खाड़ी देशों के अलावा ईरान अब तुर्की को सीधे निशाना बना रहा है। शुक्रवार को तुर्की ने तीसरी बैलेस्टिक मिसाइल को मार गिराने का दावा किया। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल है। इसमें तुर्की स्थित अमेरिका सैन्य ठिकाने पर मलबा गिरते दिख रहा है। नाटो ने भी बैलेस्टिक मिसाइल को रोकने की पुष्टि की है।
नाटो प्रवक्ता एलिसन हार्ट ने कहा कि नाटो सतर्क है और अपने सभी सहयोगियों की रक्षा के प्रति मजबूती से खड़ा है। वहीं तुर्की की सरकार ईरान के संपर्क में है। तेहरान से इस संबंध में स्पष्टीकरण मांगा गया है। तुर्की के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि ईरान से दागी गई बैलेस्टिक मिसाइल को तुर्की के एयरस्पेस में पूर्वी भूमध्य सागर में तैनात नाटो की एयर डिफेंस सिस्टम ने तबाह कर दिया है।
इस बीच अमेरिका ने तुर्की के अदाना में स्थित अपना वाणिज्य दूतावास बंद करने का ऐलान किया है। उसने अपने नागरिकों से दक्षिण-पूर्वी तुर्की को जल्द से जल्द छोड़ने का आग्रह भी किया है। यह इलाका ईरान की सीमा के करीब है। अमेरिकी एडवाइजरी के बाद सवाल उठने लगा है कि क्या ईरान तुर्की पर हमले का प्लान बना रहा है क्या? सबकी निगाह इस बात पर टिकी है कि अगर खाड़ी देशों की तरह तुर्की पर भी हमला किया गया तो क्या नाटो का आर्टिकल 5 लागू होगा?
यह भी पढ़ें: सऊदी अरब, UAE और ओमान पर ईरान का हमला, तेहरान में इजरायल की भीषण बमबारी
तुर्की ने तेहरान से किया संपर्क
तुर्की मीडिया के मुताबिक शुक्रवार को दक्षिणी अदाना प्रांत में इंसिरलिक एयरबेस के पास सायरन बजने की आवाज आई। बता दें कि इस एयरबेस में अमेरिकी सैनिक तैनात हैं। बैलेस्टिक मिसाइल हमले के बाद एयरबेस पर रेड अलर्ट जारी कर दिया गया है। तुर्की के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि सभी आवश्यक उपाय किए जा रहे हैं। अंकारा घटना के सभी पहलुओं को स्पष्ट करने की खातिर तेहरान के संपर्क में है।
क्या हमला करेगा तुर्की?
9 मार्च को भी ईरान ने तुर्की पर बैलेस्टिक मिसाइल से हमला किया। उस मिसाइल को भी नाटो ने मारकर गिरा दिया था। जवाब में तुर्की ने ईरान को सख्त चेतावनी दी थी और कहा था कि उसके पास जवाब देने का अधिकार सुरक्षित है। बाद में तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन ने ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन से फोन पर बात की थी और इस बात से इंकार किया था कि बैलेस्टिक मिसाइल ईरान ने दागी है। मगर तीसरे मिसाइल हमले के बाद तुर्की और ईरान के बीच तनाव बढ़ सकता है।
यह भी पढ़ें: ईरानी विदेश मंत्री से तीसरी बार जयशंकर ने की बात, PM मोदी को भी मिलाना पड़ा फोन
तुर्की में कहां तैनात हैं अमेरिकी सैनिक?
ईरान ने सबसे पहले चार मार्च और दूसरी बार 9 मार्च को तुर्की पर बैलेस्टिक मिसाइल से हमला किया था। तुर्की के मध्य मलात्या प्रांत में स्थित कुरेसिक सैन्य अड्डे पर अमेरिकी सैनिक तैनात हैं। वहीं इंसिरलिक एयरबेस नाटो का अहम ठिकाना है। यहां अमेरिका के अलावा स्पेन और पोलैंड समेत अन्य देशों के जवान तैनात हैं। तुर्की ने मंगलवार को ही एलान किया था कि नाटो मलात्या में एक पैट्रियट मिसाइल डिफेंस सिस्टम तैनात कर रहा है, ताकि हवाई सुरक्षा को मजबूत बनाया जा सके।