बीते एक दशक में शादियों को लेकर युवाओं की सोच तेजी से बदली है। जिन चीजों को पहले 'सामाजिक कलंक' की तरह देखा जाता था, उन्हें अब लोग सहज होकर स्वीकार कर रहे हैं। बात चाहे शादी की हो, तलाक की हो या मनचाहे साथी के लिए समाज से भिड़ने की हो, साल 2016 से 2026 तक, कई चीजें, बहुत हद तक बदल गईं हैं। जिसे अपनाने में लोग पहले हिचकते थे, अब सामाजिक तौर पर उसे स्वीकार कर रहे हैं। 'मॉर्डन मैचमेकिंग रिपोर्ट 2026' की एक रिपोर्ट में कई ऐसी बातें सामने आईं हैं, जो इस ओर इशारा करती हैं।
भारत में अब शादियों के लिए नियम कायदे, नए सिरे से लिखे जा रहे हैं। साल 2016 से 2026 के बीच की गई इस स्टडी में कई ऐसे खुलासे हुए हैं, जिनका इंतजार एक अरसे से लोग कर रहे थे। अब लोग अपने होने वाले जीवनसाथी को लेकर ज्यादा जागरूक हैं, ज्यादा पूछताछ करते हैं और ऐसे पार्टनर चाहते हैं, जिनके साथ आर्थिक निश्चिंतता भी हो।
जीवन साथी ने अपनी स्टडी में 'मॉर्डन मैचमेकिंग रिपोर्ट 2026' में यूजर ट्रेंड मेथड का इस्तेमाल किया है। यूजर ट्रेंड के विश्लेषण से कई बातें सामने आईं, जो दिखा रही हैं कि कैसे सिर्फ 10 साल में शादियों को लेकर भारत की सोच बदल रही है और नए बदलाव सामने आ सकते हैं-
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शादी की सही उम्र अब क्या है?
भारतीय अब कम उम्र में शादियां टाल रहे हैं। वे आर्थिक स्थितरता के बाद शादी करना चाहते हैं। पहले 2016 तक उम्मीद की जाती थी कि लोग 27 के होते-होते शादी कर लेते हैं, साल 2026 तक, शादी की उम्र 2 साल और बढ़कर 29 पार हो गई है। एक दशक में जीवनसाथी.कॉम पर आए लोग शादी 29 साल की उम्र के बाद ढूंढना शुरू कर रहे हैं। 50 फीसदी ऐसे लोग हैं, जिन्हें 29 साल के बाद पार्टनर की तलाश होती है।
27 साल से 29 साल पर शिफ्ट होना यह दिखाता है कि लोग अपने करियर पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं, करियर सेट होने के बाद जीवनसाथी की तलाश कर रहे हैं। पहले अपनी पहचान बनाने की लोगों में ललक है। लोग शादी को लेकर समाज के नजरिए और समय सीमा की जगह, पहले अपनी पहचान फिर शादी पर जोर दे रहे हैं।
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देरी से शादी क्यों कर रहे हैं युवा?
मैरिज काउंसलर और फैमिली लॉ की एक्सपर्ट श्रद्धा पांडेय ने खबरगांव से बातचीत में कहा, 'हमारे पास, शादी ढूंढने के लिए आने वाले, ज्यादातर अभिभावकों का मानना है कि 25 साल की उम्र से पहले लड़की की शादी हो जानी चाहिए, 27 से पहले लड़के की शादी हो जानी चाहिए। लोग अक्सर, फर्टिलिटी एक्सपर्ट या किसी न्यूज रिपोर्ट का हवाला देकर बोलेते हैं कि देखिए, पहले जमाने के लोग कम उम्र में शादी करते थे, उन्हें फर्टिलिटी का ज्ञान था। अब लोग देर से शादी कर रहे हैं इसलिए टेस्ट ट्यूब बेबी, लंबे इलाज और IVF, IUI जैसे ट्रीटमेंट का सहारा लेना पड़ता है। जल्दी शादी होगी तो जल्दी बच्चा भी होगा। यह सोच अभिभावकों की है, जिन्हें शादी करनी है वे इस सोच को खारिज करते हैं।'
श्रद्धा पांडेय, मैरिज काउंसलर:-
पुरुष हो या महिला, हर कोई आत्मनिर्भर रहना चाहता है। किसी जमाने में शादी के बाद महिलाएं नौकरी छोड़ देती थीं, अब यह मानसिकता बदल रही है। समाज में कुछ बदलाव सकारात्मक होते हैं, इन बदलावों का अब समाज भी स्वागत कर रहा है। शादी के बाद लोग अपने मां-बाप या पार्टनर पर निर्भर नहीं रहना चाहते हैं। बिना करियर सुधारे, शादी से युवा हिचक रहे हैं। लोग पहले जिंदगी को एक्सप्लोर करना चाहते हैं, घूमना चाहते हैं, अलग-अलग रिश्तों को ट्राई करते हैं, फिर शादी का फैसला ले रहे हैं।
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श्रद्धा पांडेय ने अपनी एक महिला क्लाइंट का जिक्र करते हुए कहा, ' उनकी उम्र 30 साल की हो गई है। अभी तक उन्होंने शादी नहीं की है। घरवाले बार-बार शादी के लिए दबाव दे रहे हैं। कह रहे हैं कि लड़के नहीं मिलेंगे। उनका कहना है कि पहले कमाऊंगी, खुद को स्थापित करूंगी फिर शादी करूंगी। जिस तरह से तलाक हो रहे हैं, रिश्ते टूट रहे हैं अगर लड़की आत्मनिर्भर नहीं हुई तो उसका जीवन कितना मुश्किल होगा, कल्पना नहीं की जा सकती है।'