अमेरिका के सेक्रेटरी ऑफ वॉर पीट हेगसेथ ने ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के बारे में बड़ी बातें कही हैं। उन्होंने कहा कि यह ऑपरेशन ईरान के खिलाफ अमेरिका की सैन्य कार्रवाई है, जो राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर शुरू हुआ है। इस ऑपरेशन को 10 दिन हो गए हैं और अमेरिका दावा कर रहा है कि वह मजबूती से जीत रहा है।
पीट हेगसेथ ने कहा, 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी घरेलू स्तर पर असर डाल रहा है। हमारी जेनरेशन इस लड़ाई को अच्छी तरह समझती है। पिछले 47 सालों से ईरान की क्रूर सरकार ने अपने आतंकी गुटों के जरिए हमारे सैनिक भाइयों की हत्या की है। अब वे परमाणु बम बनाने की होड़ में हैं, ताकि पूरी दुनिया को बंधक बना सकें। लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप इसे कभी नहीं होने देंगे।'
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बताया क्या है उद्देश्य?
हेगसेथ ने ईरान के मुल्लाओं को कायर बताया। उन्होंने कहा कि ईरान अब हताश और परेशान है। वे स्कूलों और अस्पतालों से मिसाइलें दाग रहे हैं, ताकि निर्दोष लोगों को निशाना बनाया जाए। ऐसा इसलिए क्योंकि उनकी सेना को व्यवस्थित रूप से नष्ट किया जा रहा है। ईरान के पड़ोसी देश और कुछ पुराने सहयोगी अब उनके साथ नहीं हैं। उनके प्रॉक्सी जैसे हिजबुल्लाह, हूती और हमास या तो टूट चुके हैं, कमजोर हो गए हैं या चुप हैं। ईरान अब अकेला है और बुरी तरह हार रहा है।
ऑपरेशन के उद्देश्य बहुत साफ हैं। हेगसेथ ने बताया कि ऑपरेशन के तीन मुख्य लक्ष्य हैं-
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ईरान के मिसाइल भंडार, लॉन्चर और रक्षा उद्योग को पूरी तरह नष्ट करना।
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उनकी नौसेना को तबाह करना।
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ईरान को हमेशा के लिए परमाणु हथियार बनाने से रोकना।
यह मिशन पूरी सटीकता और बिना किसी हिचकिचाहट के चलाया जा रहा है। कोई आधा-अधूरा काम नहीं। अमेरिका ने सारे आसमान पर कब्जा कर लिया है और बिना रुके हमले कर रहा है।
बताया कब हराएंगे?
हेगसेथ ने कहा, 'हम दुश्मन को पूरी तरह और निर्णायक रूप से हरा देंगे लेकिन इसके लिए हम अपना समय खुद चुनेंगे। आज फिर ईरान के अंदर सबसे तेज हमले होंगे। सबसे ज्यादा लड़ाकू विमान, बॉम्बर और स्ट्राइक। हमारी खुफिया जानकारी अब पहले से कहीं बेहतर है। पिछले 24 घंटों में ईरान ने अब तक की सबसे कम मिसाइलें दागी हैं।'
उन्होंने इस युद्ध की पुराने युद्धों से तुलना की। कहा कि यह 2003 जैसा नहीं है। बुश या ओबामा के समय की वे लंबे समय तक चलने वाली लड़ाइयां अब खत्म हो गईं। ट्रंप ने चुनाव में ऐसे मिशनों के खिलाफ वादा किया था। हमारी नई पीढ़ी के सैनिक इसे दोबारा नहीं होने देंगे। हम दक्षता, पूरी हवाई श्रेष्ठता और अटूट इच्छाशक्ति के साथ निर्णायक जीत हासिल कर रहे हैं।
फरवरी में शुरू हुआ ऑपरेशन
यह ऑपरेशन फरवरी 2026 के अंत में शुरू हुआ था। अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान के नेताओं, परमाणु ठिकानों, मिसाइल फेसिलिटीज और सैन्य कमांड पर बड़े हमले किए। ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत हो गई। अब ईरान में नया लीडर चुना गया है लेकिन अमेरिका का दबाव जारी है। ईरान ने जवाब में मिसाइलें दागीं लेकिन अमेरिका का कहना है कि उनकी क्षमता बहुत कम हो गई है।
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हेगसेथ ने जोर दिया कि अमेरिका बिना रुके आगे बढ़ रहा है। दुनिया देख रही है कि अमेरिका अपनी शक्ति से ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षा को खत्म कर रहा है। यह लड़ाई अमेरिका की सुरक्षा और दुनिया की शांति के लिए है।