सीरिया के अबू दुहुर एयरबेस पर इजरायली हमले के बाद मध्य-पूर्व में तनाव और बढ़ चुका है। हमले के 24 घंटे की भीतर सीरिया के विदेश मंत्री असद अल-शैबानी ने माना कि तुर्की के अधिकारियों ने एयरबेस का दौरा किया था। लेकिन उन्होंने उस दावे को खारिज कर दिया कि यहां तुर्की अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ाना चाहता था।
इससे पहले इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा था कि एयरबेस पर हमले से पहले तुर्की को चेतावनी दी गई थी कि वह सीरिया में कोई सैन्य गतिविधि न करे। एक्सियोस से बातचीत में सीरियाई विदेश मंत्री असद अल-शैबानी ने कहा कि अबू दुहुर बेस पर तुर्की अधिकारियों का दौरा सहयोगियों के बीच सैन्य सहयोग का एक पहलू था।
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'तुर्की की सैन्य मौजूदगी बर्दाश्त नहीं करेंगे'
इजरायल नहीं चाहता है कि सीरिया में तुर्की की सैन्य मौजूदगी हो। वह इसे अपने खतरे के तौर पर देखता है। बार-बार सीरिया को चेतावनी भी दी कि तुर्की की सैन्य तैनाती इजरायल की सुरक्षा के लिए खतरा है। मगर सीरिया ने इनको नजरअंदाज किया। एक पॉडकास्ट में इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा, 'तुर्की के सैन्य निर्माण को इजरायल बर्दाश्त नहीं करेगा। यह दक्षिण की ओर बढ़ रहा, जो हमारे लिए खतरा है।' तुर्की को दी अपनी चेतावनी में नेतन्याहू ने कहा कि 'मत करो'।
तो इजरायल ने सीरिया को दी थी चेतावनी
न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने अपनी एक रिपोर्ट में बताया, '14 अगस्त को मोसाद प्रमुख रोमन गोफमैन ने सीरियाई विदेश मंत्री असद अल-शैबानी से फोन पर बातचीत की थी। उन्होंने सीरिया में तुर्की की सैन्य मौजूदगी का मुद्दा उठाया था।' इजरायल का आरोप है कि सीरिया ने इन चिंताओं पर ध्यान नहीं दिया। इसके चार दिन बाद यानी 18 अगस्त को एयरबेस पर हमला किया गया।
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क्या एयरबेस को अपग्रेड कर रहा था तुर्की?
सीरिया का अबू दुहुर एयरबेस एयरबेस उत्तर-पश्चिमी सीरिया में तुर्की की सीमा से महज 70 किमी की दूरी पर स्थित है। इजरायल का दावा है कि मई महीने से यहां निर्माण कर चल रहा है। तुर्की की मदद से एयरबेस को उन्नत बनाया जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति के विशेष दूत टॉम बैरक का कहना है कि एयरबेस पर इजरायली हमले के बाद सीरिया और तुर्की के बीच सीधे टकराव का खतरा पैदा हो गया है।
यह एयरबेस इदलिब प्रांत में स्थित है। यहां अहमद अल शारा की अगुवाई वाली सीरियाई सरकार अपने सैनिकों को ट्रेनिंग देती है। इजरायल का दावा है कि सीरिया की नई सरकार सैन्य रूप से काफी हद तक तुर्की पर निर्भर हो चुकी है। तुर्की के अधिकारियों ने एयरबेस का दौरा इसे दोबारा शुरू करने के उद्देश्य से किया था।