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रात में लाइट जलाकर सोने वाले हो जाएं सावधान, हो सकती हैं ये परेशानियां

कई लोग को रात में अधिक रोशनी में सोना पसंद होता है इसीलिए आर्टिफिशियल लाइट का इस्तेमाल करते हैं। क्या आप जानते हैं कि आर्टिफिशियल लाइट में सोने से टाइप 2 डायबिटीज का खतरा बढ़ सकता है।

artificial light effects sleep pattern

प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credit: Freepik)

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रात को सुकून भरी नींद हम सब के लिए बहुत जरूरी है। अगर हम पर्याप्त मात्रा में नींद नहीं लेते तो दिन भर चिढ़चिढ़ापन महसूस करते हैं। पर्याप्त नींद लेने से व्यक्ति दिन भर एनर्जेटिक महसूस करते हैं। कुछ लोग रात को सोने से पहले लाइट बंद कर देते हैं। कुछ लोग रात में कमरे की लाइट जलाकर सोते हैं। 

 

क्या आप जानते हैं आर्टिफिशियल लाइट में सोने से स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचता है। हाल ही में एक स्टडी में बताया गया था कि रात को आर्टिफिशियल लाइट में सोने से ब्लड में शुगर का लेवल बढ़ता है। साथ ही मेटाबॉल्जिम पर भी प्रभाव पड़ता है।

 

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आर्टिफिशियल लाइट सेहत के लिए नुकसानदायक

शोधकर्ताओं ने अपनी स्टडी में पाया गया कि जो लोग आर्टिफिशियल लाइट लगाकर सोते हैं उनमे इंसुलिन का लेवल बढ़ हुआ नजर आया। उन लोगों के मुकाबले जो कम लाइट की रोशनी में सोते हैं। यह स्टडी PubMed  में पब्लिश हुई है। स्टडी में पाया गया कि आर्टिफिशियल लाइट इंसुलिन रेजिस्टेंट को बढ़ा सकता है जिससे टाइप 2 डायबिटीज होने का खतरा बढ़ जाता है।

 

आर्टिफिशियल लाइट ऑटोइम्यून नर्वस सिस्टम को एक्टिव कर देता जिससे कार्डियो वेस्कुलर फंक्शन पर असर पड़ता है। साथ ही पाया कि नींद के पैटर्न से भी मेटाबॉलिज्म पर असर पड़ता है और इससे होने वाली समस्याएं हो सकती है।

 

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नींद की क्वॉलिटी पर पड़ता है असर

इस स्टडी में 20 लोगों को शामिल किया गया था। एक कमरे में आर्टिफिशियल लाइट और दूसरे कमरे में धीमी रोशनी रखी गई। दोनों कमरों में 10-10 लोगों को एक दिन के लिए सुलाया गया। रिसर्स में पाया गया कि तेज रोशनी में सोने वाले लोगों की इंसुलिन सेंसिटिविटी बढ़ हुई है। हालांकि ब्लड शुगर में कोई बड़ा अंतर देखने को नहीं मिला। इसी रिसर्च में पाया गया कि आर्टिफिशियल लाइट में सोने वाले लोगों की नींद क्वॉलिटी में भी कमी देखी गई। इसका असर मुख्य रूप से शहरी लोगों पर पड़ता है जो अपने घरों में तेज रोशनी में सोना पसंद करते हैं। ऐसे व्यक्ति अगर रात को सोते समय रोशनी को कम सकते हैं तो उनकी नींद की क्वॉलिटी बेहतर हो सकती है।

 

अगर आप रात में लाइट जलाकर सोते हैं तो बॉडी क्लॉक अलर्ट मोड़ में चला जाता है। इस वजह से दिमाग में मेलोटोनिन कम मात्रा में उत्पन्न होता है।

 

डॉक्टर के मुताबिक हर व्यक्ति को कम से कम 7 से 9 घंटे की नींद लेनी चाहिए। पर्याप्त नींद लेने से आप बीमारियों से बचे रहते हैं। नींद आपके अच्छे स्वास्थ्य के लिए बहुत जरूरी है।

पर्याप्त नींद लेने के फायदे

  • शरीर को रिपेयर करने में मदद करता है।
  • मांसपेशियों को रिकवर करता है।
  • आपका मूड अच्छा रहता है।
  • बच्चे की ग्रोथ में मदद करता है।

Disclaimer: यह आर्टिकल इंटरनेट पर उपलब्ध जानकारियों पर आधारित है। विस्तृत जानकारी के लिए आप अपने किसी डॉक्टर की सलाह लें।

 

 

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