एक्ट्रेस और भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सांसद
कंगना रनौत
ने अपने गटर जनरेशन वाले बयान पर मचे विवाद के बीच सफाई दी है। सोशल मीडिया पर आलोचनाओं का सामना करने के बाद कंगना ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया है। वीडियो के जरिए उन्होंने कहा कि उनके बयान को गलत संदर्भ में पेश किया गाया है। उन्होंने साफ किया कि उनका मकसद किसी वर्ग को निशाना बनाना नहीं, बल्कि सार्वजनिक जीवन में मर्यादा और शालीनता बनाए रखने की अपील करना था।
कंगना रनौत ने कहा कि सामज में अभद्र भाषा और अश्लील व्यवहार को सामान्य नहीं बनाया जाना चाहिए। उनके मुताबिक, बच्चों को ऐसी भाषा और व्यवहार से दूर रखना परिवार और समाज दोनों की जिम्मेदारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि मीडिया ने उनके पूरे बयान को दिखाने के बजाय केवल विवादित हिस्से को प्रमुखता दी, जबकि उन्होंने उसी दौरान अन्य मुद्दों पर भी अपनी राय रखी थी।
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कंगना रनौत ने क्या कहा?
वीडियो में कंगना रनौत ने सवाल उठाते हुए कहा, 'क्या आप अपनी बेटी को ऐसी भाषा सिखाएंगे?' उन्होंने कहा कि अनुशासन और मर्यादा में रहना कोई व्यक्तिगत पसंद नहीं बल्कि समाज में रहने की बुनियादी शर्त है। उनके अनुसार, अभिव्यक्ति की आजादी का मतलब यह नहीं कि कोई दूसरे व्यक्ति की गरिमा और सम्मान को ठेस पंहुचाए। उन्होंने कहा कि आजादी वहीं एक सीमित है जहां से दूसरे के अधिकार और सम्मान की शुरुआत होती है।
कंगना रनौत ने कहा कि किसी भी इंसान या उसके परिवार के लिए गंदी या अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी
का उदाहरण देते हुए कहा कि देश में बहुत से लोग उन्हें अपना नेता, दोस्त या प्रेरणा मानते हैं। ऐसे में उनके खिलाफ गलत या अपशब्द कहना ठीक नहीं है।
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कंगना ने कहा कि किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना न तो मॉडर्न होने की निशानी है और न ही कूल बनने का तरीका। उनके मुताबिक, हमें एक-दूसरे से सम्मान के साथ बात करनी चाहिए और समाज में सभ्य भाषा और अच्छे संवाद की संस्कृति को बढ़ावा देना चाहिए।
कैसे शुरू हुआ पूरा विवाद?
दरअसल, कंगना रनौत ने इससे पहले सोशल मीडिया पर जेन जी के विरोध प्रदर्शन की आलोचना करते हुए प्रदर्शनकारियों की भाषा और व्यवहार को गटर जनरेशन बताया था। उन्होंने कहा था कि उन्होंने पहले कभी इतनी अभद्र भाषा और ऐसा व्यवहार नहीं देखा। कंगना का यह बयान उस समय आया था जब जंतर-मंतर पर हुए छात्र प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित आपत्तिजनक पोस्ट और वीडियो हटाने के लिए दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया पर प्लेटफॉर्म्स को निर्देश दिए थे।