देशभर में करोड़ों लोग हर रोज पेमेंट करने के लिए UPI का इस्तेमाल करते हैं। बीजेपी सरकार भी इसे अपनी सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक मानती है और जमकर इसका प्रचार किया जाता है लेकिन अब UPI को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। सरकारी संस्था भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) ने बताया है कि अब 2000 से ज्यादा UPI पेमेंट पर चार्ज देना होगा। इसी चार्ज को लेकर अब बहस शुरू हो गई है और सरकार को विरोध का सामना भी करना पड़ रहा है। इस मामले में अशनीर ग्रोवर ने तंज कसते हुए कहा कि अगर सुभाष चंद्रा के 22,000 करोड़ माफ नहीं किए होते तो अगले 20 साल तक UPI फ्री चल जाता।
अशनीर ग्रोवर BharatPe के को-फाउंडर थे और वह Fin-Tech इंडस्ट्री से जुड़े रहे हैं। उन्होंने एक टीवी चैनल पर इस मामले में अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि पिछले 14 साल में यह सरकार की सबसेक बड़ी उपलब्धि है लेकिन सरकार अब इसे भी खत्म करना चाहती है। उन्होंने कहा कि Fin-Tech में भारत दुनियाभर में लीडर है और अगर सरकार इसे भी खराब कर रही है तो सरकार खुद ही आत्महत्या कर रही है।
अशनीर ग्रोवर ने कसा तंज
अशनीर ग्रोवर इस मुद्दे पर खुलकर सरकार की आलोचना कर रहे हैं। कई टीवी चैनलों पर जाकर उन्होंने इसम मुद्दे पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि अगर UPI पर किसी भी प्रकार का चार्ज लिया जाता है तो इसका भुगतान ग्राहक को ही करना होगा। उन्होंने कहा कि यह कोई चार्ज नहीं बल्कि एक तरह का टैक्स है जो सरकार लगा रही है। उन्होंने तेल पर लगने वाले टैक्स का उदाहरण देकर कहा कि जिस प्रकार तेल पर लगने वाले हर टैक्स का अंतिम भुगतान उपभोक्ता ही करता है उसी प्रकार UPI पर लगने वाले चार्ज का भुगतान भी उपभोक्ता ही करेगा।
अशनीर ग्रोवर ने सरकार पर तंज कसते हुए कहा, 'अगर चंद्रा साहब (सुभाष चंद्रा) के 22,000 करोड़ रुपये माफ नहीं किए जाते तो भारत में UPI अगले 20 साल तक मुफ्त चल सकता था, क्योंकि सरकार के अपने आंकड़े के मुताबिक, UPI को 8,000 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी गई है।'
क्या NPCI से पैसा कमा रही सरकार?
उन्होंने यह भी कहा कि UPI चलाने वाली संस्था NPCI के पास अपनी बैलेंस शीट पर 6,119 करोड़ रुपये की हार्ड कैश और करीब 1,900 करोड़ रुपये का प्री-टैक्स ऑपरेटिंग प्रॉफिट है। उनके मुताबिक, NPCI अपनी नकदी और मुनाफे के दम पर जिंदगी भर UPI को मुफ्त चला सकती है और इसमें सरकार का कुछ लेना-देना ही नहीं है। इतना ही नहीं उन्होंने आगे दावा किया कि पिछले साल सरकार ने NPCI से करीब 1,000 रुपये का टैक्स भी कमाया है।
सरकार की आलोचना कर रहे ग्रोवर
इस मुद्दे पर अशनीर ग्रोवर खुलकर सरकार की आलोचना कर रहे हैं। उनका कहना है कि सरकार को UPI पर किसी भी प्रकार का कोई भी चार्ज नहीं लगाना चाहिए। उनका तर्क है कि सरकार पहले ही पैसा कमा रही है और अगर UPI पर चार्ज लगाया जाता है तो इससे यह कमजोर होगी। विपक्ष भी इस मुद्दे पर लगातार सरकार को घेर रहा है।