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UPSC और KBC में फेल, बिजनेस किया तो वह भी डूबा; चोरी की तो उसमें भी पकड़ा गया

सफलता कितनी मुश्किल चीज है... यह कोई बिहार के सतीश से पूछे। भाई ने जिस पर हाथ लगाया। वह सफल ही नहीं हुआ। सबसे टॉप नौकरी के ख्वाब से चोरी तक का उनका सफर मुश्किलों से भरा है।

Delhi News

आरोपी सतीश। (Photo Credit: Social Media)

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बार-बार की असफलताओं ने बिहार के एक शख्स को गहना चोर बना दिया। हर जगह से हारने के बाद शख्स अभिताभ बच्चन के प्रसिद्ध शो 'कौन बनेगा करोड़पति' पहुंचा। उम्मीद थी कि शायद यहां से किस्मत पलटी मारे, लेकिन निराशा हाथ लगी।

 

पत्नी के साथ मिलकर टूर एंड ट्रैवेल्स का व्यवसाय शुरू किया। मुनाफा तो छोड़ो, उलटे कर्ज के दलदल में फंस गया। जब कोई रास्ता नहीं दिखा तो शख्स सुनारों को निशाना बनाने लगा, ताकि चोरी के गहनों को बेचकर कर्ज चुकाया जा सके।

 

अब मुंबई पुलिस ने इस शख्स को दिल्ली के उत्तम नगर से गिरफ्तार कर लिया है। उसकी पहचान बिहार निवासी सतीश कुमार कृष्णप्रसाद केसरी (42) के तौर पर हुई है।

पिछले साल मुंबई में की थी चोरी

पिछले साल 15 नवंबर को मुंबई के कांदिवाली पश्चिम स्थित पद्मावती ज्वेलर्स में 43.2 ग्राम सोने की चेन चोरी हुई थी। इस चोरी को सतीश ने अंजाम दिया था। घटना के बाद उसने अपना मोबाइल बंद कर लिया। फर्जी आधार कार्ड का इस्तेमाल किया, ताकि पहचान उजागर न हो सके। पिछले एक साल से मुंबई पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी। तमाम सीसीटीवी फुटेज को खंगाला गया। तकनीक का सहारा लिया।

 

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जांच में पुलिस को सतीश का एक फोन नंबर चालू मिल गया। इसी के आधार मुंबई पुलिस ने आरोपी को इसी 28 अक्टूबर को दिल्ली के उत्तम नगर से दबोचा। पुलिस ने सोने की चेन बरामद करने का दावा किया। कथित तौर पर आरोपी ने एक अन्य चोरी की वारदात भी कबूल की है। 

आईएएस बनने का था सपना

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक आरोपी सतीश कंप्यूटर साइंस में स्नातक है। कुछ वर्षों पहले दिल्ली आया। यहां नौकरी के साथ-साथ संघ लोक सेवा आयोग यानी यूपीएससी की तैयारी आरंभ कर दी। आईएएस बनने का ख्वाब था, लेकिन सफलता हाथ नहीं लगी। इसके बाद सतीश ने 'कौन बनेगा करोड़पति' में अपनी किस्मत आजमाई। मगर 'फास्टेस्ट फिंगर फर्स्ट' राउंड से आगे नहीं बढ़ सका।

 

चारों तरफ से असफलता मिलने के बाद सतीश ने अपनी पत्नी के साथ मिलकर टूर एंड ट्रैवल्स का व्यवसाय आरंभ किया। लोन पर कई गाड़ियां निकालीं। कैब सर्विस से जोड़ा, लेकिन अपेक्षित आमदनी नहीं हुई। व्यवसाय में नुकसान के बाद सतीश पर बड़ा कर्ज हो गया।

 

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कर्ज से आया चोरी करने का आइडिया

कर्ज में डूबे सतीश को गहने चुराने का आइडिया आया। उसने इस पर अमल भी करना शुरू कर दिया। वह ग्राहक बनकर ज्वेलरी दुकानों पर जाता। गहने खरीदने के बहाने चोरी करके भाग जाता, लेकिन सतीश की किस्मत का सफलता से 36 का आंकड़ा है, क्योंकि उसे यहां भी अफलता मिली। 


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