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फिनलैंड में क्या खास है कि वह हर बार सबसे खुशहाल देश बनता है?

पिछले कई सालों से फिनलैंड सबसे खुशहाल देश गिना जा रहा है। क्या आप जानते हैं कि आखिर ऐसा होनी की वजह क्या है और क्यों हर बार यही देश आगे रहता है?

Finland City

फिनलैंड शहर; Photo Credit: FreePik

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वर्ल्ड हैप्पीनेस रिपोर्ट में एक बार फिर फिनलैंड ने बाजी मार ली है। यह 8वीं बार है जब फिनलैंड सबसे खुशहाल देश बना है। देश में रहने वालों की स्थिति के आधार पर यह रैंकिंग जारी की जाती है। इसमें सुरक्षा, शांति, सरकार का कामकाज और देश की आर्थिक स्थिति जैसे पैमाने होते हैं। इंडेक्स में इस बार भारत की रैंकिंग में थोड़ा सुधार हुआ है। पिछले साल भारत 126वें पायदान पर था। इस बार भारत 118वें पायदान पर है। 


मगर ऐसा क्या है कि फिनलैंड एक बार फिर सबसे खुशहाल देश बन गया है? दरअसल, भारत की तुलना में फिनलैंड में कामकाजी घंटे कम हैं और तनख्वाह ज्यादा है। ऐसे ही कुछ और कारण भी हैं जो उसे दुनिया में सबसे खुशहाल बनाते हैं।

 

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फिनलैंड और भारत में कितना काम?

भारत के मुकाबले फिनलैंड में कामकाजी घंटे कम हैं। ज्यादातर भारतीय हफ्ते में औसतन 48 घंटे काम करते हैं। यानी 6 दिन में रोज 8 घंटे। वहीं, फिनलैंड में रहने वाले लोग हफ्तेभर में 40 घंटे ही काम करते हैं। इस हिसाब से देखा जाए तो भारत की तुलना में फिनलैंड के लोग 8 घंटे कम काम करते हैं।


इसके अलावा, फिनलैंड में भारत की तुलना में तनख्वाह भी ज्यादा मिलती है। फिनलैंड में कर्मचारियों को सालभर में 24 से 30 छुट्टियां मिलती हैं। इसे वेकेशन हॉलीडे कहा जाता है। अगर कोई कर्मचारी वेकेशन हॉलीडे पर काम करता है तो उसे उस दिन की तनख्वाह भी मिलती है। इसकी तुलना में भारत में बहुत कम ही कंपनियां ऐसी हैं, जो वेकेशन हॉलीडे पर काम करने पर पेमेंट देती हैं।

 

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सैलरी में कितना अंतर?

भारत के मुकाबले फिनलैंड के लोगों की सैलरी भी ज्यादा होती है। लिविंगकॉस्ट वेबसाइट पर मौजूद जानकारी के मुताबिक, भारतीयों को हर महीने औसतन 625 डॉलर यानी लगभग 54 हजार रुपये सैलरी मिलती है। वहीं, फिनलैंड में कर्मचारियों की महीने की औसतन कमाई 2,732 डॉलर (लगभग 2.36 लाख रुपये) होती है। इस हिसाब से देखा जाए तो भारत की तुलना में फिनलैंड में 4 गुना ज्यादा सैलरी मिलती है।

किन मामलों में फिनलैंड से आगे है भारत?

भारत में फिनलैंड की तुलना में रोजमर्रा का खर्चा कम आता है। फिनलैंड में रहने पर एक व्यक्ति का औसतन खर्च 1,521 डॉलर है, जबकि भारत में यह 429 डॉलर बैठता है। किराये पर रहना भी भारत में ज्यादा सस्ता है। फिनलैंड में अगर किराये पर रहना है तो हर व्यक्ति को औसतन 719 डॉलर खर्च करना होगा। भारत में हर महीने किराये पर औसतन 175 डॉलर का खर्च आता है। इनके अलावा खाने का खर्च, ट्रांसपोर्ट का खर्च, फैमिली रेंट वगैरह भी भारत में कम है।

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