बांग्लादेश में 15 फरवरी को आम चुनाव होने वाले हैं, चुनाव से पहले हिंदू प्रत्याशियों के नामांकन रद्द किए जा रहे हैं। बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना की लोकसभा सीट गोपालगंज-3 (कोटालिपारा-तुंगीपारा) से निर्दलीय उम्मीदवार गोबिंद प्रमाणिक चुनाव लड़ना चाह रहे थे, उनका नामांकन ही खारिज कर दिया गया। वह बांग्लादेश जातीय हिंदू माहजोते की केंद्रीय समिति के महासचिव हैं।
गोपालगंज हिंदू महाजोते के जिलाअध्यक्ष बिजान रॉय ने बताया है कि गोबिंद अपना नामांकन 28 दिसंबर को दाखिल करने वाले थे, उनका नामांकन ही रद्द कर दिया गया। गोबिंद ने सफाई में कहा है कि वह किसी भी राजनीतिक दल से नहीं आते हैं, तब भी उन पर ऐसी सख्ती बरती गई है। वह कहते हैं कि वह किसी भी राजनीतिक दल के साथ नहीं हैं।
गोबिंद प्रमाणिक, महासचिव, हिंदू महाजोते:- राजनीतिक दलों के आंतरिक अनुशासन की वजह से चुने गए नेता, संसद में जनता के मुद्दे उठाने से बचते हैं। मैं किसी भी दायरे में नहीं बंधना चाहता हूं, मैं जनता की बात करना चाहता हूं।'
अब क्या करेंगे गोबिंद प्रमाणिक?
गोबिंद चंद्र प्रमामणिक ने कहा है कि वह चुनाव आयोग के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देंगे। उन्होंने गोपालगंज-3 से अपना नामांकन दाखिल गया था। बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना इसी संसदीय क्षेत्र से आती हैं।
बांग्लादेश में अल्पसंख्यक उत्पीड़न अपने चरम पर है। Photo Credit: ANI
चुनाव आयोग ने किस आधार पर रद्द किया नामांकन?
चुनाव आयोग का कहना है कि गोबिंद चंद्र प्रमाणिक के नामांकन पत्र में कुछ अनियमितताएं नजर आईं, जिसकी वजह से उनका नामांकन खारिज किया गाया है। एक नियम है कि कम से कमस 3086 वोटरों के हस्ताक्षर किया हुआ राजीनामा होना चाहिए, अधिकारियों को जांच में अनियमितताएं मिलीं, कई हस्ताक्षर ऐसे थे, जिनका सत्यापन नहीं हो पाया था। गोबिंद चंद्र प्रमाणिक ने कहा है कि वह चुनाव आयोग के इस फैसले को अदालत में चुनौती देंगे।
बांग्लदेश में बीते कुछ सप्ताह से अल्पसंख्यक उत्पीड़न अपने चरम पर है। हिंदुओं और अल्पसंख्यक समूहों पर हमले हो रहे हैं। नए साल की शाम पर एक हिंदू खोकोन दास को जिंदा जला दिया गया था। उन पर धारदार हथियारों से हमले किए गए थे, उन्हें बुरी तरह मारा गया था। स्तानीय लोगों का कहना है कि हमले के बाद लोग भाग गए। इससे पहले भी दीपू चंद्र दास की हत्या पर देशभर में आक्रोश देखने को मिला था।
गोबिंद चंद्र प्रमाणिक हिंदू नेता हैं, वह पेश से वकील हैं। वह गोपालगंज-3 से चुनाव लड़ना चाह रहे हैं। वह अल्पसंख्यक अत्याचार और उत्पीड़न के मुद्दे पर मुखर हैं। गोबिंद प्रमाणिक बांग्लादेश जातीय हिंदू माहाजोते के महासचिव हैं। वह अल्पसंख्यक हितों की वकालत करते हैं। किसी भी राजनीतिक दल से संबद्ध नहीं हैं। वह गोपालगंज-3 में ही राजनीतिक तौर पर सक्रिय हैं। सीट शेख हसीना का गढ़ माना जाता है।