अमेरिका ने बुधवार को कथित तौर पर वेनेजुएला से तेल खरीदने वाले 2 टैंकरों को जब्त कर लिया है। इन 2 टैंकरों में से एक पर रूसी झंडा लगा था। बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, इन दो जहाजों में एक रूस का जहाज मैरिनेरा है, जबकि दूसरे का नाम सोफिया है। सोफिया पनामा का जहाज बताया जा रहा। यूएस कोस्ट गार्ड्स ने करीब दो हफ्ते तक अटलांटिक महासागर में इस जहाज का पीछा किया था। अमेरिका सेना ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में बताया कि यह कदम वेनेजुएला के तेल निर्यात पर लगाए गए अमेरिकी प्रतिबंधों को सख्ती से लागू करने के तहत उठाया गया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ये दोनों जहाज कुछ ही घंटों के अंतरात में पकड़े गए हैं। रूसी झंडे वाला तेल टैंकर 'मैरिनेरा' को उत्तरी अटलांटिक में जब्त किया, जबकि दूसरा जहाज कैरिबियन सागर में पकड़ा गया। अधिकारियों का दावा है कि यह जहाज तेल खरीद के लिए वेनेजुएला जा रहा था। रूस ने अमेरिका की इस कार्रवाई की कड़ी निंदा की। रूसी परिवहन मंत्रालय ने कहा कि जहाज को जब्त करना समुद्री कानून का उल्लंघन है।
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सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए दी जानकारी
अमेरिकी सेना की यूरोपियन कमांड ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी कि यह जहाज अमेरिकी प्रतिबंधों का उल्लंघन कर रहा था, इसलिए इसे जब्त किया गया। पोस्ट में लिखा है कि डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस और युद्ध विभाग ने अमेरिकी प्रतिबंधों के उल्लंधन के आरोप में एमवी बेला 1 (मैरिनेरा) को जब्त कर लिया है। बताया जा रहा है कि यह जहाज चीन या अन्य देशों के लिए वेनेजुएला से तेल लेने जा रहा था।
रूसी जहाज सुरक्षा में थे तैनात
रूस ने अपने जहाज की सुरक्षा के लिए सबमरीन और अन्य नौसैनिक जहाज भेजे थे, लेकिन वे इसे बचाने में सफल नहीं हो पाए। रूस ने अमेरिकी सेना की इस कार्रवाई को लेकर एक वीडियो और फोटो भी जारी किया। वीडियो में एक हेलीकॉप्टर टैंकर के पास आता दिख रहा है। हालांकि दोनों सेनाओं के बीच कोई टकराव नहीं हुआ। अमेरिकी कार्रवाई के बाद रूसी ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट ने एक बयान जारी कर कहा कि यूएन कन्वेंशन के समुद्र कानून के अनुसार खुले समुद्र में नेविगेशन की आजादी लागू होती है और किसी भी देश को दूसरे देशों में रजिस्टर्ड जहाजों पर बलपूर्वक कब्जा करने का अधिकार नहीं है।
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एक महीने पहले दिया था चकमा
अमेरिका ने जिस जहाज को जब्त किया गया, उसका पुराना नाम बेला-1 था। अमेरिका ने इसे प्रतिबंधित जहाजों की लिस्ट में डाल दिया था। बीते दिसंबर यह जहाज वेनेजुएला की तरफ जा रहा था, लेकिन अमेरिकी कोस्ट गार्ड इसे रोकने में नाकाम रहे। बाद में इस जहाज का नाम बदलकर मैरिनेरा कर दिया गया। यह जहाज रूस के झंडे के तहत रजिस्टर्ड है। अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि आखिरकार यह जहाज आइसलैंड के पास उत्तरी अटलांटिक महासागर में पकड़ा गया। इस पूरे ऑपरेशन को अमेरिकी कोस्ट गार्ड और सेना ने मिलकर अंजाम दिया।
टैंकर पर था रूसी झंडा
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, अमेरिका ने इस तेल टैंकर पर कब्जे के ऑपरेशन में मदद के लिए P-8 पोसाइडन 'सबमरीन-हंटर' जहाज और AC-130J गनशिप को लगाया था। बेला 1 नाम का यह तेल टैंकर दो हफ्ते से ज्यादा समय से अमेरिकी सेना से बचने की कोशिश कर रहा था। व्हाइट हाउस के अनुसार, जब अमेरिका ने जहाज का पीछा किया तो यह एक बिना देश का जहाज था। इसमें पर रूस का झूठा झंडा फहरा रहा था।