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माली के रक्षा मंत्री की हत्या, पुतिन के लिए कितना बड़ा झटका?

पुतिन के करीबी और माली के रक्षा मंत्री सादियो कैमारा की आतंकियों ने हत्या कर दी। कैमारा ने भी माली में फ्रांस की सेना की जगह रूसी वैगनर ग्रुप को एंट्री दिलाई थी। वह पश्चिम की तुलना में रूस को अधिक महत्व देते थे।

Mali Defense Minister Sadio Camara

माली रक्षा मंत्री सादियो कैमारा। (Photo Credit: Social Media)

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अफ्रीकी देश माली में शनिवार को एक साथ कई आतंकी हमलों को अंजाम दिया गया। अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक हमलों के दौरान माली के रक्षा मंत्री जनरल सादियो कैमारा की मौत हो गई है। कैमारा को माली का एक प्रभावशाली नेता माना जाता था। उन्हें भावी नेता के तौर पर भी देखा जाता था।
 
रिपोर्ट के मुताबिक माली की राजधानी बामाको से करीब 15 किमी दूर काटी शहर में रक्षा मंत्री सादियो कैमारा और अंतरिम राष्ट्रपति अस्सीमी गोइता का आवास है। आतंकवादियों ने एक आत्मघाती कार धमाके में रक्षा मंत्री कैमारा के आवास को निशाना बनाया। अल-कायदा से जुड़े जमात नुसरत अल-इस्लाम वल-मुस्लिमीन और तुआरेग विद्रोहियों ने एक साथ मिलकर हमलों को अंजाम दिया।

 

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रूस के करीबी थे कैमारा 

रक्षा मंत्री सादियो कैमारा को रूस का करीबी माना जाता था। उन्होंने फ्रांस समेत पश्चिमी देशों की सेना को माली छोड़ने पर मजबूर किया और रूस के वैगनर की एंट्री को आसान बनाया था। 2021 में कैमारा ने रूस की यात्रा की थी। यहां माली में वैगनर ग्रुप के आने के समझौते को अंतिम रूप दिया। बाद में इसका नाम बदलकर अफ्रीका कोर कर दिया गया। कुछ समय बाद ही माली ने फ्रांस की सैनिकों को हटाकर उनकी जगह रूसी भाड़े सैनिकों की तैनाती कर दी। 

अमेरिका ने लगाया था प्रतिबंध

कैमारा ने पश्चिम विरोधी रख अपनाया और रूस को अधिक महत्व दिया। बाद में 2023 में अमेरिका ने उन पर प्रतिबंध लगा दिया। हालांकि इसी साल प्रतिबंध को चुपचाप हटा भी लिया था।

राष्ट्रपति गोइता बिल्कुल सुरक्षित

रिपोर्ट में बताया गया कि हमले के बीच राष्ट्रपति अस्सीमी गोइता को तुरंत सुरक्षित स्थान पहुंचाया गया। उन्हें किसी भी प्रकार की कोई चोट नहीं है।  काटी को माली का सबसे सुरक्षित ठिकाना माना जाता है। यहां पर भीषण आतंकी हमले वहां की सैन्य सरकार के लिए बड़ा झटका है।

 

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इन शहरों पर एक साथ अटैक

आतंकी समूहों ने शनिवार सुबह एक साथ मिलकर पूरे माली में हमलों को अंजाम दिया था। सेवारे, किडाल और गाओ शहरों पर भीषण गोलीबारी हुई। किडाल में 24 घंटे बाद भी आतंकी और सेना के बीच मुठभेड़ जारी है। आतंकी समूहों ने काटी शहर पर हमला सैन्य सरकार के प्रमुख नेताओं को निशाना बनाने के उद्देश्य से किया। हालांकि उन्हें आंशिक रूप से सफलता भी मिली।

 

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