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चेन्नई में अचानक मर गए 1500 कौवे, आखिर कौन सी बला आई है? जानिए कारण से बचाव तक

चेन्नई में बर्ड फ्लू की वजह से 1000 से ज्यादा कौवों की मौत हो गई है। तमिलनाडु में भी हेल्थ एडवाइजरी जारी की गई है।

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कौवे, Photo Credit: Freepik

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चेन्नई में बर्ड फ्लू (एवियन इन्फ्लुएंजा) की वजह से 1000 से अधिक कौवों की मृत्यु हो गई। इन कौवों में H5N1 वायरस की पुष्टि हुई है। चेन्नई के बाद तमिलानाडु में भी बर्ड फ्लू की गंभीर स्थिति सामने आई है। इसके चलते राज्यभर में निगरानी और एहतियाती कदम बढ़ा दिए गए हैं ताकि यह संक्रमण मुर्गी पालने वालों या इंसानों में न फैले।

 

जनवरी के आखिरी हफ्ते से लेकर फरवरी की शुरुआत में अचानक कौवों की मौतें देखी गईं। नगरपालिका कर्मचारियों को कई इलाकों से लोगों ने पेड़ों से पक्षियों के गिरने की शिकायत दर्ज कराई। शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक 1000 से 1500 कौवों की मौत हुई है। यह स्थिति देश के अन्य हिस्सों से मिलती जुलती है।

 

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सरकार ने जारी की एडवाइजरी

विश्व पशु स्वास्थ्य संगठन (WOAH) ने दिसंबर 2025 में भारत में 11 पोल्ट्री फार्मों पर बर्ड फ्लू के प्रकोप की जानकारी दी थी। सितंबर 2025 में दिल्ली में बर्ड फ्लू के कारण एक चिड़िया घर को बंद करना पड़ा था। इन घटनाओं को देखते हुए तमिलनाडु सरकार ने पूरे राज्य में रोग निगरानी (डिजीज सर्विलांस) शुरू कर दी है। साथ ही राज्यभर में रोग निगरानी प्रोटोकॉल लागू कर दिया है।

 

स्वास्थ्य मंत्री मा. सुब्रमणियन ने कहा है कि स्थिति को देखते हुए सभी एहतियाी कदम पहले से ही उठाए जा चके हैं इसलिए आम लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। उन्होंने बताया कि निगरानी को और तेज कर दिया गया है तथा पशु चिकित्सा और सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग की टीमें मिलकर हालात पर लगातार नजर रख रही हैं। अभी तक किसी भी व्यक्ति में संक्रमण की पुष्टि नहीं हुई है। स्वास्थ्य अधिकारियों ने यह भी बताया कि वायरस इंसानों में बहुत कम फैलता है। यह संक्रमण तभी फैलता है जब कोई व्यक्ति संक्रमित पक्षियों या उनके मृत शरीर के सीधे संपर्क में आता है।  

  • मरे हुए पक्षियों को हाथ न लगाएं।
  • पोल्ट्री उत्पादों को अच्छी तरह पकाकर ही खाएं।

क्या होता है बर्ड फ्लू?

बर्ड फ्लू को एवियन इन्फ्लूएंजा के नाम से जाना जाता है। इसका इंसानों में संक्रमम दुर्लभ माना जाता है। पिछले कुछ सालों में ये वायरस न सिर्फ इंसानों को संक्रमित कर रहा है बल्कि इसके कारण कई जगहों पर मौत के मामले में भी सामने आए हैं।

 

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कैसे पक्षियों में फैलता है बर्ड फ्लू?

बर्ड फ्लू वायरस पक्षी की लाग और मल में मौजूद होता है। दूसरे पक्षी या जानवर इस वायरस से तब संक्रमित होते हैं जब वे संक्रमित पक्षी की लार, मल या मूत्र के संपर्क में आते हैं। अगर इंसान ने संक्रमित पक्षी के अंडे या उसका मीट खाया है को उसे यह बीमारी हो सकती है।

इंसानों में बर्ड फ्लू के लक्षण

विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक बर्ड फ्लू के लक्षण किसी आम फ्लू के जैसे ही होते हैं। बर्ड फ्लू की वजह से खांसी, गले की खराश, बुखार, सर्दी- जुकाम, नाक बहना, थकान महसूस होना, जोड़ों में दर्द जैसे लक्षण नजर आते हैं।

कैसे करें बचाव?

  • हाथों को साबुन से धोएं।
  • किसी भी संक्रमित पक्षी के संपर्क में आने से बचें।
  • पक्षियों को मरा देखने पर तुरंत जानकारी दें।
  • मीट को अच्छी तरह से पकाएं।
  • लक्षण दिखाई देने पर तुरंत डॉक्टर के पास जाएं।

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