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CBSE ने पेपर लीक की खबरों को बताया झूठ, अफवाह फैलाने वालों पर कार्रवाई

CBSE बोर्ड ने पेपर लीक की अफवाहों को गलत बताया है और कहा है कि ऐसी गलत खबर फैलाने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। ये है पूरा मामला।

Image of CBSE board exam

सांकेतिक चित्र।(Photo Credit: File Photo)

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केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड- CBSE ने सोमवार को 2025 की बोर्ड परीक्षा के क्वेशन पेपर लीक होने की अफवाहों को पूरी तरह से गलत और निराधार बताया। बोर्ड का कहना है कि कुछ असामाजिक तत्व सोशल मीडिया पर ऐसी झूठी खबरें फैला रहे हैं, जिससे छात्र और अभिभावकों में बेवजह घबराहट पैदा हो रही है। CBSE ने कहा है कि ऐसी अफवाहों पर ध्यान न दें और आधिकारिक स्रोत से मिलने वाली जानकारी पर ही ध्यान दें।

44 लाख छात्र दे रहे हैं परीक्षा

बता दें कि इस साल 15 फरवरी से शुरू हुई परीक्षाओं में लगभग 44 लाख छात्र कक्ष 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा में शामिल होंगे। बोर्ड की परीक्षाएं 4 अप्रैल तक चलेंगी, जिसके लिए देश और विदेशों के करीब 8,000 स्कूलों के छात्र इनमें भाग ले रहे हैं।

 

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बोर्ड ने कहा की उन्हें जानकारी मिली है कि कुछ लोग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे यूट्यूब, फेसबुक और 'X' पर पेपर लीक होने के झूठे दावे कर रहे हैं या यह कह रहे हैं कि उनके पास परीक्षा के पेपर पहले से ही मौजूद हैं। CBSE ने स्पष्ट रूप से कहा है कि ये सभी दावे पूरी तरह से गलत और लोगों को गुमराह करने के लिए फैलाए जा रहे हैं।

गलत जानकारी देने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी

CBSE ने स्पष्ट कहा है कि वह इस तरह की अफवाह फैलाने वालों पर नजर रखी जा रही है और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई भी की जा रही है। बोर्ड लॉ एन्फोर्स्मन्ट एजेंसियों के साथ मिलकर ऐसे लोगों की पहचान कर रही है और उन पर कानूनी कार्रवाई करने में जुटा है। जो छात्र या अन्य लोग इस तरह की गतिविधियों में शामिल पाए जाएंगे, उन्हें कड़ी सजा भुगतनी पड़ सकती है।

 

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CBSE के परीक्षा नियमों के अनुसार, अगर कोई छात्र सोशल मीडिया पर परीक्षा से जुड़ी कोई भी गलत या भ्रामक जानकारी देता है या पेपर लीक करने की कोशिश करता है, तो उसे ये परीक्षा और आने वाले तीन सल की परीक्षाएं नहीं देने दी जाएगी। इतना ही नहीं, उस छात्र के खिलाफ IPC की संबंधित धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।


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