बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं के खिलाफ अत्याचार जारी है। बीते एक महीने में कई हिंदुओं की हत्याओं के बाद अब एक और शख्स मिथुन सरकार की मौत हो गई है। बांग्लादेश की पुलिस ने बताया है कि मंगलवार को चोरी का आरोप लगाकर भीड़ ने मिथुन को खदेड़ लिया था जिसके बाद वह नहर में कूद गए। पुलिस का कहना है कि डूबने के चलते मिथुन की जान चली गई। अब पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। इससे पहले भीड़ ने ही दीपू चंद्र दास की हत्या कर दी थी और पेड़ से बांधकर उन्हें जला दिया था।
रिपोर्ट के मुताबिक, मिथुन सरकार भंडारपुर गांव के निवासी थे। बता दें कि दीपू चंद्र दास और मिथुन सरकार के अलावा बीते कुछ दिनों में ही राणा प्रताप बैरागी, अमृत मंडल, मणि चक्रवर्ती और बजेंद्र बिस्वास समेत तमाम हिंदुओं के साथ आपराधिक घटनाएं घटी हैं। दैनिक भास्कर की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले 19 दिन में बांग्लादेश में 6 हिंदुओं की हत्या हो चुकी है। इस मामले में अभी यह भी स्पष्ट नहीं हुआ है कि मिथुन सरकार ने चोरी की थी या नहीं।
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पुलिस ने क्या बताया?
बांग्लादेश के नौगांव जिले के एसपी मोहम्मद तारिकुल इस्लाम ने बताया है, 'नौगांव के उत्तरी क्षेत्र में स्थित महादेवपुर इलाके में एक हिंदू युवक मिथुन सरकार को भीड़ ने दौड़ा लिया था और उस पर आरोप था कि उसने चोरी की है। वह पानी में कूद गया और उसकी मौत हो गई। पुलिस को इसकी सूचना मिली तो मिथुन की लाश को फायर सर्विस की मदद से निकाल लिया गया है। हम पोस्टमॉर्टम करवा रहे हैं और मामले की जांच कर रहे हैं।'
इससे पहले 5 जनवरी को राणा प्रताप बैगारी को सरेआण मार डाला गया था। वह एक फैक्ट्री चलाते थे और एक अखबार के कार्यकारी संपादक भी थे। इसी तरह फेसबुक पोस्ट लिखकर बांग्लादेश में जारी हिंसा पर चिंता जताने वाले शरत चक्रवर्ती मणि को मार डाला गया था। 18 दिसंबर को दीपू चंद्र दास को ईशनिंदा के झूठे आरोप में, 24 दिसंबर को अमृत मंडल को जबरन वसूली के आरोप में , ब्रजेंद्र बिस्वास को 29 दिसंबर को और खोकन चंद्र दास को 3 जनवरी को मार डाला गया था।
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इन घटनाओं पर बांग्लादेश की यूनुस सरकार ने चिंता जरूर जताई है लेकिन ऐसी घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रही हैं।