logo

मूड

ट्रेंडिंग:

'किया वादा निभाओ', CJP ने लगाया विश्वासघात का आरोप, आंदोलन की दी चेतावनी

CJP ने केंद्र सरकार पर जंतर-मंतर आंदोलन खत्म कराते समय किए वादे पूरे न करने का आरोप लगाया है। संगठन ने इसे युवाओं से विश्वासघात बताया और वादे न पूरे होने पर फिर आंदोलन की चेतावनी दी है।

CJP accuses Centre of vishwasghat and warns another Jantar Mantar like protest

कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके, Photo Credit: Social Media

शेयर करें

google_follow_us

संबंधित खबरें

Advertisement

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने केंद्र सरकार पर जंतर-मंतर आंदोलन खत्म कराने के दौरान किए गए वादों को पूरा नहीं करने का आरोप लगाया है। संगठन का कहना है कि सरकार ने युवाओं से जो भरोसा दिलाया था उसे अब पूरा करने में टालमटोल की जा रही है। CJP ने इसे युवाओं के साथ विश्वासघात बताया है और चेतावनी दी है कि अगर वादे पूरे नहीं हुए तो वह दोबारा आंदोलन का रास्ता अपना सकता है।

 

CJP ने कहा कि शांतिपुर्ण आंदोलन खत्म कराने के लिए सरकार की ओर से किए गए हर वादे को पूरी तरह लागू किया जाना चाहिए। संगठन के मुताबिक, सरकार अब इन वादों को कमजोर करने, टालने या उनकी व्याख्या बदलने की कोशिश कर रही है। CJP ने कहा कि वह युवाओं के भरोसे के साथ किसी तरह का समझौता नहीं होने देगा।

 

यह भी पढ़ें: आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़, खालिस्तानी अर्श डल्ला के 4 गुर्गे अरेस्ट

CJP ने क्यों दी आंदोलन की चेतावनी?

CJP के मुताबिक, छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज FIR को रद्द करने के मामले में कोर्ट की ओर से सरकार से बार-बार जानकारी मांगी गई है। इसके बावजूद सरकार ने अभी तक FIR की पूरी सूची उपलब्ध नहीं कराई है। संगठन ने आरोप लगाया कि आंदोलन खत्म होने के बाद सरकार अपने वादों से पीछे हटती नजर आ रही है। CJP के सह-संयोजक सौरव दास और लीगल अफेयर्स लीड रत्ना सिंह ने भी सरकार के रवैये पर सवाल उठाए। संगठन का कहना है कि आंदोलन खत्म कराने के लिए किए गए वादों को पूरा करना सरकार की जिम्मेदारी है।

आगे की रणनीति पर होगा फैसला

CJP ने बताया कि 24 अगस्त को संगठन की बैठक होगी। इसमें आगे की रणनीति तय की जाएगी। संगठन ने छात्रों, युवाओं, समर्थकों और अपने कार्यकर्ताओं से तैयार रहने की अपील की है। CJP का दावा है कि सरकार की ओर से उसके प्रतिनिधियों से अब तक संपर्क नहीं किया गया है। संगठन ने खास तौर पर NEET से जुड़े मामलों में आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को आर्थिक मुआवजा देने के वादे का मुद्दा उठाया है।

 

यह भी पढ़ें: रोहित पवार के PA की बेटी की मिली लाश, मां से गुस्सा होकर घर से निकली थी

25 जुलाई को खत्म हुआ था आंदोलन

CJP ने 25 जुलाई को एक महीने से ज्यादा समय तक चले जंतर-मंतर आंदोलन को खत्म किया था। उस समय संगठन ने दावा किया था कि सरकार ने उसकी प्रमुख मांगें स्वीकार कर ली हैं। इनमें NEET पेपर लीक से जुड़ी घटनाओं में आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को अधिकतम संभव मुआवजा, केंद्र और NDA शासित राज्यों में दर्ज FIR वापस लेना और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ भविष्य में कार्रवाई नहीं करना शामिल था।

 

इसके अलावा CJP ने परीक्षा सुधार से जुड़ा पांच सुत्रीय चार्टर भी सरकार को दिया था। संगठन का कहना है कि इन सुधारों पर सरकार के साथ आगे बातचीत होनी थी। अब CJP ने साफ कर दिया है कि वादे पूरे नहीं हुए तो आंदोलन फिर शुरू किया जा सकता है।


और पढ़ें