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वॉशिंगटन पोस्ट में छंटनी, शशि थरूर के बेटे ईशान की गई नौकरी, विदेशी ब्यूरो बंद

अमेरिकी अखबार 'द वॉशिंगटन पोस्ट' ने अपने करीब एक-तिहाई स्टाफ को बाहर का रास्ता दिखा दिया है, जिसमें मशहूर कॉलमनिस्ट ईशान थरूर भी शामिल हैं। अखबार ने अपने कई बड़े सेक्शन और विदेशी ब्यूरो को भी पूरी तरह बंद कर दिया है।

Ishaan Tharoor

ईशान थरूर, Photo Credit- Social Media

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अमेजन के मालिक जेफ बेजोस के अखबार 'द वॉशिंगटन पोस्ट' ने अपने करीब 800 पत्रकारों में से 300 से ज्यादा लोगों को नौकरी से निकाल दिया। इस छंटनी की चपेट में कांग्रेस सांसद शशि थरूर के बेटे ईशान थरूर भी आए हैं, जो वहां करीब 12 साल से सीनियर इंटरनेशनल कॉलमनिस्ट के तौर पर काम कर रहे थे। ईशान थरूर ने सोशल मीडिया पर इस फैसले को निराशाजनक बताया। साथ ही लिखा कि उनके साथ इंटरनेशनल डेस्क के लगभग सभी साथियों को हटा दिया गया है।

 

इस बड़े कदम के साथ ही अखबार ने अपनी दशकों पुरानी विरासत में भी बड़ी कटौती की है। खबरों के मुताबिक, वाशिंगटन पोस्ट ने अपना स्पोर्ट्स डेस्क, किताबों से जुड़ा कवरेज और दुनिया भर में मौजूद कई और ऑफिस बंद करने का फैसला लिया है। 

 

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ईशान थरूर ने क्या कहा?

ईशान थरूर ने बताया कि उन्होंने 2017 में 'वर्ल्ड व्यू' कॉलम की शुरुआत की थी, जिसे लाखों लोग पसंद करते थे लेकिन अब यह सफर यहीं थम गया है। उन्होंने इस फैसले को बेहद निराशाजनक बताया। सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में लिखा, 'आज मुझे @washingtonpost से निकाल दिया गया है। साथ ही ज्यादातर इंटरनेशनल स्टाफ और मेरे कई दूसरे शानदार साथियों को भी। मैं अपने न्यूज रूम और खासकर उन बेहतरीन पत्रकारों के लिए बहुत दुखी हूं जिन्होंने पोस्ट के लिए इंटरनेशनल लेवल पर काम किया। वे एडिटर और रिपोर्टर जो लगभग 12 सालों से मेरे दोस्त और सहयोगी रहे हैं। उनके साथ काम करना मेरे लिए सम्मान की बात थी।'

 

उन्होंने कहा, 'मैंने जनवरी 2017 में वर्ल्डव्यू कॉलम शुरू किया था ताकि रिडर को दुनिया और उसमें अमेरिका की जगह को बेहतर ढंग से समझने में मदद मिल सके। मैं उन पांच लाख लॉयल सब्सक्राइबर का आभारी हूं जिन्होंने इन सालों में हफ्ते में कई बार इस कॉलम को पढ़ा।'

क्यों लिया गया इतना बड़ा फैसला?

पेपर के एग्जीक्यूटिव एडिटर मैट मरे ने इस छंटनी को एक बुरा फैसला बताया लेकिन साथ ही यह भी कहा कि यह बहुत जरूरी था। उनका कहना है कि तकनीक और पाठकों की बदलती आदतों के साथ तालमेल बैठाने के लिए यह कदम उठाना पड़ा। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि पेपर अब हर किसी के लिए सब कुछ नहीं बन सकता। साथ ही इसे आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए बदलाव जरूरी हैं। 

 

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दुनिया भर के डेस्क पर गिरी गाज

इस छंटनी का सबसे बुरा असर इंटरनेशनल डेस्क पर पड़ा है। काहिरा ब्यूरो चीफ क्लेयर पार्कर ने बताया कि मिडिल ईस्ट के उनके सभी साथियों और एडिटर को हटा दिया गया है। स्टाफ के लिए यह समझना मुश्किल हो रहा है कि आखिर इतने बड़े स्तर पर बदलाव क्यों किए जा रहे हैं।

149 साल पुराना अखबार

1877 में शुरू हुए इस ऐतिहासिक अखबार को साल 2013 में जेफ बेजोस ने 250 मिलियन डॉलर में खरीदा था। पिछले कुछ समय से अखबार घाटे में चल रहा था, जिसके चलते हाल ही में इन्होंने 2026 के विंटर ओलंपिक की कवरेज को भी कम करने का फैसला लिया था। 


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