इजरायल के राष्ट्रपति इसहाक हर्जोग सिडनी पहुंचे तो उनके विरोध में ऑस्ट्रेलिया के कई शहरों में हिंसक विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए। पुलिस ने फिलिस्तीन समर्थक प्रदर्शनकारियों पर सख्ती बरती। उनके साथ मारपीट की गई और बड़ी संख्या में गिरफ्तारी की गई। पूरे ऑस्ट्रेलिया भर में विरोध प्रदर्शन की खबर है। सिडनी टाउन हॉल में हजारों की भीड़ जुटी। लोगों ने हर्जोग की गिरफ्तारी मांग की।
विरोध प्रदर्शनों का सबसे व्यापक असर सिडनी में देखने को मिला। यहां फिलिस्तीन समर्थकों ने इजरायल का खुलकर विरोध किया। उस पर मानवसंहार का आरोप लगाया। प्रदर्शनकारियों ने इजरायली राष्ट्रपति की गिरफ्तारी और प्रतिबंध की मांग की।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मेलबर्न, सिडनी और ब्रिस्बेन समेत देश के अन्य शहरों में प्रदर्शन देखने को मिले। न्यू साउथ वेल्स में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर मिर्च स्पे का इस्तेमाल किया। वहीं सिडनी में सड़क पर नमाज अदा करने वाले लोगों को पुलिस जबरन उठा ले गई।
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- ऑस्ट्रेलिया की सरकार ने उन नियमों को भी लागू किया, जिन्हें शायद ही कभी लागू किया जाता है। मसलन सिडनी टाउन हॉल और संसद के बीच के क्षेत्र को प्रतिबंधित सुरक्षा क्षेत्र घोषित किया गया। यहां पर आम जनता के जाने पर पाबंदी लगा दी गई।
- बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया गया। महिलाओं तक के साथ पुलिस ने मारपीट की। बैरिकेडिंग फांद रहे लोगों के साथ झड़प हिंसक हो गई। इसके अलावा जब इजरायली राष्ट्रपति बोंडी पैवेलियन से लौट रहे थे, तभी एक शख्स ने शर्मनाक की नारेबाजी की। बाद में पुलिस ने मेजर इवेंट्स एक्ट के तहत उसे गिरफ्तार कर लिया।
- उधर, ऑस्ट्रेलिया स्थित यहूदी परिषद ने प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज को एक पत्र भेजा है। इसमें 1000 से अधिक यहूदी हस्तियों के दस्तखत हैं। सभी ने सरकार से इजरायली राष्ट्रपति से निमंत्रण वापस लेने की मांग की। हस्तियों ने इसके पीछे मानवाधिकार और अंतरराष्ट्रीय कानून का हवाला दिया।
ऑस्ट्रेलिया क्यों पहुंचे हर्जोग
पिछले साल ऑस्ट्रेलिया के बोंडी बीच में दो आतंकियों ने यहूदियों के हनुक्का त्योहार को निशाना बनाकर भीषण गोलीबारी की थी। हमले में 15 लोगों की जान गई और बड़ी संख्या में लोग घायल हुए थे। अब राष्ट्रपति हर्जोग यहूदी समुदाय के साथ एकजुटता व्यक्त करने पहुंचे है। कार्यक्रम के मुताबिक इजरायली राष्ट्रपति को यहूदी समुदाय और बोंडी बीच के जीवित पीड़ितों व उनके परिवार से मुलाकात करनी है। उनका दौरा चार दिवसीय है।
फिलिस्तीन समर्थकों पर क्यों सख्त हुआ ऑस्ट्रेलिया?
बोंडी बीच हमले के वक्त इजरायल ने ऑस्ट्रेलिया सरकार पर लापरवाही बरतने और यहूदी विरोधी लोगों को बढ़ावा देने का आरोप लगाया था। यही कारण है कि हर्जोग की यात्रा के दौरान ऑस्ट्रेलियाई पुलिस ने फिलिस्तीन समर्थकों पर अधिक सख्ती बरती, ताकि इजरायल को दोबारा सवाल उठाने का मौका न मिले। पिछले साल ही ऑस्ट्रेलिया ने फिलिस्तीन को मान्यता दी थी। इससे इजरायल बेहद खफा था। बोंडी बीच हमला होने पर उसने कहा था कि यह सब फिलिस्तीन को मान्यता देने से हुआ है।
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इसहाक हर्जोग से जुड़ा क्या विवाद है?
इजरायल के राष्ट्रपति इसहाक हर्जोग पर फिलिस्तीनियों के मानवसंहार को उकसाने का आरोप है। पिछले साल अगस्त महीने में संयुक्त राष्ट्र के जांच आयोग ने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू, तत्कालीन रक्षा मंत्री योआव गैलेंट और हर्जोग को दोषी माना था। 2023 में हर्जोग ने एक विवादित बयान दिया था। इसमें उन्होंने कहा था कि 7 अक्टूबर 2023 को दक्षिणी इजरायल पर हमास के हमले के लिए सभी फिलिस्तीनी जिम्मेदार थे। बाद में उनके इसी बयान को मानवसंहार का जिम्मेदार माना गया।