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मेडिसिन के नोबल पुरस्कार का एलान, जीतने वाले 3 वैज्ञानिकों ने ऐसा क्या किया है?

नोबेल पुरस्कार 2026 की घोषणा शुरू हो गई है। इस साल मेडिसिन क्षेत्र में कार्ल डिसेरोथ, पीटर हेगेमैन और जॉर्ज नागेल को संयुक्त रूप नोबेल पुरस्कार दिया गया है। 

Karl Deisseroth, Peter Hegemann and Georg Nagel

कार्ल डिसेरोथ, पीटर हेगेमैन और जॉर्ज नागेल को मिला नोबेल पुरस्कार, Photo Credit: @NobelPrize

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दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कारों में शामिल नोबेल पुरस्कारों की घोषणा शुरू हो गई है। मेडिसीन, फिजिक्स, कैमेस्ट्री, लिट्रेचर, नोबेल और इकोनॉमिक्स के फिल्ड में उत्कृष्ट योगदान देने वाले व्यक्तियों और संस्थानों को हर साल यह सम्मान दिया जाता है। इस साल फिजियोलॉजी यानि मेडिसिन क्षेत्र में कार्ल डिसेरोथ, पीटर हेगेमैन और जॉर्ज नागेल को संयुक्त रूप नोबेल पुरस्कार दिया गया है। 

 

नोबल प्राइज की ओर से अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट्स के जरिए इसकी घोषणा की गई। पोस्ट में लिखा, '2026 का मेडिसिन का नोबेल पुरस्कार कार्ल डीसेरोथ, पीटर हिगेमैन और जॉर्ज नागेल को दिया गया है। उन्हें यह पुरस्कार प्रकाश की मदद से कोशिकाओं की गतिविधियों को कंट्रोल करने और न्यूरॉन्स को प्रकाश से कंट्रोल करने की तकनीक (ऑप्टोजेनेटिक्स) से जुड़ी महत्वपूर्ण खोजों के लिए मिला है।'

 

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कौन हैं ये तीनों वैज्ञानिक?

पीटर हेगमैन बर्लिन, जर्मनी की हम्बोल्ट यूनिवर्सिटी में न्यूरोसाइंस के हर्टी सीनियर प्रोफेसर हैं। उन्होंने 1984 में मैक्स प्लैंक इंस्टीट्यूट फॉर बायोकेमिस्ट्री से पीएचडी की थी। उन्होंने यह समझने की कोशिश की कि एक छोटी-सी शैवाल प्रकाश की ओर कैसे जाती है। उन्होंने पाया कि इसके पीछे कोशिका में मौजूद एक खास प्रोटीन काम करता है। बाद में उन्होंने इस प्रोटीन की पहचान और उसके काम करने के तरीके को समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 

 

जॉर्ज नागेल भी जर्मनी से हैं और वह जर्मनी की वुर्जबर्ग यूनिवर्सिटी में मॉलिक्यूलर प्लांट फिजियोलॉजी के प्रोफेसर हैं। उन्होंने पीटर हिगेमैन के साथ मिलकर चैनलरोडॉप्सिन की खोज और उसके काम करने के तरीके को आगे समझाया। उन्होंने दिखाया कि इस प्रोटीन को किसी दूसरी कोशिका में डालने पर वह कोशिका भी प्रकाश के प्रति संवेदनशील हो सकती है। नोबेल पुरस्कार 2026 की घोषणा शुरू हो गई है। इस साल मेडिसिन क्षेत्र में कार्ल डिसेरोथ, पीटर हेगेमैन और जॉर्ज नागेल को संयुक्त रूप नोबेल पुरस्कार दिया गया है। 

 

कार्ल डिसेरोथ अमेरिका की स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी और हॉवर्ड ह्यूजेस मेडिकल इंस्टीट्यूट से जुड़े हुए हैं। उन्होंने पीटर हेगमैन और जॉर्ज नागेल की खोज को न्यूरॉन्स तक पहुंचाया। उन्होंने चैनलरोडॉप्सिन बनाने वाले जीन को न्यूरॉन्स में डालकर दिखाया कि नीली लाइट डालने पर इन न्यूरॉन्स को एक्टिव किया जा सकता है। इसके बाद उन्होंने जिंदा चूहों के दिमाग में इस टेक्निक का इस्तेमाल किया। इससे वैज्ञानिक यह कंट्रोल कर सके कि किस न्यूरॉन के सक्रिय होने से याददाश्त, भावनाओं और व्यवहार में क्या बदलाव आता है। इसी तरीके को ऑप्टोजेनेटिक्स कहा गया, जिसने दिमाग पर होने वाली रिसर्च को काफी बदल दिया।

 

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अन्य पुरस्कारों की घोषणा कब होगी?

नोबेल पुरस्कार घोषणाओं की शुरुआत फिजियोलॉजी या मेडिसिन कैटेगरी से हो गई है। आधिकारिक शेड्यूल के अनुसार, अब फिजिक्स कैटेगरी के विनर्स का नाम 06 अक्टूबर को जारी होगा, जबकि केमिस्ट्री के नोबेल पुरस्कार विनर्स की घोषणा 07 अक्टूबर को की जाएगी। इसके अलावा साहित्य में 8 अक्टूबर को और नोबेल शांति पुरस्कार की घोषणा 9 अक्टूबर को होगी। 12 अक्टूबर को अंतिम पुरस्कार इकोनॉमिक साइंसेज की घोषणा होगी। 


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