logo

ट्रेंडिंग:

कैसे उड़ पाएंगी पाकिस्तानी फ्लाइट, इंडिया विजिट के बाद UAE ने छोड़ा PAK का साथ

खबरों के मुताबिक यूएई पाकिस्तान को सपोर्ट करने से पीछे हट गया है। कहा जा रहा है कि यह फैसला यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के इंडिया विजिट के बाद आया है।

news image

शहबाज शरीफ । Photo Credit: Social Media

शेयर करें

संबंधित खबरें

Reporter

पाकिस्तान को एक बड़ा झटका लगा है। इस्लामाबाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट को चलाने के अपने प्रस्ताव से संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) पीछे हट गया है। यह योजना अगस्त 2025 से चल रही थी, लेकिन रिपोर्ट के मुताबिक अब इसे खत्म कर दिया गया है।

 

पाकिस्तान के अखबार 'द एक्सप्रेस ट्रिब्यून' ने सूत्रों के हवाले से बताया कि यूएई ने इस प्लान में अब दिलचस्पी दिखाना बंद कर दिया है। वजह यह बताई गई कि यूएई को कोई स्थानीय पार्टनर नहीं मिला, जिसके साथ मिलकर एयरपोर्ट का ऑपरेशन चलाया जा सके।

 

यह भी पढे़ंः पाकिस्तानी सेना की आलोचना करने वाली ईमान मजारी को 17 साल की सजा क्यों हुई?

तीन घंटे के लिए किया था विजिट

यह फैसला यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान की नई दिल्ली में तीन घंटे के छोटे से विजिट के ठीक बाद आया है। इस यात्रा ने सुर्खियां बटोरीं और दक्षिण एशिया की राजनीति पर असर डाला। कुछ लोग मानते हैं कि इस यात्रा से पाकिस्तान को नुकसान हुआ।

 

यूएई और सऊदी अरब के रिश्तों में खटास भी इस फैसले से जुड़ी हो सकती है। पहले ये दोनों देश करीबी दोस्त थे, लेकिन अब यमन में अलग-अलग गुटों को सपोर्ट करने पर दोनों के बीच खुला विरोध हो गया है।

सऊदी के साथ हुआ था समझौता

पाकिस्तान ने सऊदी अरब के साथ डिफेंस समझौता किया है। सितंबर 2025 में दोनों देशों ने समझौता किया कि एक पर हमला दूसरे पर हमला माना जाएगा। पाकिस्तान सऊदी अरब और तुर्की के साथ 'इस्लामिक नाटो' जैसा गठबंधन बनाने की कोशिश कर रहा है।

 

दूसरी तरफ, यूएई ने भारत के साथ नजदीकियां बढ़ाई हैं। इस महीने नई दिल्ली में यूएई राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्ट्रैटेजिक डिफेंस पार्टनरशिप की दिशा में लेटर ऑफ इंटेंट पर हस्ताक्षर किए। दोनों देशों के रिश्ते अब और मजबूत हो रहे हैं।

भारतीय कैदियों के रिहाई की मंजूरी

यात्रा के दौरान यूएई ने 900 भारतीय कैदियों को रिहा करने की मंजूरी दी, जो भारत के लिए अच्छी निशानी मानी गई। दोनों नेताओं ने कहा कि भारत-यूएई का व्यापक रणनीतिक साझेदारी अब नई ऊंचाइयों पर जा रही है।

 

पाकिस्तान और यूएई के पुराने रिश्ते करीब 40 साल पहले यूएई पाकिस्तान का बड़ा व्यापारिक साझेदार था। वहां हजारों पाकिस्तानी काम करते थे और रेमिटेंस भेजते थे। दोनों देशों ने डिफेंस, एनर्जी और निवेश में साथ काम किया। लेकिन अब सुरक्षा समस्याएं, लाइसेंस के झगड़े और पाकिस्तान की पुरानी इंफ्रास्ट्रक्चर की वजह से रिश्ते कमजोर हुए हैं।

 


यह भी पढे़ंः शहबाज शरीफ को साथ बिठाकर लॉन्च किया बोर्ड ऑफ पीस, फिर ट्रंप ने क्या-क्या कहा?

घाटे में कंपनियां

पाकिस्तान की सरकारी कंपनियां राजनीतिक दखल और खराब मैनेजमेंट से घाटे में चल रही हैं। पिछले साल पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस (पीआईए) को प्राइवेट कर दिया गया। यूएई ने मुश्किल जगहों जैसे अफगानिस्तान में एयरपोर्ट चलाए हैं, लेकिन इस्लामाबाद एयरपोर्ट को लेकर अब वह पीछे हट गया है। यह पाकिस्तान के लिए यूएई की विश्वास की कमी का संकेत है।

Related Topic:#Pakistan News#UAE

और पढ़ें

design

हमारे बारे में

श्रेणियाँ

Copyright ©️ TIF MULTIMEDIA PRIVATE LIMITED | All Rights Reserved | Developed By TIF Technologies

CONTACT US | PRIVACY POLICY | TERMS OF USE | Sitemap