बार काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष और बीजेपी से राज्यसभा सांसद मनन कुमार मिश्रा ने अपने पद से इस्तीफा देने से साफ इनकार कर दिया है। दरअसल, हैदराबाद की NALSAR यूनिवर्सिटी के छात्रों के खिलाफ एक आदेश देकर घिरे मिश्रा को लेकर वकीलों का एक ग्रुप उन् BCI के पग से हटाने की मांग विरोध प्रदर्शन कर रहा है। इस मांग पर मनन मिश्रा ने शुक्रवार को जोर देकर कहा कि उन्हें देश भर में लगभग 25 लाख वकीलों का प्रतिनिधित्व करते हैं और वह ऐसे ही किसी मांग पर अपना पद नहीं छोड़ेंगे।
अपने खिलाफ प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए मनन मिश्रा ने कहा, 'मैंने 12 से 14 साल तक बार काउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन के तौर पर काम किया है क्योंकि मुझे चुना गया था। मनन मिश्रा 25 लाख वकीलों को रिप्रेजेंट करते हैं, वह आसानी से इस्तीफा नहीं देंगे।'
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CJI सूर्यकांत को लेकर दिया बयान
मनन मिश्रा ने कहा, 'हाल ही में सोशल मीडिया पर बहुत सारी गैर-जिम्मेदार और बेतुकी बातें चल रही हैं। हैदराबाद की NALSAR यूनिवर्सिटी के छात्रों ने CJI सूर्यकांत का विरोध करने का फैसला किया। चीफ जस्टिस NALSAR यूनिवर्सिटी के चांसलर भी हैं। उन्हें यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में शामिल होने से मना कर दिया जहां उन्हें मुख्य अतिथि होना था।'
छात्रों पर भी बोले मनन मिश्रा
उन्होंने कहा, 'बार काउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन के तौर पर मुझे यह बहुत बुरा लगा। नतीजतन, एक ऑर्डर जारी किया गया जिसमें कहा गया कि विरोधी करने वाले छात्रों का एनरोलमेंट प्रोसेस नहीं किया जाएगा। हालांकि, 15 मिनट के अंदर, वह ऑर्डर रद्द कर दिया गया और छात्रों की शिकायतों को दूर कर दिया गया।'
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'मनन मिश्रा 25 लाख वकीलों का प्रतिनिधित्व करते हैं'
मिश्रा ने आगे कहा, 'इस मौके का फायदा उठाते हुए, आम आदमी पार्टी और तथाकथित
कॉकरोच जनता पार्टी
के सदस्य मनन मिश्रा के इस्तीफे की मांग करने लगे। मैंने 12 से 14 साल तक बार काउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन के तौर पर काम किया है क्योंकि मैं चुना गया था। मनन मिश्रा 25 लाख वकीलों का प्रतिनिधित्व करते हैं। वह ऐसे ही पद नहीं छोड़ेंगे। कल, रात में लगभग 15 छात्र यहां आए और मांग की कि इस्तीफा दो।'