logo

मूड

ट्रेंडिंग:

695 की दवा सिर्फ 73 रुपये में, कैंसर की दवाएं 90 प्रतिशत तक सस्ती कैसे हो गईं?

NPPA ने कैंसर की 543 दवा की कीमतों में बड़ा बदलाव किया है। इनमें से कुछ कैंसर की दवाएं 90 प्रतिशत से ज्यादा सस्ती हो गई हैं।

 कैंसर की दवाएं, Cancer Medicines Price Cut

सांकेतिक तस्वीर, Photo Credit-ChatGPT

शेयर करें

google_follow_us

संबंधित खबरें

Advertisement

नेशनल फार्मास्यूटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी (NPPA) ने कैंसर की 543 दवा की कीमतों में बड़ा बदलाव किया है। इनमें से कुछ कैंसर की दवाएं 90 प्रतिशत से ज्यादा सस्ती हो गई हैं। हालांकि, अब भी कैंसर की कुछ बेहद महंगी दवाओं के दाम में बदलाव नहीं हुआ है। नई कीमतें 9 नवंबर 2026 से लागू हो जाएंगी। इनमें से अनारजोल की कीमत 695.76 से घटकर 73 और एजसाइटिन इन्जेक्शन की कीमत 6,337 से घटकर 1,495.04 हुई है। 

 

इसके अलावा, NPPA ने दवाओं की जो नई कीमत तय की है उसमें ब्रेस्ट कैंसर के कुछ मरीजों को दी जाने वाली दवा पाल्बोसिक्लिब के एक ब्रांड और पैक की कीमत 40,421 रुपये से घटाकर 2,720 रुपये की गई है। इसी तरह कीमोथेरेपी में इस्तेमाल होने वाली दवा थायोटेप की एक शीशी की कीमत करीब 80,072 रुपये से घटकर 7,150 रुपये की गई है।  

 

यह भी पढ़ें: 40 विला खरीदने का आरोप, वेटिंग लिस्ट में डाले गए IAS शिखर अग्रवाल

90 प्रतिशत कैसे सस्ती हो गईं कैंसर की दवाएं? 

इसके पीछे की बड़ी वजह है  एंटी-कैंसर दवाओं पर ट्रेड मार्जिन को एमआरपी (MRP) का अधिकतम 30 तय किया जाना। पहले  कंपनियां और डीलर कैंसर की दवाओं पर 100 से लेकर 500 प्रतिशत तक का भारी मुनाफा (मार्जिन) वसूलते थे। अब सरकार ने 137 गैर-अनुसूचित एंटी-कैंसर दवाओं पर ट्रेड मार्जिन को एमआरपी (MRP) का अधिकतम 30 फीसदी तय कर दिया है। 

केंद्र सरकार ने 17 अक्टूबर 2026 को 137 गैर-अनुसूचित एंटी-कैंसर दवाओं पर ट्रेड मार्जिन 30 फीसदी तक सीमित करने का आदेश जारी किया, इसके बाद कंपनियों से नई कीमतों की जानकारी मांगी गई और NPPA ने 28 अक्टूबर को 543 ब्रांडों की संशोधित MRP सूची जारी कर दी।

 

इसके साथ ही सरकार ने दवा कंपनियों को नई कीमतें जारी करने के साथ पर्याप्त उत्पादन और सप्लाई बनाए रखने को भी कहा है, ताकि कीमतों में कटौती के बाद दवाओं की उपलब्धता प्रभावित न हो।

सुप्रीम कोर्ट ने भी उठाए थे सवाल

कैंसर की दवाओं की कीमतों में अंतर को लेकर सुप्रीम कोर्ट में भी यह मुद्दा उठाया गया। हाल ही में एक सुनवाई के दौरान अदालत के सामने एक मामले रखा गया, जिसमें डिस्ट्रीब्यूटर को करीब 11,000 में मिलने वाले कीमोथेरेपी इंजेक्शन के लिए एक निजी अस्पताल द्वारा मरीज से ₹1.30 लाख वसूलने की बात कही गई। इसपर कोर्ट ने दवा की खरीद कीमत और मरीज से वसूली जाने वाली रकम के बीच इतना बड़ा अंतर पर सवाल उठाया और कहा कि इसे कैसे उचित ठहराया जा सकता है। इस मामले में कोर्ट ने मरीजों पर इलाज के बढ़ते आर्थिक बोझ और दवाओं की कीमतों को कंट्रोल करने के सिस्टम पर चिंता जताई थी।

कैसे चेक करें दवाओं की नई कीमत?

एजसाइटिन और थायोटेप के अलावा डासैटिनिब, लेंवाटिनिब और ओलापैरिब जैसी दवाओं की कीमतों में भी बड़ी कटौती हुई है। हालांकि कैंसर की कुछ दवाओं की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। नई दरें 9 नवंबर 2026 से लागू हो जाएंगी। मरीज और उनके परिजन दवा की संशोधित कीमत NPPA की आधिकारिक वेबसाइट या Pharma Sahi Daam ऐप पर देख सकते हैं।

Related Topic:#Cancer

और पढ़ें