बढ़ती उम्र के साथ चेहरे पर बारीक रेखाएं, झुर्रियां, काले धब्बे नजर आने लगते हैं। इन त्वचा संबंधी समस्याओं को दूर करने के लिए रेटिनॉल का इस्तेमाल करते हैं। ये क्रीम त्वचा में कोलेजन को बूस्ट करती है और झुर्रियों की समस्या को कम करती है। इसके अलावा डेड स्किन को हटाने का भी काम करती है। सोशल मीडिया पर कई ब्यूटी इन्फ्लुएंसर एजिंग को कम करने के लिए रेटिनॉल का इस्तेमाल करने की सलाह देते हैं। ये आपको आसानी से मार्केट में मिल जाती है लेकिन क्या आप जानते हैं रेटिनॉल प्रेग्नेंट महिला के लिए बेहद खतरनाक होता है?
रेटिनॉल एक स्ट्रांग केमिकल कंपाउंड है जो आपके कोख में पल रहे बच्चे के लिए भी खतरनाक होता है। इसस बारे में त्वचा विशेषज्ञ Dr Jushya Bhatia Sarin ने अपने एक पॉडकास्ट में बताया है।
यह भी पढ़ें: डिजिटल डिटॉक्स ने कैसे घटाया जेन जी का तनाव-डिप्रेशन? स्टडी से समझिए
कितने तरह का रेटिनॉल बाजार में मिलता है?
बाजार में चार तरह के रेटिनॉइड मिलते हैं जिन्हें उनके केमिकल कंपाउंड और असर के आधार पर बांटा गया है।
रेटिनल एस्टर- ये सबसे हल्का टाइप है। जिन लोगों की सेंसिटिव स्किन है उनके लिए ये अच्छा होता है।
रेटिनॉल- यह सबसे कॉमन और पॉपुलर है। शुरुआत में यही दिया जाता है।
रेटिनल- ये रेटिनॉल से ज्यादा पावरफुल होता है। यह सीरम और क्रीम के रूप में मिलता है।
ट्रेटिनोइन- ये सबसे पावरफुल कंपाउंड है जिसे बिना डॉक्टर के पर्चे के नहीं मिलता है।
डॉक्टर सरीन के मुताबिक रेटिनॉल का इस्तेमाल शुरुआत में एक्ने से छुटकारा पाने के लिए किया गया था। सालों बाद डॉक्टर्स ने पाया कि ये सिर्फ मुहांसे नहीं बल्कि एंटी कोलेजन की तरह भी काम कर रहा है। अब इसका इस्तेमाल एंटी एजिंग ट्रीटमेंट के तौर पर हो रहा है। उन्होंने आगे कहा, 'ट्रेटिनोइन एक प्रकार का ड्रग है जो अलग-अलग प्रतिशत में आता है। यह यूएस एफडीए अप्रूव है। 0.025% ट्रेटिनोइन का इस्तेमाल एंटी एजिंग और एक्ने के लिए कर सकते हैं। वहीं रेटिनॉल और रेटिनल को अप्रूव्ड नहीं किया गया है। आप इसे बिना डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन के खरीद तक नहीं सकते हैं।' हालांकि भारत में आप इस सभी चीजों को आप आसानी से खरीद सकते हैं।
प्रेगेंट महिलाओं के लिए कैसे खतरनाक है रेटिनॉल?
ये प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए बहुत खतरनाक होता है। इसके अलावा यह उन महिलाओं के लिए भी खतरनाक है जो प्रेग्नेंसी से प्लान कर रही हैं। उन्हें इसका इस्तेमाल कुछ महीनों पहले बंद करना पड़ता है। इतना ही नहीं इसके डिस्कलेमर में भी ये चीजें लिखी होती है।
यह भी पढ़ें: डिजिटल डिटॉक्स ने कैसे घटाया जेन जी का तनाव-डिप्रेशन? स्टडी से समझिए
कोख में पल रहे बच्चे पर पड़ता है असर
रेटिनॉल के इस्तेमाल से बच्चे को कार्डियोवस्कुलर प्रॉब्लम्स होती है। बच्चों के लिंब में दिक्कत हो सकती है। इनकी बोन नहीं बन सकती है, आंखों में दिक्कत, न्यूरोलॉजिकल समस्या समेत अन्य परेशानियां हो सकती हैं। ये परेशानिया विटामिन 'ए' की वजह से होती है क्योंकि इसमें विटामिन ए की मात्रा ज्यादा होती है।
डॉक्टर सरीन ने बताया कि अगर डर्मेट ने सलाह दिया है तो ही यूज करें। इसके इस्तेमाल से फर्टिलिटी में दिक्कत नहीं होती है। डॉक्टर आपसे पहले ही कंसेंट साइन कराता है तभी लिखेगा। आइसोट्रेटिनॉइन और टॉपिकल रेटिनोइड्स को बिना डॉक्टर की सलाह न लें। कितने समय तक लेना है? किस तरह से इस्तेमाल करना है? यह सभी चीजें अपने डॉक्टर से जरूर पूछ लें।
आप किसी भी रील या सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर को देखकर रेटिनॉल का इस्तेमाल न करें। इसके कई साइड इफेक्ट्स होते हैं। खासतोर से जो पहले से कोई गंभीर बीमारी से पीड़ित है।
क्या आमतौर पर इस्तेमाल कर सकते हैं?
रेटिनॉल का इस्तेमाल आमतौर पर सुरक्षित माना जाता है। ये एजिंग को कम करने के लिए गोल्डन सैंटर्डड माना जाता है। मगर इसे इस्तेमाल करने से पहले एक बार अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें।