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ज्यादा मोबाइल फोन चलाने से हो सकती है रीढ़ की बीमारी, हो जाएं अलर्ट

हम सभी जानते हैं कि मोबाइल फोन का अधिक इस्तेमाल करने से सेहत पर प्रभाव है। यह आपके रीढ़ की हड्डी को भी नुकसान पहुंचाता है। समझिए कैसे?

back pain caused using mobile phone

प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credit: Freepik)

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आज के समय में हम सभी लोग अपना ज्यादातर समय फोन और लैपटॉप पर बिताते हैं। बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक को फोन की लत लग गई है। बच्चे पढ़ाई करने के लिए घंटों टैब या मोबाइल फोन देखते हैं। वयस्क लोग घंटों एक ही जगह बैठकर लैपटॉप चलाते हैं। इतना ही नहीं माता पिता छोटे बच्चों को खाना खिलाने के लिए मोबाइल फोन में उलझा देते हैं। मोबाइल फोन की वजह से फिजिकल एक्टिविटी ना के बराबर हो गई है।

 

क्या आप जानते हैं कि मोबाइल फोन का अधिक इस्तेमाल करने से गर्दन और रीढ़ की हड्डी पर पड़ता है। युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक में बैक पेन, सर्वाइकल स्पॉन्डिलोिस, हर्नियेटेड डिस्क, टेक्सट नैक की समस्या तेजी से बढ़ रही हैं। आइए जानते हैं फोन चलाने की वजह से रीढ़ की हड्डी पर क्या प्रभाव पड़ता है।

 

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रीढ़ की हड्डी पर पड़ता है असर

 

टेक्स्ट नेक सिंड्रोम- मोबाइल फोन का अधिक इस्तेमाल करने की वजह से आपकी गर्दन आगे की तरफ और पीठ सिकुड़ी जाती है। इस अवस्था में ज्यादा देर तक रहने से मास पेशियों में ऐंठन की समस्या होती है जिसे टेक्स्ट नेक सिंड्रोम कहा जाता है।

 

मुड जाती है गर्दन- एक ही पॉश्चर में फोन चलाने की वजह से गर्दन की मास पेशियों पर तनाव पर पड़ता है। एक तरफ गर्दन करके फोन चलाने से गर्दन मुड जाती है जिसे टॉर्टीकॉलिस के नाम से जाना जाता है। यह एक दर्दनाक कंडीशन है जिसमें गर्दन एक तरफ झुक जाती है। 

 

स्लिप डिस्क- स्लिप डिस्क को हर्नियेटेक डिस्क कहा जाता है। यह एक स्थिति है जिसमें रीढ़ की हड्डी अपना सामान्य स्थान से हट जाती है। स्लिप डिस्क होने के पीछे कई कारण हो सकते हैं। स्लिप डिस्क में पीठ में दर्द, पैर में दर्द, हाथों और पैरों में झुनझुनी की समस्या होती है।

 

रीढ़ की हड्डी में दर्द- लंबे समय तक गलत पॉश्चर में फोन चलाने से रीढ़ की हड्डी पर दबाव पड़ता है जिससे पीठ और गर्दन में दर्द महसूस होता है। इसके अलावा कंधों में अकड़न महसूस होती है।

 

बच्चों पर पड़ता है प्रभाव

FAPESP एक हेल्थ केयर पत्रिका है जिसमें कहा गया कि तीन घंटे से अधिक समय तक किसी भी स्क्रीन को पेट के बल बैठकर या लेटकर देखने से रीढ़ की हड्डी पर प्रेशर पड़ता है। इस वजह से पीठ की मास पेशियों में ऐंठन महसूस होती है। रिसर्च में कहा गया था कि फोन का अधिक इस्तेमाल करने का प्रभाव सबसे ज्यादा बच्चों पर पड़ता है। उनकी हड्डियों के साथ आंखों की रोशनी भी कमजोरी होती है।

 

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ऐसे रखें रीढ़ की हड्डी का ख्याल- रीढ़ की हड्डी को स्वस्थ रखने के लिए कुछ बातों का खास ध्यान रखना चाहिए।

  • ऑफिस में कामकरने के दौरान कुछ घंटों पर ब्रेक लेते रहना चाहिए।
  • नियमित रूप से स्ट्रेचिंग और एक्सरसाइज करनी चाहिए।
  • काम करते समय अपने पॉश्चर का खास ध्यान रखना चाहिए।
  • स्क्रीन टाइम को कम करें।
  • पीठ की मास पेशियों को मजबूत रखने के लिए रोजाना एक्सरसाइज करना चाहिए।

Disclaimer: यह आर्टिकल इंटरनेट पर उपलब्ध जानकारियों पर आधारित है। विस्तृत जानकारी के लिए आप अपने किसी डॉक्टर की सलाह लें।

 

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