चंडीगढ़ मेयर चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने बाजी मार ली है। 18 वोट पाकर बीजेपी के उम्मीदवार सौरभ जोशी जीत गए हैं और चंडीगढ़ के नए मेयर बन गए हैं। वहीं, आम आदमी पार्टी (AAP) के उम्मीदवार को सिर्फ 11 वोट ही मिले। इस बार मेयर के चुनाव में ओपन वोटिंग कराई गई। पहले चर्चा थी कि कांग्रेस और AAP के बीच गठबंधन होगा लेकिन इस पर बात नहीं बन पाई थी। उसी वक्त यह लगभग तय हो गया था कि बीजेपी आसानी से चुनाव जीत लेगी।
मेयर पद पर सौरभ जोशी की जीत के अलावा बीजेपी ने डिप्टी मेयर के चुनाव में भी बाजी मारी है। बीजेपी ने जसमनप्रीत सिंह तो AAP ने मुनव्वर खान को अपना उम्मीदवार बनाया था। मेयर चुनाव की वोटिंग के बाद कांग्रेस के पार्षदों ने वॉकआउट कर दिया तो AAP और बीजेपी के बीच ही मुकाबला हुआ और बीजेपी ने यह चुनाव भी आसानी से जीत लिया।
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हाथ उठाकर डाले गए वोट
AAP के लिए गनीमत यह रही कि उसके सभी 11 पार्षद साथ पहुंचे थे और सभी ने AAP उम्मीदवार के लिए ही वोट डाले। इससे पहले चर्चा थी कि कई AAP पार्षद बीजेपी के संपर्क में हैं और वे क्रॉस वोटिंग कर सकते हैं। हालांकि, इस बार मेयर चुनाव में प्रत्यक्ष वोटिंग कराई गई थी। यानी हर बार सभी पार्षद हाथ उठाकर अपने वोट डाल रहे थे।
BJP के सौरभ जोशी के मुकाबले AAP ने योगेश धींगरा को अपना उम्मीदवार बनाया था। वहीं, कांग्रेस ने भी गुरप्रीत सिंह गब्बी को अपना उम्मीदवार बनाया था।
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वोटों का गणित क्या था?
चंडागढ़ नगर निगम में कुल 35 पार्षद होते हैं। एक वोट चंडीगढ़ के सांसद का भी होता है। मौजूदा वक्त में कांग्रेस के मनीष तिवारी चंडीगढ़ के सांसद हैं। बीजेपी के पास 18 पार्षद हैं, AAP के पास 11 और कांग्रेस के पास कुल 6 पार्षद। अगर गठबंधन होता तो संभवत: बीजेपी को हार मिल सकती थी। हालांकि, कई AAP पार्षदों की करीबी बीजेपी नेताओं के साथ देखी जा रही थी।