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रोजाना करते हैं सूर्य नमस्कार तो नहीं पड़ेगी एक्सरसाइज करने की जरूरत

सूर्य नमस्कार योगाभ्यास का प्रकार है जिसे करने से शरीर स्वस्थ रहता है। क्या आप जानते हैं सूर्यनमस्कार में 12 आसन होते हैं।

yoga Surya Namaskar Benefit

योग (Photo Credit: Freepik)

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योग करने से शरीर स्वस्थ रहता है। रोजाना योग करने से मन शांत होता है। यह सिर्फ आपके फिजिकल ही नहीं मेंटल हेल्थ के लिए भी अच्छा होता है। योग आपको बीमारियों से भी दूर नहीं रखता है। सेहत के साथ- साथ त्वचा के लिए भी फायेदमंद होता है। योग करने से त्वचा ग्लोइंग और खूबसूरत लगती है। योग के कई प्रकार हैं जिसमें से सबसे पॉपुलर सूर्य नमस्कार है।

 

सूर्य नमस्कार को सूर्योदय के समय में किया जाता है। इसे रोजाना करने से बॉडी की फ्लेक्सिबिलिटी बढ़ती है और मांस पेशियां मजबूत होती है। क्या आप जानते हैं सूर्यनमस्कार में 12 योगासन आते हैं। आइए इस सभी आसानों के बारे में जानते हैं।

 

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प्रणामासन

 

 

प्रणामासन खड़े होने की मुद्रा है। इसमें आप नमस्कार के पोज में सीधे खड़े हो जाएं और दोनों हाथों को जोड़ के सीने से चिपका लें और गहरी सांस लें और फिर धीरे- धीरे सांस छोड़ें।

 

हस्तउत्नासन

 

खड़े होकर अपने हाथों को ऊपर की ओर उठाएं और पीछे की और झुका दें। इस बात का ध्यान रखें कि दोनों हाथ कान से सटे हुए हों। हाथों को पीछे ले जाते हुए शरीर को भी पीछे ले जाएं।

 

पादहस्तासन

 

इसमें आपको हाथों को उठाते हुए नीचे की तरफ झुकाना है। इस बात का ध्यान रहें कि आपको हाथों को पैरों तक छूना है। इस अवस्था में आपके घुटने मुड़े हुए नहीं होने चाहिए।

 

अश्व संचालनासन

 

इस आसन में आपको बांये पैर को पीछे की ओर ले जाएं और दाएं पैर को घुटने की ओर मोड़ते हुए सीने से सटाएं। दोनों हाथों को जमीन पर रखें और ऊपर की ओर देखते हुए गर्दन को पीछे की ओर ले जाएं।

 

दंडासन

 

इस आसन में आपको दोनों पैरों की पीछे करके हाथों पर जोर देते हुए बैलेंस बनाना है और शरीर को एक सीध में रखें।

 

अष्टांग नमस्कार

 

गहरी सांस लेते हुए ठोड़ी, छाती, हाथ और पैर को जमीन पर सटाएं और अपने कूल्हे के हिस्से को ऊपर की और उठाएं।

 

भुजंगासन

 

कोहनी के कमर से सटाते हुए हाथों के पंजे के बल से छाती को ऊपर की ओर उठाएं। गर्दन को उठाते हुए ऊपर की ओर ले जाएं।

 

अधोमुख शवासन

 

अधोमुख शवासन में कूल्हे को ऊपर की ओर उठाएं लेकिन पैरों की एड़ी जमीन पर टिकाएं रखें।

 

 

अश्व संचालासन

 

अश्वसंचालासन में आपको एक बार फिर आना है लेकिन इस बार बाएं पैर को आगे की ओर रखें।

 

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पादहस्तानसन

 

अश्व संचालासन के बाद फिर से पादहस्तानसन की मुद्रा में आएं।  

 

हस्तउत्नासन

 

पादहस्तासन की मुद्रा से सामान्य स्थिति में आने के बाद फिर से हस्तउत्ननासन मुद्रा में आएं।

 

 

 

 


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