यूक्रेन चार साल से रूस जैसी सैन्य महाशक्ति के साथ युद्ध लड़ रहा है। इस युद्ध में रूस को काफी नुकसान उठाना पड़ा है। इस जंग को लड़ते हुए रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को साफ पता है कि यूक्रेन की अमेरिका हर तरीके से मदद कर रहा है। इस मदद में गोला-बारूद, मिसाइल, ड्रोन आदि बहुत कुछ है। मगर, इसी बीच 28 फरवरी को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायल के साथ मिलकर ईरान पर हमला कर दिया।
इस हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई मारे गए। अमेरिका और इजरायल ने ईरान में बहुत मिसाइलें मारीं और ड्रोन से हमले किए, इसके जवाब में अब ईरान दोनों मिलिट्री पावर को मुहतोड़ जवाब दे रहे है। ईरान हथियारों के साथ ही साथ होमुर्ज स्ट्रेट को रणनीतिक हथियार बनाकर पूरी दुनिया को प्रभावित कर रहा है। मगर, इस युद्ध से रूस अब अमेरिका से बदला ले रहा है।
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ईरान को ड्रोन की खेप भेज रहा रूस
दरअसल, रूस हाई रेंज के ड्रोन की खेप ईरान को भेज रहा है। यह ड्रोन उसी ड्रोन के एडवांस वर्जन हैं जिनकी आपूर्ति ईरान ने पहले रूस को यूक्रेन पर हमले के दौरान की थी। यह जानकारी खुद अमेरिकी और यूरोप के बड़े अधिकारियों ने समाचार एजेंसी 'एपी' को यह जानकारी दी है। अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमले के बाद से तेहरान इजरायल, खाड़ी के पड़ोसी देशों और मध्य पूर्व में स्थित अमेरिकी ठिकानों पर जबरदस्त ड्रोन से हमले कर रहा है।
दोनों देशों में हो रही है बातचीत
ईरान के पास स्वयं शाहेद ड्रोन का भंडार है, जबकि रूस ने यूक्रेन युद्ध के दौरान इनके डिजाइन में सुधार किए हैं। यूरोपीय खुफिया अधिकारी ने एपी को बताया कि रूसी और ईरानी अधिकारियों के बीच इस महीने रूस से ईरान को ड्रोन भेजने के संबंध में बातचीत हुई है। अमेरिकी रक्षा अधिकारी ने कहा कि यह स्पष्ट नहीं है कि यह खेप एक बार भेजी गई है या अपूर्ति श्रृंखला का हिस्सा है।
ईरान को रूस मिलिट्री मदद कर रहा है, इस बात की जानाकरी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को भी है। ट्रंप ने 13 मार्च को एक टीवी चैनल से बातचीत करते हुए बताया कि 'रूस शायद उनकी थोड़ी मदद कर रहा है।' इसी के एक दिन बाद ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने साफ-साफ कहा कि ईरान के साथ रूस की मिलिट्री साझेदारी अच्छी चल रही है।
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रूस कैसे कर रहा है ईरान की मदद?
वहीं, इससे पहले मीडिया रिपोर्ट्स की पुष्टि हो चुकी है कि रूस ईरान को अमेरिका के वॉरशिप और एयरक्राफ्ट की लोकेशन की सैटेलाइट और इंटेलिजेंस डेटा दे रहा है। रूस यह जानकारी अपने जासूसी सैटेलाइट्स लियाना से ईरान को दे रहा है। इसके अलावा ईरान के स्पेस प्रोग्राम और उसके खास सैटेलाइट, खय्याम के विकास में भी रूस का अहम रोल रहा है।
रूस द्वारा ईरान की दी गई खुफिया जानकारी के बाद ही ईरान ने अमेरिका के अब्राहम लिंकन कैरियर पर कई क्रूज और बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया। इन्हीं सूचनाओं के आधार पर ईरान अमेरिका के लिए यह जंग लगातार मुश्किल करता जा रहा है।