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क्या रोजाना शंख बजाने की आदत सेहत के लिए है फायदेमंद? जानिए

हिंदू धर्म में शंख बजाने का विशेष महत्व है। खासतौर पर पूजा-पाठ के दौरान शंख को बजाया जाता है। क्या आप जानते हैं शंख बजाने से सेहत को भी फायदा पहुंचता है।

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शंख (Photo Credit: Freepik)

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हिंदू धर्म में पूजा-पाठ के दौरान शंख बजाने की परंपरा है। लोग पूजाघर में शंख रखते हैं और नियमित रूप से उसे बजाते हैं। शंख बजाने से सकारात्मक उर्जा का एहसास होता है। शंख बजाने का फायदा सिर्फ धार्मिक ही नहीं सेहत के लिए भी अच्छा होता है। कई फायदे तो सीधे तौर से सेहत से जुड़े हैं। आइए जानते हैं शंख बजाने से क्या-क्या फायदे मिलते हैं।

 

कई अध्ययनों में इस बात को प्रमाणित किया है कि शंख की आवाज सुनने से दिमाग शांत होता है। शंख की आवाज सुनने से सकारात्मक प्रभाव पड़ता है और इच्छाशक्ति बढ़ती है। शंख की ध्वनि मस्तिक पर कैसे प्रभाव डालती है इसका अध्ययन इलेक्ट्रोएन्सेफलोग्राम (EEG) रिकॉर्डिंग के माध्यम से किया जाता है। जिस समय शंख की आवाज आप सुनते हैं दिमाग से सभी विचार कुछ पल के लिए निकल जाते है। उस समय  आपका ध्यान सिर्फ उस आवाज पर केंद्रित होता है।

 

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शंख बजाने के फायदे

 

इंटरनेशनल जर्नल ऑफ रिसर्च एंड साइंटिफिक इनोवेशन (IJRSI) के मुताबिक, शंख बजाने से हकलाने की समस्या, फेफड़ों की बीमारी, दमा, खांसी की समस्या को कम करने में मदद मिलती है। इसके अलावा नियमित रूप से शंख बजाने से हार्ट ब्लॉकेज होने का खतरा कम होता है और श्वसन तंत्र बेहतर होता है।

 

फेफड़े होते हैं मजबूत- शंख बजाने से फेफड़े की मसल्स फैलती हैं और लंग्स मजबूत होते हैं। फेफड़े के मसल्स फैलने से ऑक्सीजन का सर्कुलेशन बढ़ता है और दिल पर ज्यादा प्रशेर नहीं पड़ता है।

 

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स्पीच थेरपी- एक्सपर्ट्स के मुताबिक, शंख बजाने से हकलाने की समस्या को दूर किया जाता है। इसलिए डॉक्टर शंख बजाने की सलाह देते हैं। इसके अलाव जो लोग नियमित रूप से शंख बजाते हैं उनके चेहरे का निखार भी बढ़ता है। शंख बजाने से चेहरे की मसल्स खिंचती हैं।

 

Disclaimer: यह आर्टिकल इंटरनेट पर उपलब्ध जानकारियों और सामान्य बातचीत पर आधारित है। खबरगांव इसकी पुष्टि नहीं करता है। विस्तृत जानकारी के लिए आप अपने किसी डॉक्टर की सलाह लें।

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