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कौन हैं नित्या रमन, जो लॉस एंजिलिस की पहली भारतीय मूल की मेयर बनेंगी?

केरल में जन्मी 45 साल की नित्या रमन ने लॉस एंजिल्स के मेयर चुनाव में जीत दर्ज किया है। उन्होंने मौजूदा मेयर करेन बास को हराकर पहली भारतीय मूल की महिला मेयर बनने का गौरव हासिल किया है।

Nithya Raman

नित्या रमन, Photo Credit- PTI

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अमेरिका में भारतीय मूल की नित्या रमन ने मेयर चुनाव में जीत दर्ज की है। न्यूयॉर्क में जोहरान ममदानी के बाद अब 45 साल की नित्या रमन ने यह मुकाम हासिल किया है। 5 नवंबर 2026 को आए चुनाव नतीजों में नित्या ने लगभग 52% वोट हासिल करके वर्तमान मेयर करेन बास को हरा दिया। इस जीत के साथ ही वह अमेरिका के दूसरे सबसे बड़े शहर लॉस एंजिल्स की पहली दक्षिण एशियाई मेयर बन गई हैं।

 

नित्या रमन की जीत का जश्न केवल अमेरिका में ही नहीं बल्कि भारत में केरल के त्रिशूर और तिरुवनंतपुरम में भी मनाया जा रहा है। तिरुवनंतपुरम के सांसद शशि थरूर ने उन्हें 'तिरुवनंतपुरम की बेटी' कहकर बधाई दी। 

 

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त्रिशूर से हार्वर्ड और MIT तक का सफर

नित्या रमन का जन्म जुलाई 1981 में केरल के त्रिशूर में हुआ था। उनके पिता आर. वेंकटरमन इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी केल्ट्रॉन (KELTRON) में कार्यरत थे। मां सुधा केचरी इंडियन ओवरसीज बैंक में थीं। बाद में उनके पिता उच्च शिक्षा के लिए अमेरिका चले गए। नित्या छह वर्ष की उम्र में परिवार के साथ वहीं बस गईं। छह साल की उम्र में अमेरिका बस जाने के बावजूद नित्या अपनी संस्कृति से जुड़ी हुई हैं। आज भी मलयालम भाषा समझती हैं। नित्या ने साल 2003 में मशहूर हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से सोशल स्टडीज में ग्रेजुएशन किया। फिर साल 2008 में MIT से अर्बन प्लानिंग में मास्टर डिग्री हासिल की।

 

विदेश में रहने और पढ़ाई करने के बावजूद नित्या का भारत से गहरा नाता रहा है। हार्वर्ड से पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने दिल्ली में कॉमनवेल्थ गेम्स के समय बेघर हो रहे झुग्गी-झोपड़ी के निवासियों के अधिकारों के लिए काम किया था। 2010 में उन्होंने चेन्नई में 'ट्रांसपेरेंट चेन्नई' नामक एक पहल की शुरुआत की। इसके जरिए डेटा मैपिंग का उपयोग कर गरीब और बेसहारा लोगों की समस्याओं को सरकार तक पहुंचाया जाता था।

 

फिर 2013 में लॉस एंजिल्स शिफ्ट होने के बाद उन्होंने बेघरों की मदद के लिए 'SELAH नेबरहुड होमलेस कोएलिशन' की स्थापना की। इसके अलावा, MeToo आंदोलन के दौरान हॉलीवुड में यौन उत्पीड़न के खिलाफ काम करने वाली संस्था 'टाइम-अप एंटरटेनमेंट' का नेतृत्व भी किया।

राजनीति में कदम और ऐतिहासिक जीत

नित्या ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत 2020 में की जब उन्होंने एक दिग्गज नेता को हराकर पहली बार लॉस एंजिल्स सिटी काउंसिल की सीट जीती। वह काउंसिल में पहुंचने वाली पहली दक्षिण एशियाई महिला बनीं। इसके बाद 2024 में वह दोबारा चुनी गईं।

 

2026 में उन्होंने मेयर पद का चुनाव लड़ने का बड़ा फैसला लिया। जून के प्राइमरी चुनाव में 27.1% वोट पाकर उन्होंने नवंबर के मुख्य रन-ऑफ में जगह बनाई। अंततः 5 नवंबर को आए नतीजों में 52% वोट हासिल कर मौजूदा मेयर करेन बास को चुनाव में शिकस्त दी।

 

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लॉस एंजिल्स के लिए नित्या का नया विजन

मेयर पद संभालने के साथ ही नित्या रमन ने शहर के लिए कई महत्वपूर्ण प्राथमिकताओं का ऐलान किया है। उनका कहना है कि अगले दो सालों के भीतर सड़कों पर रहने वाले बेघर लोगों की संख्या को आधा करना उनका मुख्य लक्ष्य है। तेजी से बढ़ते किराए पर रोक लगाना, किफायती मकान उपलब्ध कराना और कंस्ट्रक्शन परमिट की प्रक्रिया को आसान बनाना। 

 

उनका लक्ष्य है कि पब्लिक ट्रांसपोर्ट व्यवस्था को मजबूत करने के साथ और सरकारी खर्च में पूरी पारदर्शिता लाना। 2028 में लॉस एंजिल्स में होने वाले समर ओलंपिक खेलों से पहले शहर की व्यवस्थाओं और बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाना। 


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