देश में LPG संकट, एजेंसियों पर भीड़, कहीं होटल बंद, कहीं भंडारा, कहां आ गए हम?
देश के कई शहरों में दावा किया जा रहा है कि LGP की किल्लत हो रही है। लोग डर की वजह से ज्यादा से ज्यादा गैस सिलेंडर खरीदना चाहते हैं।

एलपीजी गैस सिलेंडर की एजेंसी। Photo Credit: PTI
इजरायल, अमेरिका और ईरान के बीच छिड़ी जंग की वजह से भारत में लिक्विड पेट्रोलियम गैस (LPG) संकट की स्थिति पैदा हो रही है। लोगों में डर है कि अब एलपीजी नहीं मिलेगी, इसलिए ज्यादा से ज्यादा गैस सिलेंडर खरीदने, एजेंसियों पर पहुंच रहे हैं। देश के अलग-अलग हिस्सों से ऐसी तस्वीरें सामने आ रही हैं, जिनमें लोग लंबी कतारों में लग रहे हैं। कई जगहों पर झड़पें भी हुई हैं।
कई जगह, स्टोर मालिकों पर जमाखोरी के आरोप लग रहे हैं। लोगों ने अचानक महंगे दाम पर गैस खरीदना शुरू कर दिया है। राज्य सरकारों ने बुधवार को जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। जमाखोरी और कालाबाजारी से जुड़े माफिया, आपदा को अवसर बनाने में लगे हैं।
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उत्तर प्रदेश का हाल क्या है?
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि ईंधन और खाना पकाने के गैस की जमाखोरी या कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ छापेमारी करें। अधिकारी अब कई जिलों में पेट्रोल पंप और एलपीजी एजेंसियों की जांच कर रहे हैं, जिससे स्थितियां सामान्य रहें। लखीमपुर, गोरखपुर और झांसी जैसे जिलों में एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें लगी रहीं। लोगों का कहना है कि 5 से 10 दिनों से सिलेंडर नहीं मिल रहा है, जबकि बुकिंग पहले कर ली थी।
गोरखपुर के अजय निषाद ने बताया कि उन्होंने 10 दिन पहले बुकिंग की थी, लेकिन सिलेंडर नहीं मिला। एजेंसी के बाहर करीब 400 लोग कतार में थे। लोगों का कहना है कि वे सुबह 3 बजे से पहुंचे हैं लेकिन उन्हें सिलेंडर मिलेगा या नहीं, यह तय ही नहीं है। सिद्धार्थ नगर के आकाश शर्मा ने कहा, 'अचानक गैस खत्म हो गई। एजेंसी गए तो पता चला कि नहीं मिल पाएगा। ब्लैक में लोग 1500 से 2000 रुपये प्रति सिलेंडर बेच रहे हैं।'
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गोरखपुर के पीपीगंज में एक जगह लोग भिड़ गए। पुलिस ने 8 लोगों को हिरासत में लिया। एसपी नॉर्थ ज्ञानेंद्र कुमार ने कहा कि पुलिस ने बल प्रयोग किया और भीड़ को हटाया। जिला आपूर्ति अधिकारी रामेंद्र प्रताप सिंह ने दो गैस एजेंसियों को सील कर दिया। दोनों एजेंसी पर जमाखोरी और वितरण में गड़बड़ी पाई गई।
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बिहार का हाल क्या है?
बिहार में पुलिस ने जमाखोरों के खिलाफ कार्रवाई करने को लेकर सख्ती दिखाई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनी रहे इसके लिए सख्ती बढ़ा दी जाए। वितरण केंद्रों पर झड़पों और कालाबाजारी की खबरों के बाद एडीजी ने सभी जिलों में गैस एजेंसियों, पेट्रोल पंपों पर निगरानी बढ़ाने और कानून-व्यवस्था के लिए कदम उठाने को कहा है। राज्य में अचानक गैस एजेंसियों पर भारी भीड़ उमड़ रही है।
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कर्नाटक का हाल क्या है?
