अमेरिका और भारत के बीच टैरिफ को लेकर एक समझौता हुआ है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एलान किया है कि वह भारत पर थोपे गए 50 फीसदी टैरिफ को घटाकर 18 फीसदी कर रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए ट्रुथ सोशल पर लिखा कि भारत, अब रूस से तेल नहीं खरीदेगा। भारत पर भड़के ट्रंप के सुर अचानक ऐसे बदले कि उन्होंने 30 फीसदी से ज्यादा टैरिफ कम कर दिया। इस डील का क्रेडिट, सर्जियो गोर को भी मिल रहा है। वह भारत में अमेरिका के राजदूत हैं।
डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एलान किया कि अमेरिका भारत से आने वाले सामानों पर लगने वाली टैरिफ दर को 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर देगा। यह तत्काल प्रभावी होगा। उन्होंने दावा किया कि भारत ने रूस से तेल खरीदना बंद करने, अमेरिका से 500 अरब डॉलर के सामान खरीदने और अमेरिकी सामानों पर अपनी टैरिफ और गैर-टैरिफ बाधाओं को खत्म करने का वादा किया है।
डोनाल्ड ट्रंप ने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ दोस्ती और सम्मान के आधार पर किया गया समझौता बताया। है। इस घोषणा से ठीक पहले अमेरिका के भारत में नए राजदूत सर्जियो गोर ने सोशल मीडिया पर इशारा किया था कि भारत और अमेरिका के संबंध ट्रैक पर आने वाले हैं। उन्होंने लिखा था, 'राष्ट्रपति ट्रंप ने अभी प्रधानमंत्री मोदी से बात की। स्टे ट्यून्ड।'
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क्यों सर्जियो गोर को मिल रहा है क्रेडिट?
सर्जियो गोर, डोनाल्ड ट्रंप के युवा सहयोगियों में से एक हैं। 38 साल की उम्र में उन्हें भारत जैसे बड़े देश में अमेरिका का राजदूत नियु्क्त किया गया है। जनवरी में ही उन्होंने पद संभाला और अब भारत और अमेरिका की पुरानी दोस्ती, एक बार फिर मुश्किल दौर से बाहर निकलती नजर आ रही है। सर्जियो गोर, डोनाल्ड ट्रंप के सबसे भरोसेमंद लोगों में से एक माने जाते हैं। उन्होंने भारत आते ही यह आशा जताई थी कि भारत और अमेरिका संबंध सुधरने वाले हैं।
सर्जियो गोर ने इस समझौते के बाद खुशी जताते हुए कहा कि अमेरिका और भारत के रिश्तों में असीमित संभावनाएं हैं। वह भारत से बेहतर संबंधों की वकालत करते हैं। सर्जियो गोर ने कहा है कि अमेरिका अब कारोबार के लिए खुला है और आने वाले समय में और बड़े समझौते होंगे। उन्होंने डिटेल्स पर ज्यादा टिप्पणी नहीं की और कहा कि व्यापार वार्ताकार इसे संभालेंगे, लेकिन कुल टैरिफ 18 प्रतिशत रहेगा।
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सर्जियो गोर, भारत में अमेरिका के दूत:-
मैंने कई बार कहा है कि राष्ट्रपति ट्रंप सच में प्रधानमंत्री मोदी को एक अच्छा दोस्त मानते हैं। आज शाम ट्रेड डील की खबर सुनकर बहुत खुश हूं। यूनाइटेड स्टेट्स और भारत के बीच रिश्तों में असीमित संभावनाएं हैं!
कैसे सुधारे बिगड़े रिश्ते?
भारत आते ही सर्जियो गोर ने मोदी-ट्रंप की दोस्ती पर जोर दिया। उन्होंने दावा किया कि असली दोस्त मतभेद सुलझा लेते हैं। उन्होंने यह इशारा किया कि नए दौर में भी डोनाल्ड ट्रंप, भारत आएंगे। उन्होंने भारत को पैक्स सिलिका अलायंस में शामिल होने का न्योता दिया। यह सेमीकंडक्टर और एआई सप्लाई चेन से जुड़ा है।
यह समझौता ऐसे वक्त में हआ है, जब अमेरिका और भारत संबंध खराब दौर में हैं। डोनाल्ड ट्रंप, भारत पर लगातार टैरिफ थोप रहे थे। डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि भारत रूस के साथ तेल न खरीदे। टैरिफ की मार भी रूस के साथ तेल व्यापार की वजह से हुआ था।
सर्जियो गोर की पहल से एक बार फिर दोनों देशों के बीच वार्ता ट्रैक पर आनी शुरू हुई थी। मेड इन इंडिया उत्पादों को अब कम टैरिफ मिलेगा। दोनों देशों के बीच हुए इस समझौते के व्यापक परिणाम जमीन पर नजर आ सकते हैं।
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सर्जियो गोर कौन हैं?
सर्जियो गोर का सफर काफी रोचक रहा है। उनका जन्म 1986 में उज्बेकिस्तान के ताशकंद में हुआ था। उनका असली नाम सर्गेई गोरोखोव्स्की था। परिवार रूसी मूल का है। जीवन के कुछ साल माल्टा में रहने के बाद 1990 के दशक में उनका परिवार अमेरिका आ गया। जॉर्ज वॉशिंगटन यूनिवर्सिटी से राजनीति विज्ञान में डिग्री लेने के बाद उन्होंने रिपब्लिकन सर्कल में काम शुरू किया।
उन्होंने अमेरिका में अपने काम की शुरुआत सिनेटर रैंड पॉल के सहयोग से की थी। साल 2020 तक वह ट्रंप कैंपेन में चीफ ऑफ स्टाफ बने। ट्रंप की हार के बाद भी वे उनके करीबी बने रहे। उन्होंने डोनाल्ड ट्रंप जूनियर के साथ विनिंग टीम पब्लिशिंग शुरू की, जिसने ट्रंप की कई किताबें छापीं।
वह फ्लोरिडा के शहर मार-ए-लागो में इतने प्रसिद्ध हो गए कि उन्हें 'मेयर ऑफ मार-ए-लागो' कहा जाने लगा। ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में वह व्हाइट हाउस में पर्सनल ऑफिस के डायरेक्टर बने। वहां उन्होंने सिर्फ डोनाल्ड ट्रंप के वफादारों को नियुक्त करने पर जोर दिया। अगस्त 2025 में ट्रंप ने उन्हें भारत का राजदूत और दक्षिण-मध्य एशिया का विशेष दूत नामित किया। जनवरी 2026 से वह सक्रिय भूमिका में हैं।