शेख हसीना पर फैसला आज, ढाका में हाई अलर्ट, बांग्लादेश का नया बवाल क्या है?
बांग्लादेश में शेख हसीना के खिलाफ मानवाधिकारों के उल्लंघन से जुड़े मामलों पर इंटरनेशनल क्राइम ट्रिब्युनल फैसला देने वाला है। फैसले से पहले देश हिंसा की जद में आ गया है।

बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना। (Photo Credit: PTI)
कई दिनों की स्थिरता के बाद एक बार फिर बांग्लादेश में हिंसा भड़की है। रविवार को बांग्लादेश की राजधानी ढाका में कई जगहों पर बम धमाके हुए हैं। प्रदर्शनकारियों ने क्रूड बम फेंके हैं। किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन शहर में अशांति बढ़ती जा रही है। सोमवार को पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के खिलाफ मानवाधिकारों के उल्लंघन से जुड़े एक मामले पर फैसला आने वाला है। ढाका समेत बांग्लादेश के कई प्रमुख शहरों में सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी गई है।
शेख हसीना पर आरोप है कि साल 2024 में जब उनकी सरकार के खिलाफ लोग हिंसक आंदोलन पर उतरे थे तो उन्होंने पुलिसकर्मियों को सख्ती से निपटने के निर्देश दिए थे, कई हत्याएं इस दौरान की गईं। शेख हसीना पर मुकदमा चल रहा है। वह भारत में शरण लिए हुए हैं और अदालत में पेश नहीं हो रही हैं। उन पर मानवता के खिलाफ अपराध के 5 गंभीर आरोप हैं। शेख हसीना पर आरोप है कि उन्होंने प्रदर्शनकारियों पर गोलियां चलवाईं, उनका उत्पीड़न किया, हत्याएं कराईं।
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ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस कमिश्नर एसएम सज्जात अली:-
मैंने वायरलेस पर संदेश दिया कि जो कोई भी बसों में आग लगाए या जान से मारने के इरादे से देसी बम फेंके, उसे गोली मार दी जानी चाहिए। हमारे कानून में यह अधिकार दिया गया है।
बांग्लादेश में क्या हो रहा है?
- रविवार को ढाका के एक पुलिस स्टेशन के अंदर डंपिंग एरिया में आग लगाई गई।
- मुहम्मद यूनुस के सलाहकार के घर के बाहर दो क्रूड बम फेंके गए हैं।
- शहर के कई चौराहों पर धमाके हुए हैं, जगह-जगह हिंसा की खबरें सामने आईं हैं।
- ग्रामीण बैंक के मुख्यालय और कई ब्रांचों पर पेट्रोल बम और आगजनी की कोशिशें हुईं।
- पिछले हफ्ते कई बसें जलाई गईं, जिसमें एक ड्राइवर की जलकर मौत हो गई।
- शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग ने दो दिन की हड़ताल का ऐलान किया है।
- हिंसा और ज्यादा बढ़ने की आशंका यूनुस प्रशासन ने जताई है।
यूनुस सरकार कैसे निपट रही है?
- सेना, अर्धसैनिक बल और पुलिस को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
- बस जलाने या बम फेंकने वालों पर गोली चलाने का आदेश दिया गया है।
शेख हसीना इन आरोपों पर क्या कह रहीं हैं?
शेख हसीना, अपदस्थ प्रधानमंत्री, बांग्लादेश:-
मेरे खिलाफ कोई सबूत नहीं है। मोहम्मद यूनुस ने साजिश करके मुझे हटाया है। फैसला जो भी हो, मैं डरती नहीं। लोग शांति बनाए रखें।
फैसला कब आएगा?
शेख हसीना पर कोर्ट का फैसला सोमवार को आएगा। फैसले को देश के आधिकारिक न्यूज चैनल बीटीवी पर लाइव दिखाया जाएगा।
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शेख हसीना ने संविधान और मोहम्मद यूनुस पर क्या कहा?
मुझे परवाह नहीं है, अल्लाह ने मुझे जिंदगी दी है, एक दिन मेरी मौत आएगी, लेकिन मैं वतन के लोगों के लिए काम कर रही हूं। ऐसा करना जारी रखूंगी। हमने इस तरह के हमलों और मामलों को बहुत देखा है। हमारे संविधान के अनुच्छेद 7(B) में साफ तौर से कहा गया है कि अगर कोई चुने गए प्रतिनिधियों को जबरन सत्ता से हटाता है, तो उसे दंडित किया जाएगा। यूनुस ने यही किया। मेरे खिलाफ लगाए गए मुकदमे झूठे हैं। अगर कोई अदालत में झूठी शिकायत करता है तो उस पर कानून के तहत मुकदमा चलता है और एक दिन ऐसा होगा ही।
किस-किस पर मुकदमा चल रहा है?
शेख हसीना और पूर्व गृह मंत्री असदुज्जमां खान के खिलाफ मुकदमा चल रहा है। दोनों बांग्लादेश में नहीं हैं। पूर्व पुलिस चीफ अब्दुल्लाह अल मामून अदालत में हैं। वह सरकारी गवाह बन गए हैं।
शेख हसीना के पास क्या विकल्प है?
अगर शेख हसीना दोषी ठहराई जाती हैं तो उनकी संपत्ति जब्त की जा सकती है, पीड़ितों में बांटी जा सकती है। अगर वह कोर्ट के फैसले के खिलाफ अपील करना चाहती हैं तो इसके लिए उन्हें 30 दिनों के भीतर अदालत में आत्मसमर्पण करना होगा। उन्होंने भारत में शरण ली है, ऐसे में अभी वह बांग्लादेश नहीं जा सकती हैं। बांग्लादेश लगातार भारत पर शेख हसीना को प्रत्यर्पित करने का दबाव बना रहा है।
बांग्लादेश सरकार क्या सोच रही है?
अंतरिम सरकार के गृह सलाहकार लेफ्टिनेंट जनरल जहांगीर आलम चौधरी ने कहा है, 'अदालत की तरफ से जो भी फैसला आएगा, उसे लागू किया जाएगा। पूरे देश में सुरक्षा व्यवस्था सख्त की गई है, जिससे कोई भी फैसला आए, उसे देश में लागू किया जाएगा। उन पर हत्या, भ्रष्टाचार, दंगा समेत कई मामले चल रहे हैं।'
शेख हसीना के लिए मौत क्यों चाहते हैं पीड़ित परिवार?
प्रदर्शन के दौरान जो लोग मारे गए हैं, उनके परिजन शेख हसीना के लिए मौत की सजा मांग रहे हैं।
फैसला कौन सुनाएगा?
इंटरनेशनल क्राइम ट्रिब्युनल (बांग्लादेश) शेख हसीना पर लगे आरोपों पर फैसला सुनाएगा। केस की पूरी सुनवाई शेख हसीना की अनुपस्थिति में हुई है। ट्रिब्युनल के पब्लिक प्रॉसीक्यूटर गाजी एमएच तमीम ने कहा, 'हमने शेख हसीना के लिए अधिकतम सजा की मांग की है। हमने दोषी की संपत्ति जब्त करने और उसे शहीदों और घायलों के परिवारों में बांटने की अपील की है। अगर अदालत के फैसले को शेख हसीना चुनौती दे रहीं हैं तो उन्हें 30 दिनों के भीतर आत्मसमर्पण करना होगा या गिरफ्तारी देनी होगी।'
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