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नेपाल: मरने वालों की संख्या हुई 469, अभी भी मंडरा रहा है बाढ़ का खतरा

नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बाद मरने वालों की संख्या 469 तक पहुंच गई है। रेस्क्यू अभियान जारी है और नई बाढ़ का खतरा भी बना हुआ है।

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नेपाल बाढ़ में लोगों का रेस्क्यू जारी, Photo Credit- Social Media

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मध्य नेपाल में अचानक आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन से हालात बेहद खराब हो गए हैं। इस आपदा में मरने वालों की संख्या बढ़कर 469 हो गई है। नेपाल पुलिस के मुताबिक, आठ जिलों से शव बरामद किए गए हैं। वहीं राहत और बचाव का काम तीसरे दिन भी जारी है। अब तक 1,545 घायलों और बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। इनमें 84 लोगों का काठमांडू के अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है।

 

नेपाल-तिब्बत सीमा के पास ग्लेशियर का हिस्सा टूटने के बाद बर्फ, पानी, मिट्टी और पत्थरों का तेज बहाव नीचे की ओर आया। इससे मध्य नेपाल के कई गांव और कस्बे प्रभावित हुए। बाढ़ और मलबे की चपेट में आने से कई घर, गाड़ी, सड़क और पुल बह गए। कुछ जलविद्युत परियोजनाओं को भी नुकसान पहुंचा है। इस बीच चीन ने भी तिब्बत-नेपाल सीमा पर अलर्ट जारी किया है क्योंकि बाढ़ के कारण नदी का रास्ता रुकने से एक नई झील बन गई है और उसके टूटने का खतरा बताया जा रहा है।

 

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आठ जिलों में मिले शव

नेपाल पुलिस के मुताबिक, बाढ़ के बाद अब तक आठ जिलों से 469 शव बरामद किए गए हैं। इनमें चितवन से 178, नवलपरासी पूर्व से 110, गोरखा से 44, नुवाकोट से 37 और धादिंग से 33 शव शामिल हैं। इसके अलावा तनाहू से 28, नवलपरासी पश्चिम से 27 और रसुवा से 12 शव बरामद किए गए हैं।

 

वहीं प्रभावित इलाकों से अब तक 1,545 घायलों और बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। इनमें 84 लोगों का काठमांडू के अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है। तीसरे दिन भी मलबे और बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों की तलाश जारी है। बचाव अभियान में 7,451 सुरक्षाकर्मी लगाए गए हैं। इनमें नेपाल सेना के 2,391 जवान भी शामिल हैं। टीमें प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों को खोजने और उन्हें सुरक्षित निकालने में जुटी हैं।

 

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चीन ने भी जारी किया अलर्ट

बाढ़ के बाद तिब्बत-नेपाल सीमा के पास नदी का रास्ता मलबे के कारण रुक गया है। इससे पानी जमा होकर एक नई झील बन गई है जिसे अवरोधक झील कहा जाता है। अगर यह झील टूटती है तो नीचे के इलाकों में अचानक पानी का तेज बहाव आ सकता है और एक और बड़ी बाढ़ का खतरा पैदा हो सकता है।

 

चीन के जल संसाधन मंत्रालय ने तिब्बत में इस खतरे को देखते हुए लेवल-4 अलर्ट जारी किया है। यह झील छोचेन खोला और पुरेपु त्संगपो नदियों के संगम के पास बनी है। ये नदियां आगे जाकर नेपाल में भोटे कोशी नदी की धारा का हिस्सा बनती हैं। इसलिए इस इलाके में रहने वाले लोगों के लिए खतरा अभी पूरी तरह टला नहीं है।

 

नेपाल-तिब्बत सीमा के पास ग्लेशियर टूटने के बाद आई बाढ़ में पानी के साथ भारी मात्रा में बर्फ, चट्टान और मिट्टी नीचे आई। शुरुआत में इसे भूकंप से जोड़कर देखा गया था लेकिन अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के अनुसार जिस 4.4 तीव्रता के भूकंपीय संकेत को पहले भूकंप माना गया था वह ग्लेशियर और चट्टानों के टूटने से पैदा हुई ऊर्जा थी।


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