दिल्ली का इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट (IGI) इस समय बड़े संकट से गुजर रहा है। मिडिल ईस्ट में चल रहे घटनाक्रमों और हवाई क्षेत्र की पाबंदियों की वजह से 1 मार्च (रविवार) को यहां से आने-जाने वाली कम से कम 100 उड़ानें रद्द रहीं। हालांकि कई एयरलाइंस ने इसकी जानकारी पहले ही दे दी थी, फिर भी बड़ी संख्या में यात्री दूसरे रास्तों की तलाश में टिकट काउंटरों पर लंबी कतारों में खड़े नजर आए।
एयरपोर्ट अधिकारियों के अनुसार, रद्द होने वाली उड़ानों में 62 जाने वाली और 42 आने वाली फ्लाइट्स शामिल हैं। अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के साथ-साथ कई घरेलू उड़ानों पर भी इसका असर पड़ा है और सैकड़ों फ्लाइट्स देरी से चल रही हैं। एयरपोर्ट ऑपरेटर 'डायल' ने लोगों को सलाह दी है कि वे घर से निकलने से पहले अपनी एयरलाइन से संपर्क जरूर करें।
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फंसे हुए यात्रियों की आपबीती
एयरपोर्ट के टर्मिनल-3 पर कई ऐसे लोगों को देखा गया जो फ्लाइट्स कैंसिल होने की वजह से काफी परेशान दिखे। इसमें कई तो ऐसे भी थे जिनकी नौकरी पर इसका बहुत असर पड़ेगा। जेद्दा जाने वाले इब्राहिम खान और दुबई जा रहे अशोक कुमार जैसे कई लोग इस बात से परेशान थे कि अगर वे वक्त पर काम पर नहीं पहुंचे, तो उनकी नौकरी छूट सकती है।
नीदरलैंड की रहने वाली सापके निजहुइस अपनी सहेली के साथ जयपुर घूमने आई थीं लेकिन सहेली की मां की मृत्यु के कारण उन्हें तुरंत वापस जाना था पर फ्लाइट्स के कैंसिल होने की वजह से उनकी मुश्किल बहुत बढ़ गई।
कनाडा से आई हारिता दवे ने बताया कि एयरलाइंस ने यह कहकर होटल या ठहरने की सुविधा देने से मना कर दिया कि यह संकट उनके नियंत्रण से बाहर है।
सामान के लिए घंटों इंतजार
उड़ानें रद्द होने के साथ-साथ यात्रियों के लिए अपना सामान वापस पाना भी एक बड़ी चुनौती बन गया है।
कई यात्रियों ने बताया कि कनेक्टिंग फ्लाइट्स रद्द होने के बाद उन्हें अपना चेक-इन किया हुआ सामान वापस लेने के लिए 7 से 8 घंटे तक इंतजार करना पड़ा। कुछ यात्रियों का सामान कन्वेयर बेल्ट से गायब मिला, जिससे उनकी चिंता और बढ़ गई।
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एयरपोर्ट और एयरलाइंस ने क्या कहा?
दिल्ली एयरपोर्ट ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी कि उनकी टीमें यात्रियों की मदद के लिए तैनात हैं लेकिन इस तरह की परिस्थितियों के कारण ज्यादा समय लग सकता है। वहीं, एयर इंडिया जैसी बड़ी एयरलाइंस ने कहा है कि वे प्रभावित यात्रियों को दूसरे तरीकों या रिबुकिंग में मदद करने की पूरी कोशिश कर रही हैं।