सबसे मजबूत पार्टनर्स के साथ रूस के ट्रेड और मिलिट्री रिश्तों को कंट्रोल करने की कोशिश कर रहा है।'