ईरान में विरोध प्रदर्शन के दौरान कम से कम 5000 लोगों की मौत का खुलासा हुआ है। ईरान के अधिकारियों ने रविवार को इसकी पुष्टि की। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने भी शनिवार को पहली बार माना कि हजारों लोगों की जान गई है। मगर उन्होंने इसका ठीकरा अमेरिका पर फोड़ा। खामेनेई ने कहा, 'हजारों लोग मारे गए हैं, कुछ को अमानवीय और बर्बर तरीके से मारा गया। इजराइल और अमेरिका से जुड़े लोगों ने भारी नुकसान पहुंचाया और कई हजार लोगों को मारा गया। ईरानी राष्ट्र में हुए हताहतों, नुकसानों और मानहानि के लिए हम अमेरिकी राष्ट्रपति को अपराधी मानते हैं।'
ईरान की सरकार ने विरोध प्रदर्शन को दंगा करार दिया। उसका कहना है कि इनकी आड़ में निर्दोष ईरानियों को मारा गया। एक ईरानी अधिकारी के मुताबिक मृतकों में करीब 500 सुरक्षाबल भी शामिल हैं। सबसे अधिक मौतें ईरान के कुर्द बहुल इलाके में दर्ज की गई हैं।
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हर रिपोर्ट में अलग-अलग दावा
अमेरिका स्थित ईरानी मानवाधिकार कार्यकर्ता समाचार एजेंसी (HRANA) के मुताबिक ईरान में विरोध प्रदर्शन के दौरान 3,090 लोगों की जान गई। उधर, सीबीएस न्यूज ने दो लोगों के हवाले से बताया कि कम से कम 12,000 से 20,000 लोगों तक की मौत हुई है। द संडे टाइम्स ने ईरान में मौजूद डॉक्टरों की एक रिपोर्ट के हवाले से बताया कि कम से कम 16,500 प्रदर्शनकारियों की जान गई है। लगभग 3,30,000 लोग घायल हैं। अधिकांश मृतकों की उम्र 30 साल के ऊपर है। डॉक्टरों ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया कि ईरान की सरकार ने लोगों पर सैन्य ग्रेड के हथियारों का इस्तेमाल किया।
इंटरनेट ब्लैकआउट से सामने नहीं आ रहे असली आंकड़े
ईरान में पिछले पांच दिनों से इंटरनेट ब्लैकआउट है। फोन सेवा भी सही से काम नहीं कर रही है। इस कारण मृतकों का असली आंकड़ा पता लगाने मुश्किल है। साइबर निगरानी कंपनी नेटब्लॉक्स के मुताबिक ईरान में शनिवार को कनेक्टिविटी सामान्य स्तर के लगभग 2% पर ही रही। इस बीच 16 मिनट लंबा एक वीडियो भी सामने आया है। इसमें एक शख्स खुद का नाम वाहिद बताता है। उसने इंटरनेट बंद होने कारण करीब 600 मील की यात्रा की ताकि वीडियो को ऑनलाइन अपलोड किया जा सके। वीडियो में एक मुर्दाघर में लोगों के शव पड़े हैं। लोग अपनों की तलाश करने में जुटे हैं।
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'1000 लोगों की एक आंख फूटी'
द संडे टाइम्स को ईरान-जर्मन आई सर्जन और म्यूनिख MED के चिकित्सा निदेशक प्रोफेसर अमीर परस्ता ने बताया कि ईरान की सरकार ने अबकी बार प्रदर्शनकारियों पर सैन्य ग्रेड के हथियारों का इस्तेमाल किया। उनके छाती, गर्दन और सिर पर गोली व छर्रे के घाव मिले है। ईरान के आठ नेत्र अस्पतालों से जुटाए गए आंकड़ों के मुताबिक 330,000 से 360,000 लोग घायल हुए हैं। इनमें बच्चे और गर्भवती महिलाएं शामिल हैं। वहीं करीब 700 से 1000 लोगों की एक आंख फूट गई है। अकेले राजधानी तेहरान के नूर क्लीनिक अस्पताल में आंख में चोट के 7000 से अधिक मामले आए हैं।