सामाजिक कार्यकर्ता
सोनम वांगचुक
का अनशन आज 25वें दिन भी जारी है। फिलहाल उनकी तबीयत को देखते हुए उन्हें गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इसी बीच
कॉकरोच जनता पार्टी
(CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने उनसे अनशन खत्म करने की अपील की है। इसके लिए CJP ने एक खुला पत्र लिखा है, जिसे पार्टी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी शेयर किया है।
सोनम वांगचुक को 18 जुलाई की सुबह दिल्ली पुलिस जंतर-मंतर से अपने साथ ले गई थी। इसके बाद उन्हें सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालांकि, दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के बाद उन्हें सफदरजंग अस्पताल से छुट्टी दे दी गई और आगे के इलाज के लिए मेदांता अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया।
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CJP ने सोनम वांगचुक से क्या अपील की?
22 जुलाई को CJP ने अपने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर की, जिसमें एक खुली चिट्ठी जारी की गई। इस चिट्ठी में CJP ने अपील करते हुए लिखा, 'पूरे सम्मान और दिल से आभार के साथ हम आपसे एक विनती करना चाहते हैं कि कृपया अपना अनशन खत्म कर दीजिए।' आगे चिट्ठी में लिखा है, 'आपके इस त्याग ने पूरे देश के हजारों छात्रों को प्रेरित किया है। 20 जुलाई को अलग-अलग राज्यों से युवा सिर्फ आपके साथ खड़े होने और इस आंदोलन का हिस्सा बनने के लिए आए। आपने दिखा दिया कि यह लड़ाई किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि हर उस छात्र की है जो परीक्षा में न्याय चाहता है।'
CJP ने चिट्ठी में सोनम वांगचुक को आश्वासन दिया, 'इस समय सबसे जरूरी है कि आप अपनी सेहत का भी ध्यान रखें। हम आपको भरोसा दिलाते हैं कि आपका अनशन खत्म होने के बाद भी यह लड़ाई नहीं रुकेगी। हम आंदोलन को पूरी ताकत के साथ आगे बढ़ाएंगे और परीक्षा में न्याय की हमारी मांग पूरी होने तक पीछे नहीं हटेंगे। इस अभियान को आगे बढ़ाने के लिए हम अपनी तरफ से हर संभव कोशिश करेंगे।'
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20 जुलाई को हुआ था CJP का संसद मार्च
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर 20 जुलाई को CJP के छात्र और समर्थक संसद मार्च के लिए सड़कों पर उतरे थे। इस दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों और छात्रों पर लाठीचार्ज किया। इसी दिन CJP के प्रतिनिधियों ने दिल्ली में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से भी मुलाकात की। हालांकि, बैठक के बाद प्रतिनिधियों ने इसे पूरी तरह नाकाम बताया। छात्रों पर लाठीचार्ज के बाद सोनम वांगचुक ने अपने हाथ से लिखा एक नोट सोशल मीडिया पर साझा किया। इसमें उन्होंने पुलिस की कार्रवाई पर चिंता जताई और प्रदर्शनकारियों के साथ हुए व्यवहार पर सवाल उठाए।