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बैंक डूबा, राष्ट्रपति को इस्तीफा देना पड़ा; पैराग्वे में अब तक क्या-क्या हुआ?

बैकिंग संकट के बीच पैराग्वे के राष्ट्रपति ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। हालांकि यह स्वीकार नहीं किया गया है। उनके खिलाफ महाभियोग की कार्रवाई आगे बढ़ाई जाएगी।

 Paraguay financial crisis

पैराग्वे के राष्ट्रपति ने दिया इस्तीफा। (Photo Credit: Social Media)

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यूनो बैंक के डूबने से पैराग्वे में वित्तीय और सियासी संकट खड़ा हो गया। विपक्ष के महाभियोग प्रस्ताव से पहले राष्ट्रपति सैंटियागो पेना ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। हालांकि संसद में उनके खिलाफ महाभियोग की कार्रवाई जारी है। अभी तक बैंक के फाउंडर मिगुएल वाजक्वेज और बैंक अध्यक्ष जुआन मैनुअल गुस्ताले समेत आठ सीनियर एग्जीक्यूटिव को गिरफ्तार किया गया है। सेंट्रल बैंक के मुखिया ने भी इस्तीफा दे दिया है। बैंक के 27 अन्य अधिकारियों के खिलाफ भी आपराधिक कार्रवाई शुरू की गई है। 

 

पैराग्वे के करीब 30 लाख लोग यूनो बैंक से जुड़े हैं। उसके पास करीब 800 मिलियन डॉलर का सरकारी फंड भी जमा है। मंगलवार को पैराग्वे के सेंट्रल बैंक ने बैंक के खिलाफ क्लोजर प्रोसेस का आदेश दिया। इसके बाद देशभर में यूनो बैंक का एप बंद हो गया। सभी शाखाएं बंद हो गईं। पैसा निकासी और ट्रांसफर पर भी रोक लग गई।

 

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हजारों की संख्या में लोगों ने बैंक के ब्रांच के सामने विरोध प्रदर्शन किया। सेंट्रल बैंक का दावा है कि बैंक का सॉल्वेंसी रेश्यो 50 फीसद से भी कम हो गया था। इसके बाद सेंट्र्ल बैंक ने क्लोजर की प्रक्रिया शुरू की। अब बैंक के डूबने से लोगों की पेंशन और हेल्थ केयर का भुगतान फंस गया है। 

 

पैराग्वे के राष्ट्रपति सैंटियागो पेना के यूनो बैंक से रिश्ते थे। उन्होंने पिछले साल अप्रैल में ही यूनो होल्डिंग में अपने शेयर बेचे थे। विपक्षी सांसदों ने महाभियोग में राष्ट्रपति पर हितों के टकराव, पेंशन फंड के गलत प्रबंधन और बैंक से जुड़े मामलों को छिपाने का आरोप लगाया।

 

यूनो बैंक में सोशल सिक्योरिटी इंस्टीट्यूट के भी 355 मिलियन डॉलर फंसे हैं। यह संस्था हेल्थ केयर और पेंशन फंड मैनेज करती है। विपक्षी सांसदों का आरोप है कि राष्ट्रपति ने गलत तरीके से सोशल सिक्योरिटी इंस्टीट्यूट में दखल दिया। यूनो बैंक को खास ट्रीटमेंट दिया। 

 

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पेना 2023 से पैराग्वे की सत्ता में थे। उनके शासन काल में ही यूनो बैंक खूब बढ़ा। पहले यह फाइनेंसिएरा यूनो नाम से एक लोन लेंडर फिनटेक प्लेटफॉर्म था। उस वक्त कार्लोस कार्वालो फाइनेंसिएरा यूनो के चेयरमैन थे। बाद में पेना ने इन्हें सेंट्रल बैंक का मुखिया बना दिया। मुखिया बनने के महज 83 दिन बाद ही कार्लोस कार्वालो ने फाइनेंसिएरा यूनो को बैंक में बदलने की हरी झंडी दे दी।

टाइमलाइन

  • साल 2021 में यूनो ने डिजिटल फाइनेंस सर्विस देनी शुरू की। 
  • 2023 में पेना की सरकार में यूनो को बैंक का लाइसेंस दिया।  
  • तीन साल में खूब बढ़ा। आधी आबादी के खाते इसके पास। 
  • 2 नवंबर को सेंट्रल बैंक ने सॉल्वेंसी रेश्यो कम पाया।
  • 3 नवंबर को बैंक के खिलाफ क्लोजर प्रोसेस शुरू किया गया। 

बैंक क्यों डूबा?

जांच में बैंक के वित्तीय दस्तावेज और संपत्तियों में भारी खामी मिली है। बैंक ने कुछ खर्चों को भी संपत्ति में जोड़ दिया, जबकि असल में यह धन उसके पास है ही नहीं। बैंक ने अपनी प्रमुख शेयरधारक कंपनी ग्रुपो वाजक्वेज की अन्य कंपनियों को भारी कर्ज दिया। सवाल यह भी उठ रहा है कि सेंट्रल बैंक ने पहले एक्शन क्यों नहीं लिया? मामला गंभीर होने पर ही आंख क्यों खुली। राष्ट्रपति पर भी यूनो बैंक को ज्यादा अहमियत देने का आरोप है। 

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