देश में पिछले कुछ दिनों से
एथेनॉल
मिश्रित पेट्रोल को लेकर विवाद चल रहा था। इससे पहले 20 फीसदी एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल (E20) को सरकार ने मंजूरी दी थी। अब केंद्र सरकार ने 100 फीसदी एथेनॉल वाले ईंधन (E100) को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही सरकार ने पेट्रोल और डीजल से चलने वाली हल्की गाड़ियों की वजन सीमा बढ़ाकर 3,500 किलोग्राम कर दी है।
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने एक राजपत्र अधिसूचना जारी किया, जिसमें एथेनॉल के इस्तेमाल के बारे में बताया गया। इस वक्त देशभर के पेट्रोल पंपों पर 20 फीसदी एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल मिलता है। इसी तरह आने वाले दिनों में 100 फीसदी एथेनॉल वाला ईंधन भी उपलब्ध हो सकता है। जानकारी के लिए बता दें कि एथेनॉल एक प्रकार का ईंधन है, जो गन्ने, अनाज और मक्का से बनाया जाता है। एथेनॉल वाला ईंधन अमेरिका और ब्राजील में भी इस्तेमाल किया जाता है। अब सवाल उठता है कि पेट्रोल में एथेनॉल की मात्रा बढ़ने से गाड़ियों पर क्या असर पड़ेगा? आइए जानते हैं।
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किन गाड़ियों में होगा E100 का इस्तेमाल?
100 फीसदी एथेनॉल का इस्तेमाल केवल उन्हीं गाड़ियों में किया जा सकता है, जिन्हें खास तौर पर अधिक मात्रा में एथेनॉल वाले ईंधन के इस्तेमाल के लिए डिजाइन और प्रमाणित किया गया हो। सामान्य पेट्रोल कारों में E100 का इस्तेमाल नुकसान पहुंचा सकता है।
केंद्र सरकार का यह संशोधन उन वाहन कंपनियों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है, जो भविष्य में 100 फीसदी एथेनॉल पर चलने वाली कारें लॉन्च करने की योजना बना रही हैं। इसके साथ ही गन्ने की खेती करने वाले किसानों को भी फायदा मिल सकता है,क्योंकि एथेनॉल गन्ने से बनता है।
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इस फैसले से क्या होगा?
सरकार की ओर से मंजूरी मिलने के बाद कंपनियों के लिए कानूनी तौर पर रास्ता साफ हो गया है और अब वे E100 यानी पूरी तरह से एथेनाल पर चलने वाली गाड़ियां बाजार में उतार सकेंगी। अभी यह देखना होगा कि कंपनियां एथेनाल के लिए अलग से इंजन बनाती हैं या फिर उन्हीं पुराने इंजनों को इसके हिसाब से अपग्रेड करती हैं।