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बांग्लादेश चुनाव: 'सेवन सिस्टर्स' को अलग करेंगे,' कहने वाले नेता का क्या हुआ?

हसनत अब्दुल्ला उन नेताओं में शुमार हैं, जिनकी शेख हसीना सरकार को गिराने में अहम भूमिका रही है। उन्हें जीत मिली है।

Hasnath Abdullah

हसनत अब्दुल्लाह। Photo Credit: HasnatAbdullah/insta

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बांग्लादेश के संसदीय चुनाव में नेशनल सिटीजन पार्टी (NCP) के नेता हसनत अब्दुल्लाह ने कोमिला-4 सीट पर बड़ी जीत हासिल की है। उन्होंने 1.6 लाख से ज्यादा वोट हासिल किया है। बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) की प्रचंड लहर में भी उन्होंने बड़ी कामयाबी हासिल की है। 

हसनत अब्दुल्लाह ने बीएनपी के समर्थन वाले उम्मीदवार मोहम्मद ए जाशिम उद्दीन को 1.1 लाख से ज्यादा वोटों से हराया। उन्होंने भारत के 'सेवन सिस्टर्स' कहे जाने वाले राज्यों को, देश से काटने की बात कही थी। असम, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, और त्रिपुरा को 'सेवन सिस्टर्स' के तौर पर लोग जानते हैं। 

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कौन हैं हसनत अब्दुल्लाह?

हसनत अब्दुल्लाह 2024 में शेख हसीना के खिलाफ छात्र आंदोलन के प्रमुख नेता थे। उन्होंने स्टूडेंट्स अगेंस्ट डिस्क्रिमिनेशन के कोऑर्डिनेटर के तौर पर कोटा सुधार आंदोलन शुरू किया था। बाद में यह हसीना सरकार के खिलाफ बड़े जन आक्रोश की वजह बना। 

शेख हसीना के हटने के बाद 2025 में एनसीपी पार्टी बनी, जिसमें हसनत अब्दुल्लाह दक्षिणी क्षेत्र के मुख्य आयोजक बने। यह पार्टी खुद को बांग्लादेश की पहली छात्र-नेतृत्व वाली राजनीतिक पार्टी बताती है। 

भारत के खिलाफ दे चुके हैं कई विवादित बयान

हसनत अब्दुल्लाह ने भारत के खिलाफ कई विवादास्पद बयान दिए हैं। दिसंबर 2025 में उन्होंने एक रैली में कहा था कि अगर बांग्लादेश की संप्रभुता पर खतरा हुआ तो भारत के पूर्वोत्तर के 'सेवन सिस्टर्स' को अलग-थलग किया जा सकता है, वहां के अलगाववादी ताकतों को शरण दी जा सकती है। हसनत अब्दुल्लाह ने इस्कॉन पर प्रतिबंध लगाने की बात कही थी। उन्होंने कहा था कि जेल में बंद हिंदू संत चिन्मय कृष्ण दास प्रभु को फांसी दे दी जाए। उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी के विजय दिवस पोस्ट की भी आलोचना की थी।

 

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जिस लोकसभा से उन्होंने चुनाव लड़ा, उसका हाल क्या?

कोमिला-4 में चुनाव भी हसनत के बयानों की तरह विवादास्पद रहा। हसनत के खिलाफ चुनावी मैदान में उतरे जशीमुद्दीन ने चुनाव खत्म होने के बाद बहिष्कार कर दिया। उन्होंने चुनाव में धांधली, मतदाताओं पर दबाव और एजेंटों को रोकने के आरोप लगाया।

हसनत की पार्टी का क्या हुआ?

हसनत ने मतदाताओं से बिना डर के वोट देने की अपील की थी। एनसीपी ने 30 सीटों पर चुनाव लड़ा, करीब 3 सीटों पर जीत मिली है। यह  पार्टी जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व वाले 11-पार्टी गठबंधन का हिस्सा है। चुनाव में बीएनपी ने दो-तिहाई बहुमत हासिल किया है। तारिक रहमान, बांग्लादेश के अगले प्रधानमंत्री हो सकते हैं। 

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