कर्नाटक के खाद्य और नागरिक आपूर्ति मंत्री केएच मुनियप्पा ने एलपीजी रिफिल डीलरों को चेतावनी दी कि वे ब्लैकमेलिंग या कालाबाजारी न करें, वरना सख्त कार्रवाई होगी। कर्नाटक में कालाबाजारी और जमाखोरी से जुड़ी कई खबरें सामने आईं थीं। दक्षिण भारत के कई राज्यों में ऐसे ही हालात सामने आए हैं।
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फिर से लौटा चूल्हे-चौका का दौर?
कई राज्यों में कमर्शियल एलपीजी की कमी से निपटने के लिए पारंपरिक खाना पकाने के तरीकों की इजाजत दी गई है। कई होटलों में एक बार फिर से भट्टी पर खाना बनाया जा रहा है। गैस संकट से बचने के लिए लोग खुद ही इस पहल की शुरुआत कर रहे हैं, भरे सिलेंडर को इमरजेंसी में इस्तेमाल करने के लिए रख रहे हैं।
- मध्य प्रदेश : इंदौर जिला प्रशासन ने कैटरर्स को लकड़ी और गोबर के उपले इस्तेमाल करने की अनुमति दी है। आदेश तब तक के लिए हैं, जब तक नियमित कमर्शियल एलपीजी सप्लाई बहाल नहीं होती। यह फैसला शहर के कैटरिंग एसोसिएशन के साथ बैठक के बाद लिया गया। इंदौर में लकड़ी, कोयला, गोबर के उपले या तंदूर इस्तेमाल पर 10,000 रुपये तक जुर्माना लगता है।
- पश्चिम बंगाल: सरकार ने स्कूलों को मिड-डे मील के लिए चूल्हे इस्तेमाल करने की इजाजत दी है। अब स्कूलों में लकड़ी जलाकर खाना बनेगा।
- राजस्थान: कोचिंग हब कोटा में कई हॉस्टलों ने कमर्शियल एलपीजी की कमी से लकड़ी और कोयले वाले स्टोव पर खाना बनाना शुरू कर दिया। कोटा हॉस्टल एसोसिएशन के अध्यक्ष नवीन मित्तल ने कहा कि मंगलवार से सप्लाई नहीं है, इसलिए हॉस्टल अब कोयला और लकड़ी पर खाना बना रहे हैं। यहां करीब दो लाख छात्र हॉस्टलों में रहते हैं।
- ओडिशा: भुवनेश्वर म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन ने शहर में चारकोल चूल्हों की इजाजत दी है। मेयर सुलोचना दास ने कहा कि एलपीजी की कमी से रेस्तरां, चाय की दुकानें और टिफिन सर्विस प्रभावित हुई हैं।
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LPG संकट की वजह से क्या-क्या रुका?
- श्मशान बंद: केरल में सरकार ने गैस की किल्लत की वजह से सभी गैस से चलने वाले श्मशान बंद कर दिए। तिरुवनंतपुरम में कई रेस्तरां बुधवार को बंद रहे। शहर के 50 फीसदी से ज्यादा होटल मंगलवार से बंद हैं। अगर सप्लाई जल्दी नहीं सुधरी तो चलाना मुश्किल होगा।
- भंडारा बंद: पश्चिम बंगाल में के बरगाभीमा मंदिर में रोज 800 श्रद्धालुओं के लिए पकाया प्रसाद 21 मार्च से 30 अप्रैल तक उपलब्ध नहीं होगा।
- दुकानें बंद: तमिलनाडु में कई दुकानें सिलेंडर की कमी से बुधवार को नहीं खुलीं। एक होटल के बाहर नोटिस लगा था कि एलपीजी सप्लाई की कमी से 11 मार्च 2026 को छुट्टी घोषित है। तमिलनाडु के कई हिस्सों में घरेलू एलपीजी केंद्रों पर भीड़ रही।
- नॉर्थ-ईस्ट: ज्यादातर डिस्ट्रीब्यूटर्स के पास कुछ दिनों का स्टॉक बचा है। यहां भी अचानक गैस एजेंसियों के बाहर भीड़ बढ़ गई है।
IRCTC ने क्या सलाह दी है?
इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन (IRCTC) ने सभी जोनों में कैटरिंग लाइसेंस होल्डरों को सलाह दी है कि अब वे खाना पकाने के वैकल्पिक साधनों पर जोर दें। गैस संकट की स्थिति अगर जारी रहती है तो इसके अलावा कोई विकल्प नहीं होगा।
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