पाकिस्तान को एक बड़ा झटका लगा है। इस्लामाबाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट को चलाने के अपने प्रस्ताव से संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) पीछे हट गया है। यह योजना अगस्त 2025 से चल रही थी, लेकिन रिपोर्ट के मुताबिक अब इसे खत्म कर दिया गया है।
पाकिस्तान के अखबार 'द एक्सप्रेस ट्रिब्यून' ने सूत्रों के हवाले से बताया कि यूएई ने इस प्लान में अब दिलचस्पी दिखाना बंद कर दिया है। वजह यह बताई गई कि यूएई को कोई स्थानीय पार्टनर नहीं मिला, जिसके साथ मिलकर एयरपोर्ट का ऑपरेशन चलाया जा सके।
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तीन घंटे के लिए किया था विजिट
यह फैसला यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान की नई दिल्ली में तीन घंटे के छोटे से विजिट के ठीक बाद आया है। इस यात्रा ने सुर्खियां बटोरीं और दक्षिण एशिया की राजनीति पर असर डाला। कुछ लोग मानते हैं कि इस यात्रा से पाकिस्तान को नुकसान हुआ।
यूएई और सऊदी अरब के रिश्तों में खटास भी इस फैसले से जुड़ी हो सकती है। पहले ये दोनों देश करीबी दोस्त थे, लेकिन अब यमन में अलग-अलग गुटों को सपोर्ट करने पर दोनों के बीच खुला विरोध हो गया है।
सऊदी के साथ हुआ था समझौता
पाकिस्तान ने सऊदी अरब के साथ डिफेंस समझौता किया है। सितंबर 2025 में दोनों देशों ने समझौता किया कि एक पर हमला दूसरे पर हमला माना जाएगा। पाकिस्तान सऊदी अरब और तुर्की के साथ 'इस्लामिक नाटो' जैसा गठबंधन बनाने की कोशिश कर रहा है।
दूसरी तरफ, यूएई ने भारत के साथ नजदीकियां बढ़ाई हैं। इस महीने नई दिल्ली में यूएई राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्ट्रैटेजिक डिफेंस पार्टनरशिप की दिशा में लेटर ऑफ इंटेंट पर हस्ताक्षर किए। दोनों देशों के रिश्ते अब और मजबूत हो रहे हैं।
भारतीय कैदियों के रिहाई की मंजूरी
यात्रा के दौरान यूएई ने 900 भारतीय कैदियों को रिहा करने की मंजूरी दी, जो भारत के लिए अच्छी निशानी मानी गई। दोनों नेताओं ने कहा कि भारत-यूएई का व्यापक रणनीतिक साझेदारी अब नई ऊंचाइयों पर जा रही है।
पाकिस्तान और यूएई के पुराने रिश्ते करीब 40 साल पहले यूएई पाकिस्तान का बड़ा व्यापारिक साझेदार था। वहां हजारों पाकिस्तानी काम करते थे और रेमिटेंस भेजते थे। दोनों देशों ने डिफेंस, एनर्जी और निवेश में साथ काम किया। लेकिन अब सुरक्षा समस्याएं, लाइसेंस के झगड़े और पाकिस्तान की पुरानी इंफ्रास्ट्रक्चर की वजह से रिश्ते कमजोर हुए हैं।
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घाटे में कंपनियां
पाकिस्तान की सरकारी कंपनियां राजनीतिक दखल और खराब मैनेजमेंट से घाटे में चल रही हैं। पिछले साल पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस (पीआईए) को प्राइवेट कर दिया गया। यूएई ने मुश्किल जगहों जैसे अफगानिस्तान में एयरपोर्ट चलाए हैं, लेकिन इस्लामाबाद एयरपोर्ट को लेकर अब वह पीछे हट गया है। यह पाकिस्तान के लिए यूएई की विश्वास की कमी का संकेत है।