हिंद महासागर में बुधवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया जब ईरान की नौसेना के एक युद्धपोत से आपात संदेश प्रसारित हुआ। यह घटना श्रीलंका के दक्षिणी तट से करीब 40 नॉटिकल मील दूर गॉल के पास हुई। शुरुआती रिपोर्ट्स के अनुसार जहाज पर कथित पनडुब्बी हमला हुआ है। इसके बाद वह डूबने लगा।
बताया जा रहा है कि यह हमला ईरान फ्रिगेट IRIS Dena पर किया गया है। जहाज पर कुल 180 चालक दल के सदस्य सवार थे। घटना के बाद 100 से अधिक लोगों के लापता होने की खबर है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए श्रीलंका सरकार ने तुरंत राहत और बचाव अभियान शुरू किया।
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श्रीलंका ने शुरू किया सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन
श्रीलंका नौसेना ने अपने जहाजों और वायुसेना के विमानों को मौके पर भेजा। संयुक्त अभियान के तहत समुद्र में फंसे नाविकों को सुरक्षित निकालने की कोशिश की जा रही है। श्रीलंका के विदेश मंत्री विजिता हेराथ ने संसद में जानकारी देते हुए कहा कि 30 घायलों को दक्षिणी श्रीलंका के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। गॉल का मुख्य अस्पताल भी अलर्ट पर रखा गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल इलाज उपलब्ध कराया जा सके।
श्रीलंका नौसेना के प्रवक्ता ने साफ किया कि यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय समुद्री नियमों के तहत की गई है। उनका कहना है कि घटना श्रीलंका के सर्च एंड रेस्क्यू एरिया के दायरे में हुई, इसलिए सहायता प्रदान करना देश की जिम्मेदारी थी।
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हालांकि हमले की ऑफिशियली पुष्टि नहीं हुई है या इसका मकसद साफ नहीं हुआ है, लेकिन यह ऐसे समय में हुआ है जब मिडिल ईस्ट में तनाव है। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच हालिया लड़ाई समुद्री रास्तों पर असर डाल रही है।
ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने हाल ही में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर नियंत्रण का दावा किया था, जो वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति के लिए अहम समुद्री मार्ग माना जाता है। ऐसे में हिंद महासागर की इस घटना ने क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी है। फिलहाल लापता लोगों की तलाश जारी है।