दिल्ली के जंतर-मंतर पर
NEET
पेपर लीक के विरोध में हुए प्रदर्शन को लेकर
कॉकरोच जनता पार्टी
(CJP) के संस्थापक और राष्ट्रीय संयोजक
अभिजीत दीपके
ने बड़ा दावा किया है। उनका कहना है कि प्रदर्शन की ड्यूटी पर तैनात तीन पुलिसकर्मी एक दिन की छुट्टी लेकर छात्रों के समर्थन में वहां पहुंचे थे। दीपके ने दावा किया कि इन पुलिसकर्मियों ने उनसे मुलाकात भी की और प्रदर्शन को अपना समर्थन दिया।
अभिजीत दीपके ने बुधवार को न्यूज24 से बातचीत में बताया कि तीनों पुलिसकर्मी टोपी, मास्क और चश्मा लगाकर उनके पास आए थे। चेहरा ढका होने की वजह से वह पहले उन्हें पहचान नहीं पाए और कुछ देर के लिए घबरा गए। बाद में पुलिसकर्मियों ने अपनी पहचान बताई और उनसे अलग से बातचीत की।
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अभिजीत दीपके का पूरा बयान
अभिजीत दीपके के मुताबिक, तीनों पुलिसकर्मियों ने बताया कि वे जंतर-मंतर पर ड्यूटी करते हैं लेकिन उस दिन प्रदर्शनकारियों का समर्थन करने के लिए छुट्टी लेकर आए हैं। उन्होंने कहा, 'हम पुलिसकर्मी यहां ड्यूटी पर हैं लेकिन आपका समर्थन करने आए हैं। हमने आज खुद को ड्यूटी से हटा लिया। आप जो कर रहे हैं वह बहुत अच्छा है।' दीपके ने बताया कि एक पुलिसकर्मी ने अपनी बेटी का भी जिक्र किया। उसके मुताबिक, पुलिसकर्मी की बेटी 10वीं कक्षा में पढ़ती है और वह चाहता है कि उसकी बेटी को भी उन समस्याओं का सामना न करना पड़े जिनसे दूसरे छात्र गुजर रहे हैं।
CJP नेता ने प्रदर्शन स्थल पर तैनात निचले रैंक के पुलिसकर्मियों की आर्थिक स्थिति पर भी बात की। उन्होंने कहा कि उन्हें अक्सर इन पुलिसकर्मियों को देखकर लगता था कि उनकी सैलरी कितनी होगी। दीपके ने करीब 30 हजार, 40 हजार और अधिकतम 50 हजार रुपये तक की सैलरी का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इन पुलिसकर्मियों के बच्चों की पढ़ाई और कोचिंग का खर्च भी काफी ज्यादा हो सकता है।