logo

मूड

ट्रेंडिंग:

फाल्टा में खिला कमल, बीजेपी के देबांग्शु पांडा जीते, TMC चौथे स्थान पर खिसकी

पश्चिम बंगाल में टीएमसी नेता जहांगीर खान के पुष्पा स्टाइल शासन का अंत हो गया है। बीजेपी प्रत्याशी देबांग्शु पांडा ने एक लाख से अधिक मतों के अंतर से जीत हासिल की है।

Debangshu Panda and Jahangir Khan.

बीजेपी देबांग्शु पांडा और जहांगीर खान। (Photo Credit: ECI)

तृणमूल कांग्रेस का गढ़ रही फाल्टा विधानसभा सीट पर बीजेपी ने बड़ी जीत हासिल की है। बीजेपी प्रत्याशी देबांग्शु पांडा ने अपने प्रतिद्वंद्वी सीपीएम उम्मीदवार शंभू नाथ कुर्मी को 109021 मतों के विशाल अंतर से हराया है। चुनाव मैदान से हटने वाले टीएमसी प्रत्याशी जहांगीर खान को महज 7783 वोट मिले। फाल्टा विधानसभा क्षेत्र में जहांगीर खान की छवि एक दबंग नेता की है। पुष्पा स्टाइल में चुनाव प्रचार के बाद भी वह चर्चा में आए थे। 

 

देबांग्शु पांडा को कुल 149666 वोट मिले। दूसरे स्थान पर रहे सीपीएम उम्मीदवार शंभू नाथ कुर्मी के खाते में 40645 मत आए। 10084 मतों के साथ कांग्रेस के अब्दुर रज्जाक मोल्ला को तीसरे स्थान से ही संतोष करना पड़ा।

 

यह भी पढ़ें: कर्नाटक में बड़ा हादसा, 10 लोग नदी में डूबे, 7 महिलाओं समेत 8 की मौत

 

जहांगीर खान को 7783 वोट मिले। वह चौथे स्थान पर थे। बता दें कि जहांगीर के चुनाव से हटने के बाद टीएमसी ने भी फाल्टा में कोई सक्रिय चुनाव प्रचार नहीं किया। जहांगीर खान भी लोगों के बीच नहीं पहुंचे। चुनाव के वक्त उनका घर बंद था। पार्टी के दफ्तरों पर भी ताला लगा रहा।   

जहांगीर ने चुनाव से बनाई दूरी

टीएमसी का अजेय 'डायमंड हार्बर मॉडल' शनिवार को फाल्टा में बीजेपी की आंधी के आगे बिखर गया। 2024 के लोकसभा चुनाव में अभिषेक बनर्जी ने फाल्टा से ही बढ़त बनाई थी। टीएमसी नेता जहांगीर खान का यहां खूब दबदबा था। दबंग छवि के कारण लोग उनके खिलाफ कुछ भी बोलने से कतराते थे। मगर दोबारा मतदान से पहले जहांगीर ने खुद को चुनाव से अलग कर लिया। टीएमसी ने इसे जहांगीर का निजी फैसला बताया।

 

यह भी पढ़ें: अमृतसर में पाकिस्तान सीमा के पास ASI की गोली मारकर हत्या, सड़क किनारे मिली लाश 

धांधली के बाद चुनाव किया गया था रद्द

फाल्टा विधानसभा सीट पर 29 अप्रैल को मतदान हुआ था। मगर कई मतदान केंद्र की ईवीएम में टेप, स्याही और इत्र मिलने की शिकायत के बाद चुनाव आयोग ने यहां दोबारा मतदान करवाने का आदेश दिया। 21 मई को विधानसभा की सभी 285 बूथों पर दोबारा मतदान हुआ। केंद्रीय बलों की करीब 35 कंपनियों की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच 87 फीसद से ज्यादा वोटिंग रिकॉर्ड की गई।


और पढ़ें