आज के समय में लोग फिट रहने के लिए जिम में घंटों पसीना बहाने की बजाय मॉर्डन तरीकों को अपना रहे हैं। इन दिनों Tai Chi Walking (ताई ची वॉकिंग) काफी ट्रेंड में है। इस वॉकिंग को दुनियाभर में पसंद किया जा रहा है। ताई ची वॉकिंग एक ऐसी प्रैक्टिस है जिसमें लोग चलते फिरते ध्यान कर सकते हैं और अपना बैलेंस भी बेहतर कर सकते हैं।
दुनियाभर में इसे पसंद किया जा रहा है क्योंकि यह आपके फिजिकल और मेंटल हेल्थ के लिए फायदेमंद है। खासतौर से बुजुर्गों को इसका सबसे ज्यादा फायदा हो रहा है। आइए जानते हैं ताई ची वॉकिंग क्या है और इसके क्या फायदे हैं?
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Tai Chi Walking (ताई ची वॉकिंग) क्या है?
ताई ची एक चाइनीज शब्द है जिसका अर्थ मन और शरीर होता है। इसमें चलने फिरने की गति को बहुत धीमा कर दिया जाता है। हर कदम को संतुलन और सांस लेने की प्रक्रिया के साथ सही तालमेल बिठाकर उठाया जाता है। इसे मूविंग मेडिटेशन भी कहा जाता है जो शरीर और मन दोनों को जोड़ता है। इसमें सिर्फ फिटनेस पर ध्यान नहीं दिया जाता है बल्कि इसमें हर कदम, शरीर की मुद्रा, सांस लेने के तरीके और वजन के ट्रांसफर पर ध्यान दिया जाता है। जबकि आम वॉकिंग में लोग बिना सोचे समझे चलते हैं और उनका मन कहीं और भटकता रहता है।
वहीं, ताई ची वॉकिंग में आपका सारा ध्यान इसे करने में होना चाहिए। इसमें लोग मांसपेशियों को आराम की स्थिति में रखते हुए और शरीर का सही पॉश्चर बनाए हुए ध्यान से अपने शरीर का वजन एक पैर से दूसरे पैर पर ले जाते हैं। इस दौरान लोग बेहद सतर्क और जागरूक रहते हैं। इसी वजह से कई रिसर्चर इसे मूविंग मेडिटेशन मानते हैं। इस वॉक को रोजाना करने से मन शांत होता है, तनाव कम होता है, फोक्स बढ़ता है, साथ ही शरीर भी ऐक्टिव रहता है।
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Tai Chi Walking Benefits: ताई ची वॉकिंग के फायदे
कई क्लिनिकल स्टडी और पब्लिक हेल्थ ऑर्गनाइजेशन में पाया गया कि अगर कोई बुजुर्ग इस वॉक को करता है तो उन्हें गिरने का खतरा सबसे कम होता है। यह आपके बैलेंस और पॉश्चर को नियंत्रित रखता है। इसके अलावा शरीर के ऊपरी और निचले हिस्से में कोर्डिनेशन बना रहता है।
रोज कितनी देर करनी चाहिए Tai Chi Walking?
स्वस्थ लोगों के लिए ताई ची वॉकिंग बहुत सुरक्षित व्यायाम है क्योंकि आपको इसे धीरे से नियंत्रित होकर आराम से करना है। इसे करने के लिए योग, मेडिटेशन और और मार्शियल आर्ट्स में कोई अनुभव की जरूरत नहीं है। विशेषज्ञों के मुताबिक शुरुआत में आपको 10 से 15 मिनट का शार्ट सेशन करना है। इस व्यायाम को करते समय अपने पॉश्चर, सांस और वजन को एक पैर से दूसरी पैर की तरफ भेजने पर ध्यान देना है।