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चुनाव होता है, PM होते हैं, फिर स्पेन में रानी का शासन कैसे आ गया?

इन दिनों स्पेन की भावी रानी लेयोनार अचानक चर्चा में आ गई हैं। कहा जा रहा है कि अपने पिता के बाद वही स्पेन की महारानी बनेंगी।

princess of spain leonor

राजकुमारी लेयोनोर, Photo Credit: Social Media

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यूरोप के देश स्पेन की भावी रानी की खूब चर्चा हो रही है। 150 साल में पहली बार ऐसा होने जा रहा है कि स्पेन की सत्ता किसी राजा नहीं रानी के हाथ में होगी। रानी भी ऐसी जिनकी उम्र अभी सिर्फ 20 साल है। नियमों के मुताबिक, वह मिलिट्री ट्रेनिंग भी ले चुकी हैं। इसकी वजह यह है कि वह देश की भावी कमांडर-इन-चीफ होंगी। अब सवाल यह उठ रहा है कि लोकतांत्रिक हो चुके स्पेन में रानी का शासन क्यों आ रहा है?

 

मौजूदा वक्त में पेड्रो सांचेज स्पेन के प्रधानमंत्री हैं और साल 2018 के जून महीने से वह इस पद पर काबिज हैं यानी सरकार के मुखिया के तौर पर प्रधानमंत्री ही काम कर रहे हैं। वहीं, 19 जून 2014 से फिलिप VI स्पेन के राजा हैं। उनके पहले उनके पिता हुआन कार्लोस राजा था और उन्होंने अपनी इच्छा से पद छोड़कर अपने बेटे को विरासत सौंप दिया था।

कौन हैं राजकुमारी लियोनोर?

 

31 अक्तूबर 2005 में मैड्रिड में पैदा हुईं लियोनोर मौजूदा राजा फिलिप VI और रानी लेतिजियी की बड़ी बेटी हैं। लियोनीर के एक और बहन है जिसका नाम इन्फांटा सोफिया है। यह पहले से तय था कि लियोनोर को ही रानी बनना है इसलिए बचपन से ही उनकी पढ़ाई-लिखाई पर ध्यान दिया गया। स्पैनिश के अलावा फ्रेंच, अरबी और मैंडरिन जैसी भाषाएं जानने वाली लियोनोर मिलिट्री ट्रेनिंग भी ले चुकी हैं। आप उनके इंस्टाग्राम हैंडल को खंगालें तो आर्मी, नेवी और एयरफोर्स की वर्दी में उनकी तस्वीरें मिल जाएंगी।

 

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लियोनोर ने अगस्त 2023 से दिसंबर 2025 के बीच तीनों सेनाओं की ट्रेनिंग ली। वह हवाई जहाज भी उड़ा सकती हैं और हथियार भी चला सकती हैं। उन्होंने वेल्स के अटलांटिक कॉलेज से पढ़ाई की है। अब उन्हें सर्वोच्च सम्मान रीजन ऑफ म्यूरिका का गोल्ड मेडल दिया जाएगा जिसके बाद ही वह स्पेन की सेनाओं की सुप्रीम कमांडर बन सकेंगी। 

क्या है स्पेन का सिस्टम?

 

स्पेन में साल 1975 में लोकतंत्र स्थापित हुआ था। इसके पहले पूरी तरह से तानाशाही चल रही थी और दशकों से सिविल वॉर चल रही थी। साल 1977 में पहली बार देश में चुनाव हुए और अडोल्फो सुआरेज प्रधानमंत्री बने। तब हुआन कार्लोस ही स्पेन के राजा थे। उसके बाद फिलिप VI राजा बने और अब उनकी बेटी की बारी है। इस दौरान स्पेन में चुनाव दर चुनाव होते रहे और देश ने कई प्रधानमंत्रियों का कार्यकाल भी देखा।

 

स्पेन में भी एक संसद होती है जिसे कांग्रेस ऑफ डेप्युटीज कहा जाता है। इसमें कुल 350 सांसद होते हैं जिन्हें सीधे जनता चुनती है और इनका कार्यकाल 4 साल का होता है। दूसरा सदन है सीनेट। इसमें कुल 265 सदस्य होते हैं। 208 सदस्यों को सीधे जनता चुनती है और 57 सदस्य स्वायत्त समुदायों की विधानसभाओं की ओर से नियुक्त होते हैं। प्रधानमंत्री का चुनाव कांग्रेस में बहुमत के आधार पर होता है। ठीक वैसे जैसे भारत में लोकसभा में बहुमत लाने वाला सरकार बना लेता है। 

 

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राजा या रानी की भूमिका क्या है?

 

स्पेन में भले ही राजा या रानी हों लेकिन देश संविधान से चलता है। रोचक बात है कि मौजूदा राजा फिलिप VI ऐसे राजा हैं जिन्होंने संविधान की शपथ ली है। इसी संविधान में देश की न्यायपालिका, कार्यपालिका और विधायिका की भूमिका भी स्पष्ट की गई है। देश के मुखिया के तौर पर राजा की भूमिका सांकेतिक ही है और असली सत्ता प्रधानमंत्री के पास ही होती है। राजा ही संसद की सहमति से प्रधानमंत्री की नियुक्ति करते हैं। ठीक वैसे जैसे भारत में राष्ट्रपति ही प्रधानमंत्री को शपथ दिलाते हैं यानी राजा की भूमिका नाम मात्र की ही रह गई है। इसके बावजूद राजा संविधान के 


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